एनएचएआई राजमार्ग परियोजनाओं के निर्माण के लिए फिर से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का रास्ता खोलेगा


भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे खंडों की पहचान की है जहां राजमार्गों का निर्माण बनाओ, चलाओ और हस्तांतरण मोड पर सार्वजनिक निजी भागीदारी से किया जाएगाइन खंडों का चयन संभावित बोलीकर्ताओं के साथ विचार-विमर्श के बाद किया गया है। एनएचएआई ने इन खंडों 4/6 लेन के राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के लिए एनुअल प्री क्वालिफिकेशन के आधार पर प्रस्ताव मांगे हैं। एनुअल प्री क्वालिफिकेशन की प्रक्रिया से न केवल बोली की प्रक्रिया सुगम होगी बल्कि इससे बाजार की प्रतिक्रिया के बारे में भी जानकारी मिल सकेगीमौजूदा आरएफएक्यू (रिक्वेस्ट फॉर कोटेशन) में इसे उद्योगों के अनुकूल बनाने के लिए कुछ बदलाव किए गए हैं। कुल 950 किलोमीटर वाले जिन खंडों में करीब 30,000 करोड़ रुपये की लागत से राजमार्गों का निर्माण किया जाना है वे आंध्र प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में हैं।