आईआईटी कानपुर के छात्रों ने संविधान दिवस पर देखा प्रधान मंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण

> आईआईटी कानपुर में मनाया गया संविधान दिवस समारोह।


कानपुर (का ० उ ० सम्पादन)। आईआईटी कानपुर ने 70वां संविधान दिवस 26 नवंबर 2019 को देशभक्ति के जोश और उत्साह के साथ मनाया। इस दिन 1949 में, भारत के संविधान को अपनाया गया था, जिससे भारत की स्थिति एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और गणराज्य के रूप में मजबूत हुई। समारोह में छात्रों, कर्मचारियों और संकाय (फैकल्टी) सदस्यों सहित पूरे आईआईटी कानपुर समुदाय ने भाग लिया। समारोह की शुरुआत सुबह 11 बजे संविधान की "प्रस्तावना" के पठन से हुई। एडमिनिस्ट्रेशन डीन प्रो ओंकार दीक्षित ने सभागार में उपस्थित सभी लोगों को संविधान की शपथ दिलाई। छात्र मामलों के डीन प्रो० पी० शुनमुगराज ने हमारे मौलिक कर्तव्यों को पढ़ा। डॉ० अरविंद द्रवे, प्रभारी स्टाफ ट्रेनिंग यूनिट, आईआईटी कानपुर ने हमारे मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में बताया। आईआईटी समुदाय को संविधान के मूल ढांचे से अवगत कराने के लिए  विनोद मलिक (सहायक रजिस्ट्रार, डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स) ने संविधान के इतिहास के बारे में बताया कि यह कैसे अस्तित्व में आया। बाद में, छात्रों ने संसद के सेंट्रल हॉल से प्रधान मंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण बड़ी धूम-धाम से देखा। संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा, भारत का संविधान नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों दोनों पर प्रकाश डालता है। यह हमारे संविधान का एक विशेष पहलू है। आइए हम इस बारे में विचार करें कि हम अपने संविधान में उल्लिखित कर्तव्यों को कैसे पूरा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि, अगर मैं ट्रैफिक नियमों का पालन कर रहा हूं, तो इसका मतलब यह भी है कि मैं अपना कर्तव्य निभा रहा हूं। समारोह बहुत ही सकारात्मक रूप से संपन्न हुआ।

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