मुख्यमंत्री ने भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधिमण्डल से भेंट की

>मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को किया निर्देशित, अतिवृष्टि से किसानों की फसलों को हुई क्षति का सर्वे कराकर मुआवजा राशि वितरण प्रत्येक दशा में 15 दिन में पूरी की जाए।


>किसानों को ट्रैक्टर-ट्रॉली से खाद्यान्न, गन्ना एवं चारा की ढुलाई में मोटर परिवहन एक्ट के तहत न हो कोई परेशानी।



लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि राज्य सरकार के लिए किसानों का हित सर्वोपरि है। प्रदेश सरकार किसानों की खुशहाली तथा कृषि विकास के लिए गम्भीरता से कार्य कर रही है। किसानों की समस्याओं का समाधान प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री जी यहां आज अपने सरकारी आवास पर भारतीय किसान यूनियन के एक प्रतिनिधिमण्डल के साथ भेंट कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने मंत्रिपरिषद की प्रथम बैठक में प्रदेश के लघु और सीमान्त किसानों के एक लाख रुपये तक के फसली ऋण माफ करने का निर्णय हुए किसान हित के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट कर दी थीप्रधानमंत्री श्री मोदी जी की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार किसानों की आय दोगुना करने के लिए सतत् प्रयासरत है। इसके दृष्टिगत, किसानों को समर्थन मूल्य से अधिक कीमत दी जा रही है। प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दैवीय आपदाओं से प्रभावित किसानों को समय से मुआवजा राशि उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार कृतसंकल्पित है। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि अतिवृष्टि से किसानों की फसलों को हुई क्षति का सर्वे कराकर अतिवृष्टि की क्षतिपूर्ति की धनराशि प्रभावित किसानों को उपलब्ध करायेंसर्वे तथा मुआवजा राशि के वितरण की पूरी प्रक्रिया अभियान चलाकर प्रत्येक दशा में 15 दिन में पूरी की जाए। मुख्यमंत्री ने मण्डल स्तर पर पशु आरोग्य मेला आयोजित किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी मण्डलों में पशु आरोग्य मेले सुव्यवस्थित रूप से आयोजित किये जाएं और इस सम्बन्ध में व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा पशुपालक एवं किसान इनमें शामिल हो सकें। इन आयोजनों में पशुपालकों को पशुओं को रोग मुक्त करने, पशुओं के पौष्टिक आहार, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के सम्बन्ध में उपयोगी जानकारी दी जाए तथा पशुओं के उपचार व टीकाकरण की भी व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गन्ना किसानों के हितों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चीनी मिलें ठीक से संचालित हों, इसके लिए एक ठोस कार्ययोजना बनाकर उसे लागू करें। उन्होंने सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों द्वारा गन्ना मूल्य की लम्बित धनराशि का तत्काल भुगतान किये जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि ऊर्जा विभाग को-जनरेशन प्लाण्ट से उत्पादित विद्युत की धनराशि का चीनी मिलों को अविलम्ब भुगतान सुनिश्चित कराये। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि किसानों को ट्रैक्टर-ट्रॉली से खाद्यान्न, गन्ना एवं चारा की ढुलाई में मोटर परिवहन एक्ट के तहत कोई परेशानी न हो।