सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए 'फाइव-पी' पर काम करना आवश्यक: योगी आदित्यनाथ

भेदभाव को दूर करने में गांधी दर्शन का विशेष महत्व है: योगी


> 05 ट्रिलियन डॉलर करने का लक्ष्य , प्रदेश के 75 जनपदों की जी0डी0पी0 पर बनानी होगी कार्ययोजना। 


> वर्तमान सरकार ने किया है सभी वनटांगिया ग्रामों को राजस्व ग्राम का दर्जा देने का काम।


> सरकार के प्रयासों से 54 लाख मीट्रिक टन कचरा प्रदेश की मण्डियों से निकाला गया।


> राज्य सरकार द्वारा लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंसेज़ की संख्या बढ़ाकर 250 की गयी है। 


> गोरखपुर और रायबरेली एम्स में छात्र-छात्राओं का प्रवेश और ओ0पी0डी0 प्रारम्भ हो गयी है।


> पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के मुख्य मार्ग को वर्ष 2020 में संचालित कर दिया जाएगा।


> फ्रीट कॉरिडोर का जंक्शन प्रदेश के दादरी में है, इसे लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित किया जाएगा।


> पुलिस आधुनिकीकरण के लिए लखनऊ में फॉरेन्सिक विश्वविद्यालय की स्थापना का लिया गया है निर्णय।



लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को यहां विधान परिषद में विशेष सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य की 23 करोड़ जनता को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए 'फाइव-पी' पर काम करने की आवश्यकता है। यह 'फाइव-पी'–पीपुल, प्रॉसपेरिटी, पीस, पार्टनरशिप और प्लानेट अर्थात लोग, सम्पन्नता, शांति, साझेदारी और पृथ्वी। इसके लिए 17 गोल निर्धारित किये गये थे, जिनके 169 लक्ष्य तय किये गये हैं। उन्होंने कहा कि भारत की ऋषि परम्परा सम्पूर्ण विश्व को एक कुटुम्ब के रूप में देखती है। भारत की इस वैदिक परम्परा की अवधारणा को दुनिया के सामने वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने रखा था। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ में अपने सम्बोधन में इस बात का उल्लेख किया था कि मानवता तब आगे बढ़ेगी, जब वह सामूहिक रूप से दुनिया के प्रति अपने दायित्वों और भविष्य के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करेगी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सस्टेनेबुल डेवलपमेन्ट गोल्स को वर्ष 2030 तक प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित है। अलग-अलग देश बेहतर समन्वयन, स्टेक होल्डर, जनसहभागिता और शासन-प्रशासन के माध्यम से इन लक्ष्यों को प्राप्त करेंगे। वर्ष 2016 में इन लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक कार्य योजना यू0एन0ओ0 ने घोषित की। भारत सहित दुनिया के सभी 193 देशों ने इसे अंगीकार किया। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से यह कार्यक्रम आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत के सभी महत्वपूर्ण स्थलों से जुड़ा है। भारत की प्राचीन समृद्ध परम्परा के प्रतीक काशी, अयोध्या, प्रयागराज, मथुरा, और नैमिशारण्य तीर्थ उत्तर प्रदेश में ही हैं। प्रधानमंत्री जी की कर्मभूमि वाराणसी भी उत्तर प्रदेश में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयन्ती पर चर्चा की जानी चाहिए। उनका जीवन दर्शन हम सभी को प्रेरित करता है। उस काल खण्ड में गांधी जी के यशस्वी नेतृत्व ने सादगी, स्वच्छता, स्वदेशी, ग्राम स्वराज और स्वावलम्बन के माध्यम से आजादी की लड़ाई में नयी जान फूंकी। गांधी जी के नेतृत्व में अंग्रेजी राज का सूरज अस्त हुआ, जिसके बारे में सामान्य धारणा थी कि अंग्रेजों के राज में सूरज अस्त नहीं होता। