मछुआरा बाहुल्य ग्रामों में सामुदायिक भवन सहित अवसंरचनात्मक सुविधाएं की जाएगी स्थापित

> मत्स्य पालक कल्याण कोष की स्थापना व उसके कार्यान्वयन हेतु उ0प्र0 मत्स्य (विकास एवं नियंत्रण) नियमावली, 2019 को प्रख्यापित करने का प्रस्ताव मंजूर।


> उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक कल्याण कोष के समुचित अनुरक्षण के लिए मत्स्य निदेशालय में एक इकाई स्थापित की जाएगी।



लखनऊ। मंत्रिपरिषद ने मत्स्य पालक कल्याण कोष की स्थापना व उसके कार्यान्वयन हेतु उत्तर प्रदेश मत्स्य (विकास एवं नियंत्रण) नियमावली, 2019 को प्रख्यापित किये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। लोक कल्याण संकल्प पत्र-2017 में मत्स्य पालन को बढ़ावा दिये जाने एवं उससे जुड़े लोगों के कल्याण के निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप यह निर्णय लिया गया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2019-20 में उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक कल्याण कोष के व्यापक संचालन हेतु 25 करोड़ रुपये का बजट प्राविधान किया गया है। उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक कल्याण कोष का उद्देश्य मत्स्य पालकों के कल्याण एवं विकास सम्बन्धी कार्यक्रमों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। यह कोष राज्य के समस्त जिलों के मत्स्य पालकों और मछुआरों के लिए संचालित होगा। इसके उद्देश्यों की पूर्ति के लिए कार्यों का सम्पादन मत्स्य विभाग उत्तर प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश मत्स्य जीवी सहकारी संघ लि0 द्वारा किया जाएगा। कोष का मुख्यालय मत्स्य निदेशालय, लखनऊ में होगा। कोष के माध्यम से मत्स्य पालक/ मछुआरा बाहुल्य ग्रामों में सामुदायिक भवन सहित अवसंरचनात्मक सुविधाओं की स्थापना की जाएगी। दैवीय आपदा से हुई किसी क्षति की स्थिति में मत्स्य पालक/ मछुआरा परिवार को वित्तीय सहायता का उपबन्ध किया जाएगा। इसके अलावा, चिकित्सा सहायता, वृद्धावस्था सहायता, शिक्षा हेतु सहायता (कोचिंग, कौशल उन्नयन, छात्रवृत्ति आदि) एवं वैवाहिक सहायता भी प्रदान की जाएगी। केन्द्र सरकार से इतर उनके द्वारा नियत मानकों पर मछुआ आवास निर्माण के लिए सहायता दी जा सकेगी। मत्स्य पालक/ मछुआ परिवारों की महिलाओं को सशक्त करना, मछली पकड़ने के जाल/ उपकरणों की सुविधा की व्यवस्था करना और मछली विक्रय हेतु मोपेड आइस बाक्स आदि उपलब्ध कराना भी कोष के उद्देश्यों में शामिल हैं। कोष के माध्यम से मत्स्य सम्बन्धी अल्पकालिक तथा दीर्घकालिक बैंक ऋण/ मत्स्य पालक क्रेडिट कार्ड हेतु ब्याज पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। आर्थिक सहायता की दरें उत्तर प्रदेश राज्य सरकार के विनिश्चय के अनुसार होगी। जल जीवन पालन सम्बन्धी गतिविधियों हेतु विद्युत पर राज्य सहायता। उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक कल्याण कोष की व्यवस्था और उसका संचालन कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में गठित की जाने वाली प्रबन्ध समिति द्वारा किया जाएगा। कोष के समुचित अनुरक्षण के लिए मत्स्य निदेशालय में एक इकाई स्थापित की जाएगी।


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