युवा पीढ़ी बुजुर्ग व्यक्तियों को दे उचित सम्मान: थावरचंद गहलोत

> थावरचंद गहलोत ने बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य में वरिष्ठ नागरिकों के वॉकथन' को हरी झंडी दिखाई।



नई दिल्ली। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने गुरुवार सुबह अक्षरधाम मंदिर के पास कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज स्टेडियम में बुजुर्ग व्यक्तियों के अंतर्राष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य में वरिष्ठ नागरिकों के "वॉकथन" को हरी झंडी दिखाई। इस वॉकथन का आयोजन दिल्ली के वरिष्ठ नागरिकों के संघ के सहयोग से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा सं थान (एनआईएसडी) ने आयोजन किया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में सचिव नीलम साहनी, परिसंघ के अध्यक्ष जे आर गुप्ता और कई गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उप िथत थे। इस वॉकथन में दिल्ली के लगभग सभी हिस्सों से बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में पुलिस बैंड का प्रदर्शन, वरिष्ठ नागरिकों द्वारा सांस्कृतिक और संगीत कार्यक्रम तथा योग और फिटनेस सत्रों को शामिल किया गयाअपने संबोधन में थावरचंद गहलोत ने कहा कि उनका मंत्रालय बुजुर्ग व्यक्तियों और वरिष्ठ नागरिकों के समग्र कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उनके मंत्रालय ने वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए अनेक नए कार्यक्रम और योजनाएं शुरू की हैं। उनका मंत्रालय वरिष्ठ नागरिकों और बुजुर्ग व्यक्तियों को उनकी सेवाओं को मान्यता देने के लिए विभिन्न श्रेणियों में प्रतिवर्ष 'वयोश्रेष्ठ सम्मान' प्रदान करता है।



उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में मंत्रालय ने "राष्ट्रीय वयोश्री योजना" शुरू की है। इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले वर्ग के बुजुर्ग व्यक्तियों को फिजिकल एड, सहायक जीवन उपकरण जैसे - व्हील चेयर, हियरिंग एड, चश्मे और सपोर्ट स्टिकसेट केयर वितरित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 1 लाख 13 हजार वयोश्री शिविरों का आयोजन किया गया है, जिनमें वरिष्ठ नागरिकों को 68 करोड़ रुपये के सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं। यह योजना देश के 250 जिलों में शुरू की गई है। उन्होंने विशेष रूप से युवा पीढ़ी से आग्रह किया कि वे बुजुर्ग व्यक्तियों को उचित सम्मान दें। वर्ष 2005 से बुजुर्ग व्यक्तियों के अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर हर साल एनआईएसडी द्वारा बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम "वॉकथन" का आयोजन किया जाता है। इस आयोजन का वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के बारे में जागरूकता पैदा करने तथा बुजुर्ग व्यक्तियों को सम्मान का जीवन प्रदान करने में बहुत महत्व है। इस अवसर पर दौड़, स्लोगन मार्च, योग और फिटनेस सत्रों का आयोजन किया गया। दिल्ली और एनसीआर के अनेक संगठनों की भागीदारी से यह आयोजन रंगारंग कार्यक्रम बन गया।