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी के नेतृत्व के भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन ने पूरी दुनिया को इसलिए आश्चर्य और कौतूहल से भर दिया कि विचारों की क्रान्ति के माध्यम से लोगों में व्यापक भावना जागृत कर लोकतांत्रिक ढंग से शान्तिपूर्वक संघर्ष किया जा सकता है। इसने दुनिया के तमाम देशों को प्रेरित किया। दक्षिण अफ्रीका ने रंगभेद के विरुद्ध संघर्ष में गांधी जी के सिद्धान्तों को आदर्श बनाया। उन्होंने कहा कि जब भी सत्य, अहिंसा, सादगी, स्वच्छता, स्वराज, स्वावलम्बन की बात होगी, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी याद किये जाएंगे और दुनिया प्रेरणा के लिए भारत की ओर देखेगी। यह भारत का सौभाग्य है कि गांधी जी की 150वीं जयन्ती पर 120 से अधिक देश प्रेरणा और प्रकाश प्राप्त कर रहे हैं। भेदभाव को दूर करने में गांधी दर्शन का विशेष महत्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 16 गोल्स पर कार्य किया जाना है, जिस पर हमारे मंत्रिगण, विधान सभा व विधान परिषद के सदस्यों द्वारा विस्तार से चर्चा की गयी है। प्रधानमंत्री जी का मानना है कि खुशहाली सर्वांगीण विकास का आधार है। अगर समाज का कोई तबका कमजोर रह जाता है तो वह समाज के लिए अच्छा नहीं है। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2024 तक देश की इकोनामी को 05 ट्रिलियन डॉलर करने का लक्ष्य रखा है, उसे पूरा करने में उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा सहायक हो सकता है। इसके दृष्टिगत हमें अपने प्रदेश के 75 जनपदों की जी0डी0पी0 पर कार्ययोजना बनानी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद भी बहुत सारी बस्तियों को राजस्व ग्राम की मान्यता नहीं थी, और वे बुनियादी सुविधाओं से वंचित थीं। उन सभी वनटांगिया ग्रामों को राजस्व ग्राम का दर्जा देने का काम वर्तमान सरकार ने किया है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से राज्य के 12 लाख 82 हजार गरीबों को मकान उपलब्ध कराये गये हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित लोगों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराये गये है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से लोगों का विकास किया जा सकता है। मनरेगा के माध्यम से पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश के अन्दर 25 करोड़ कार्य दिवस सृजित किये गये हैं। प्रत्येक व्यक्ति को खाद्य सुरक्षा गारण्टी सरकार ने मुहैया करायी है। साथ ही, बेहतर पोषण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है। प्रदेश में अन्त्योदय गृहस्थी पात्र योजना के तहत 3 करोड़ 55 लाख परिवारों को योजना से आच्छादित किया गया है। कुपोषण से बचने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा वर्कर्स, रसोइयों, पी0आर0डी0 जवान, होमगार्ड जवानों के मानदेय में परफॉर्मेंस बेस्ड वृद्धि की गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से किसानों को तकनीक से जोड़ने का काम किया गया है। इससे किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध हो रहे हैं। वर्तमान सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में न्यूनतम समर्थन मूल्य से ज्यादा दाम किसानों को दिया जा रहा है। मण्डियों में व्यवस्था बहुत खराब थी। सरकार के प्रयासों से 54 लाख मीट्रिक टन कचरा प्रदेश की मण्डियों से निकाला गया। अब मण्डियों में चबूतरा, पेयजल, बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है। 100 मण्डियों को पोर्टल से जोड़ने का काम किया गया है। इससे किसान कहीं भी समान बेच सकता है। पिछले ढाई वर्षों में 74 हजार करोड़ रुपये का भुगतान गन्ना किसानों को किया है। पिपराइच और मुण्डेरवा मिलें चालू की गयी हैं। गन्ने के शीरे से एथेनॉल बनाकर ईंधन की पूर्ति की जाएगी, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी। कोल्हू और खाण्डसारी उद्योग से जुड़ी लाइसेन्स फीस को ऑनलाइन किया गया है।



मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में विगत ढाई वर्षों में राज्य सरकार द्वारा प्रभावी प्रगति की गयी है '108' व '102 एम्बुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम को कम किया गया है। सत्ता में आने के एक महीने के अन्दर ही वर्तमान राज्य सरकार ने सभी जनपदों में दो-दो लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस उपलब्ध करायी है। इनके जरिये विगत ढाई वर्षों में एक लाख लोगों की जान बचायी गयी है। राज्य सरकार द्वारा लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंसेज़ की संख्या बढ़ाकर 250 की गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन तक स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए पी0एच0सी0 तथा सी0एच0सी0 को सुदृढ़ किया गया है। नये पी0एच0सी0 तथा सी0एच0सी0 भी बनाये गये हैं। विभिन्न जनपदों में 170 मेडिकल मोबाइल यूनिट संचालित की जा रही है। मिशन इन्द्रधनुष के अन्तर्गत 07 जानलेवा बीमारियों से टीकाकरण के आच्छादन को 86 प्रतिशत से अधिक किया गया है। राज्य सरकार के प्रयास से मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आयी है। शिशु मृत्यु दर में भी कमी आयी है। आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश के 6 करोड़ 47 लाख लोगों को 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर उपलब्ध कराया गया है। योजना से वंचित रह गये 56 लाख लोगों को मुख्यमंत्री आरोग्य योजना के तहत यही लाभ दिया जा रहा है। राज्य सरकार मेडिकल कॉरपोरेशन के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करा रही है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ में वर्ष 2030 तक टी0बी0 को समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री जी ने देश में वर्ष 2025 तक इसके उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1947 से 2016 तक राज्य में कुल 12 मेडिकल कॉलेज थे। वर्ष 2017 से 2019 के मध्य 16 मेडिकल कॉलेज बनाये जा रहे हैं। इनमें से 07 मेडिकल कॉलेजों में 100-100 छात्र-छात्राओं का प्रवेश भी प्रारम्भ हो गया है। जनपद गोरखपुर और जनपद रायबरेली में स्थापित एम्स में छात्र-छात्राओं का प्रवेश और ओ0पी0डी0 प्रारम्भ हो गयी है। अगले सत्र में 08 मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्रारम्भ किये जाने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार ने प्रदेश में 14 नये मेडिकल कॉलेजों की स्थापना का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने लैंगिक समानता के लिए कदम उठाये हैं। एण्टी रोमियो स्क्वाड के गठन के साथ ही, सक्रिय किया गया है। बालिकाओं को स्नातक तक की शिक्षा निःशुल्क दिये जाने की व्यवस्था की गयी है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का शुभारम्भ करने जा रही है। इसमें कन्या के जन्म, टीकाकरण, प्रथम, छठी, नवीं तथा स्नातक में प्रवेश पर कुल 15,000 रुपये की नकद धनराशि की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा को बेहतर करने के उद्देश्य से स्कूल चलो अभियान को गति दी गयी, जिसका परिणाम रहा एक करोड़ 80 लाख बच्चों का पंजीकरण किया गया है। इन बच्चों को कापी-किताब, बैग, यूनीफॉर्म, जूते-मोजे तथा स्वेटर उपलब्ध कराये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सादगी और स्वदेशी के लिए खादी ग्रामोद्योग और एम0एस0एम0ई0 विभाग द्वारा कार्ययोजना बनायी गयी है। गांधी जी की ग्राम स्वराज की परिकल्पना को तथा एम0एस0एम0ई0 को प्रोत्साहन, 'एक जनपद, एक उत्पाद' योजना, 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान' योजना आदि के माध्यम से साकार किया जा रहा है। खादी को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए तकनीक से जोड़कर लोगों को स्वावलम्बन की ओर अग्रसर किया जा रहा है। इन योजनाओं के तहत, कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट, बैंक से ऋण आदि उपलब्ध कराया जा रहा है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए कार्य कर रही है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के मुख्य मार्ग को वर्ष 2020 में संचालित कर दिया जाएगा। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे पर भी दो महीने में कार्य प्रारम्भ हो जाएगा। मेरठ से प्रयागराज के बीच बनने वाले 640 किलोमीटर लम्बे एक्सप्रेस-वे के लिए भी कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जा रहा है। इण्टर स्टेट राजमार्गों सहित जिला, तहसील, ब्लॉक को जोड़ने वाले मार्गों को सुदृढ़ किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी सम्पर्क मार्गों का जाल तैयार किया जा रहा है। एयर कनेक्टिविटी के लिए भी राज्य सरकार कार्य कर रही है। देश के 55 प्रमुख शहर हवाई मार्ग से राज्य से जुड़े हुए हैं। 11 नये हवाई अड्डों का भी विकास किया जा रहा है। दो इण्टरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट कुशीनगर और गौतमबुद्धनगर में बनाये जा रहे हैं। राज्य के तीन नगरों में मेट्रो रेल संचालित है। कानपुर और आगरा के लिए बजट प्राविधान किया गया है। अन्य शहरों में मेट्रो रेल संचालन के लिए राज्य सरकार कार्ययोजना बना रही है। ईस्ट और वेस्ट फ्रीट कॉरिडोर उत्तर प्रदेश से गुजरते हैं। इनका जंक्शन प्रदेश के दादरी में है। इसे लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित किया जाएगा। डिफेंस कॉरिडोर, एक जनपद, एक उत्पाद' योजनाओं के माध्यम से रोजगार की व्यापक सम्भावनाओं का कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं उन्नति के लिए तत्पर है। विगत दिनों तीन तलाक से प्रभावित महिलाओं से संवाद भी किया गया था। श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई के लिए भी सरकार कार्ययोजना बना रही है। सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति आवश्यक है क्योंकि सिंगल यूज प्लास्टिक विकास में बाधक है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण की दिशा में केन्द्र सरकार के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा पुलिस को बेहतर व्यवस्था देने के उद्देश्य से फॉरेन्सिक लैब स्थापना का निर्णय लिया गया है। समय के साथ अपराध की प्रकृति में बदलाव आया है। इसके मद्देनजर रेंज स्तर पर एक-एक साइबर थाना स्थापित किया जाएगा। प्रदेश में दो साइबर थाने, लखनऊ और नोएडा में स्थापित किये गये हैं। पुलिस के आधुनिकीकरण की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। पुलिस आधुनिकीकरण की कार्ययोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश की राजधानी लखनऊ में फॉरेन्सिक विश्वविद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया गया है।


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