आजाद भारत के इतिहास में पहली बार भारतवासियों को निःशुल्क चिकित्सा का मिल रहा है लाभ: योगी आदित्यनाथ

> मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना की पहली वर्षगांठ पर आयोजित आयुष्मान भारत दिवस कार्यक्रम को सम्बोधित किया।


> डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'साल एक आयुष्मान अनेक' का प्रदर्शन तथा हॉस्पिटल बुकलेट व कॉफी टेबल बुक का विमोचन।


> प्रदेश में अब तक 47 लाख 09 हजार 86 लाभार्थियों को गोल्डेन कार्ड प्रदान किये जा चुके हैं।


> प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत प्रदेश में अब तक 1.87 लाख लाभार्थियों द्वारा निःशुल्क इलाज प्राप्त किया गया है। 



लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कहा कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना दुनिया की सबसे बड़ी चिकित्सा बीमा योजना है। समाज के वंचित, पिछड़े एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिनांक 23 सितम्बर, 2018 से 'आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत की गयी थी। इस योजना के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आजाद भारत के इतिहास में पहली बार 'आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' के अन्तर्गत करोड़ों भारतवासियों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उन्हें गम्भीर बीमारियों के इलाज हेतु निःशुल्क चिकित्सा का लाभ मिल रहा है।



मुख्यमंत्री सोमवार को यहां अपने सरकारी आवास पर आयुष्मान भारत योजना की पहली वर्षगांठ पर आयोजित आयुष्मान भारत दिवस कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब आयुष्मान भारत योजना लागू की गयी थी, तब कई चुनौतियां थीं। सरकार ने कार्ययोजना बनाकर इसे समयबद्ध ढंग से जरूरतमंद तक पहुंचाने का कार्य किया। लोक कल्याण की यह बड़ी योजना है और इसके तहत बिना भेदभाव पात्रों को आच्छादित किया जा रहा है। यह योजना प्रधानमंत्री जी की स्वस्थ व समर्थ भारत की संकल्पना को साकार करने में सहायक सिद्ध हो रही है। इस योजना के माध्यम से समाज के गरीब वर्गों को 05 लाख रुपये तक चिकित्सा बीमा कवर दिया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना से लाभान्वित 40 लाभार्थियों को उपहार भी प्रदान किये।



मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ एसईसीसी-2011(सोशिओ इकनोमिक कास्ट सेंसस) की पात्रता सूची में चिन्हित 1.18 करोड़ परिवारों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहल करते हुए लगभग 8.55 लाख ऐसे परिवार भी चिन्हित किये, जिनका नाम एसईसीसी-2011 की पात्रता सूची में किन्हीं कारणों से छूट गया था और वह प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभों से वंचित हो गये थे। उन्हें राज्य सरकार द्वारा अपने बजट से 'मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान' के माध्यम से योजना का लाभ दिया जा रहा है। इस अवसर पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'साल एक आयुष्मान अनेक' का प्रदर्शन तथा हॉस्पिटल बुकलेट व कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक 1910 चिकित्सालयों (1444 निजी एवं 466 सरकारी) को आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत सूचीबद्ध किया जा चुका है, जिनमें से 25 मेडिकल कॉलेज हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक आयुष्मान भारत योजना के तहत 47 लाख 09 हजार 86 लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करते हुए उन्हें गोल्डेन कार्ड प्रदान किये जा चुके हैं। योजना के अन्तर्गत प्रदेश में अब तक 1.87 लाख लाभार्थियों द्वारा निःशुल्क इलाज प्राप्त किया गया है। कुल मरीजों में से 32 हजार मरीजों ने टर्शियरी स्तर एवं 1.50 लाख मरीजों ने सेकेण्डरी स्तर की चिकित्सा का लाभ उठाया है। अब तक 135 करोड़ रुपये से अधिक की क्लेम धनराशि का भुगतान चिकित्सालयों को किया जा चुका है। सूचीबद्ध चिकित्सालयों में लाभार्थियों की पहचान करने एवं मरीजों की सहायता के लिए 'प्रधानमंत्री आरोग्य मित्रों' की तैनाती एवं मरीजों की सहायता हेतु अलग से 'हेल्प डेस्क' स्थापित की गयी है।



उन्होंने कहा कि गोरखपुर एवं रायबरेली एम्स में ओपीडी सेवा तथा एमबीबीएस में प्रवेश प्रारम्भ हो गया है। 15 नये मेडिकल कॉलेजों की स्थापना का कार्य प्रगति पर है, जिनमें से 07 मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पढ़ाई प्रारम्भ हो गयी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने तय किया है कि एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों से एक बॉण्ड भराया जाएगा, जिसके अन्तर्गत उन्हें दो वर्ष की सेवा ग्रामीण क्षेत्रों में देनी होगी तथा एमडी व एमएस करने वालों से भी बॉण्ड भराया जाएगा तथा उन्हें भी ग्रामीण क्षेत्रों में एक वर्ष की सेवा देनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने तकनीक का प्रयोग करते हुए टेलिमेडिसिन को भी बढ़ावा देने का कार्य किया है। जनपद बलरामपुर में केजीएमयू का एक सैटेलाइट सेण्टर स्थापित किया जा रहा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से लाभार्थी पूरे देश में कहीं भी लाभ ले सकता है। इस योजना से गरीबों को आर्थिक सम्बल प्राप्त हुआ है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने सभी का आभार व्यक्त किया। प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य देवेश चतुर्वेदी ने कहा कि योजना से अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके। इसके लिए जिला स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।



ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना के कुशल संचालन, अनुश्रवण एवं निगरानी हेतु 24x7 डेडिकेटेड काल सेन्टर-1800 1800-4444 की स्थापना की गयी है। इसके माध्यम से न सिर्फ शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है अपितु लाभार्थियों का नियमित फीडबैक भी प्राप्त किया जा रहा है। लाभार्थियों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर संदिग्ध मामलों का भौतिक सत्यापन भी कराया जाता है। प्रदेशवासियों को प्रभावी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 'एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस सेवा' संचालित है। प्रदेश के समस्त जनपदों में आयुष्मान भारत पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है। 15 सितम्बर से 02 अक्टूबर, 2019 तक निःशुल्क मेडिकल चेकअप कैम्प लगाया जा रहा है। 03 सितम्बर से 02 अक्टूबर, 2019 तक प्रदेश के समस्त ग्राम पंचायतों में विशेष गोल्डेन कार्ड अभियान चलाया जा रहा है। इस विशेष अभियान के अन्तर्गत, अब तक 05 लाख से अधिक कार्ड वितरित किये जा चुके हैं। इस अभियान के तहत प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों में लाभार्थी परिवारों की सूची चस्पा की गयी है। 23 सितम्बर, 2019 को प्रदेश के समस्त जनपदों में आयुष्मान भारत दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं योजना के लाभार्थी उपस्थित थे।