भारतीय कुश्ती महासंघ ने बजरंग पुनिया की विवादास्पद हार के बाद विश्व कुश्ती संस्था  को लिखा पत्र


नूर सुल्तान। भारतीय कुश्ती महासंघ ने विश्व के नंबर एक पहलवान बजरंग पुनिया की विश्व कुश्ती प्रतियोगिता के 65 किग्रा फ्री स्टाइल वर्ग में मेज़बान देश के दौलत नियाज़बेकोव के हाथों विवादास्पद हार के बाद विश्व कुश्ती संस्था को पत्र लिखकर विरोध जताया है। बजरंग और नियाज़बेकोव के बीच मुकाबला 9-9 से बराबर रहा था लेकिन मुकाबले के दौरान नियाजबेकोव के एक दांव पर चार अंक हासिल करने के कारण अंत में उन्हें विजेता घोषित किया। बजरंग ने बाद में कांस्य पदक मुकाबला जीता और देश को अोलंपिक कोटा भी दिलाया। कुश्ती महासंघ ने बताया कि उनकी ओर से विश्व कुश्ती संस्था यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग को केवल समीक्षा के लिये आग्रह भेजा गया है और इसके जवाब में संचालन आयोग के अध्यक्ष ने आश्वासन दिया है कि भारतीय मुकाबलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आयोग ने भी महसूस किया था कि इस मुकाबले के दौरान कुछ फैसले गलत थे। इन फैसलों की अर्जुन अवार्डी कोच कृपाशंकर और ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त ने कड़ी आलोचना की थी। योगेश्वर ने ट्विटर पर कहा," इस मुकाबले को देखकर कोई भी गलत सही का अंतर महसूस कर सकता है, लेकिन अंपायर को यह सब नहीं दिखाई दिया। ऐसे बड़े टूर्नामेंट में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। सबने देखा कि कजाखिस्तान का पहलवान गलत तरीके से खेल रहा था।” जाने माने कोच और अर्जुन अवार्डी कृपाशंकर ने बजरंग की सेमीफानल में हार पर सवाल उठाये हैं। उन्होंने कहा कि सारा विवाद दूसरे और अंतिम 3 मिनट के राउंड के दौरान हुआ जहां रेफरी तो अपना काम ईमानदारी से कर रहा था पर मैट चेयरमैन और जज ने अपना काम ईमानदारी के साथ नहीं किया।