कॉरपोरेट टैक्स में कटौती ने भारत को एफडीआई के लिए बनाया है आकर्षक गंतव्य: रविशंकर प्रसाद

> एप्पल ने भारत में उत्पादन कर दिया है शुरू।


> पांच बिलियन डॉलर की अर्थव्यब था से संबंधित लक्ष्य में आईसीटी क्षेत्र की हिस्सेदारी एक ट्रिलियन डॉलर होने की संभावना।



केंद्रीय कानून और न्याय, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने 24 सितंबर को निवेश DIGICOM-2019 के उद्घाटन पर प्रकाशन जारी किया। सचिव (दूरसंचार), श्री अंशु प्रकाश भी देखे गए।


नई दिल्ली। केंद्रीय संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा दूरसंचार बाजार है और यह परिवर्तन के मुहाने पर खड़ा है। इसके लिए अतिरिक्त एफडीआई की आवश्यकता हैमंगलवार को इन्वेस्ट डिजिकॉम 2019 को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट टैक्स में कटौती ने भारत को एफडीआई के लिए अधिक आकर्षक गंतव्य बना दिया हैविनिर्माण के क्षेत्र में दी गई टैक्स छूट से भारत में वियतनाम और थाइलैंड के समान-समान कर व्यब था हो गई है। एप्पल जैसी कंपनियों के लिए भारत एक बड़ा बाजार है। यह कंपनियां यहां निर्माण कर सकती है और बड़े पैमाने पर निर्यात भी कर सकती है। एप्पल ने भारत में उत्पादन शुरू कर दिया है।



श्री प्रसाद ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान एफडीआई में बढ़ोत्तरी हुई है और वित्त वर्ष 2019 में 64 बिलियन डॉलर का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश हुआ है। दूरसंचार के क्षेत्र में 2.67 बिलियन डॉलर का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश हुआ है जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के क्षेत्र में 6.4 बिलियन डॉलर का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश हुआ है। प्रधानमंत्री के विज़न डिजिटल इंडिया के बारे में श्री प्रसाद ने कहा कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, आईओटी(इंटरनेट ऑफ थिंग्स)) और सूचना प्रौद्योगिकी और संचार (आईसीटी) क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। 2024 तक पांच बिलियन डॉलर की अर्थव्यब था से संबंधित लक्ष्य में आईसीटी क्षेत्र की हिस्सेदारी एक ट्रिलियन डॉलर होने की संभावना है। डिजिटल संचार आयोग के चेयरमैन तथा दूरसंचार विभाग के सचिव अंशु प्रकाश ने कहा कि क्षेत्र में निरंतर और दीर्घावधि निवेश की आवश्यकता है। डीसीसी, दूरसंचार विभाग के सदस्य (वित्त) पी.के.सिन्हा ने दूरसंचार क्षेत्र में एफडीआई की पृष्ठभूमि के संबंध में जानकारी दी। डीसीसी, दूरसंचार विभाग के सदस्य (प्रौद्योगिकी) पी के सिन्हा ने भी संबोधित किया तथा डॉट के सलाहकार (वित्त) दिलीप पाधे ने धन्यवाद ज्ञापन कियाइस कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रतिनिधि, तकनीकी विशेषज्ञ, वकील, अर्थशास्त्री, शिक्षा जगत और सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।