पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद तत्काल नियुक्ति सुनिश्चित करेगा आईआईटी

> आईआईटी के एम टेक पाठ्यक्रमों में मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने किया सुधार।


> छात्र को कमजोर वित्तीय िथति के कारण शिक्षा के अवसर से वंचित नहीं किया जाएगा।



नई दिल्ली। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आईआईटी में एम टेक पाठ्यक्रमों के शुल्क में बढ़ोतरी से संबंधित खबर के बारे में एक स्पष्टीकरण जारी किया है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि आईआईटी में एम टेक पाठ्यक्रमों में सुधारों पर तीन सदस्यीय समिति की सिफारिशों को स्वीकार करने का आईआईटी परिषद का निर्णय निम्नलिखित तथ्यों पर आधारित है:-


• वर्तमान छात्रों के लिए शुल्क में कोई वृद्धि नहीं की गई है।


• नए नामांकनों के लिए, वृद्धि तीन साल या उससे अधिक की अवधि के लिए क्रमिक होगी, जैसा कि आईआईटी के संबंधित बोर्ड ऑफ गवर्नर्स द्वारा निर्णय किया जाएगा।


• जरूरतमंद छात्रों को आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।


• अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग और अन्य के लिए सभी रियायतें और छात्रवृत्ति बिना परिवर्तन जारी रहेंगी।


• शुल्क में वृद्धि गैर-गंभीर छात्रों को निरूत्साहित करेगी, जो आईआईटी में कुछ महीनों के प्रवास के बाद, पाठ्यक्रमों को बीच में ही नौकरी करने या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छोड़ देते हैं।


• पाठ्यक्रमों को इस तरीके से बीच में छोड़ने से एक तरफ इच्छित सीटों का नुकसान होता है और दूसरी तरफ यह गंभीर और मेधावी छात्रों को अवसर से वंचित कर देता है।


• आईआईटी केवल उन्हीं पाठ्यक्रमों की पेशकश करेगा जिनकी बाजार में मांग है। यह पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद तत्काल नियुक्ति सुनिश्चित करेगा।


• अच्छे और योग्य छात्रों को शिक्षण सहायता / छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।


• आईआईटी में एम टेक पाठ्यक्रमों के लिए शुल्क को लंबे समय से संशोधित नहीं किया गया है, जबकि प्रति छात्र लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।