आयुष मंत्री ने त्वचा विकारों के लिए राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान का उद्घाटन किया


  • वेक्टर जनित बीमारियों, गैर-संचारी रोगों, कैंसर और तपेदिक जैसी स्वास्थ्य चुनौतियों से बचाव का सुरक्षित और व्यवहार्य समाधान खोजें: जी किशन रेड्डी



हैदराबाद (का० उ० डेस्क)। केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीपद येसो नाइक ने रविवार को हैदराबाद के अरगड्डा में एजी कॉलोनी रोड पर केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (सीआरआईयूएम) से उन्नत त्वचा विकारों के लिए यूनानी चिकित्सा के राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान (एनआरआईयूएमएसडी) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी भी उपस्थित थे। इस अवसर पर श्री नाइक ने विटिलिगो और अन्य पुरानी और जिद्दी बीमारियों के इलाज में सीआरआईयूएम की सफलता की सराहना की और कहा कि यह दुनिया का शायद एकमात्र चिकित्सा संस्थान है जिसने अकेले विटिलिगो के 1.5 लाख से अधिक रोगियों का उपचार किया है। श्री जी किशन रेड्डी ने अपने संबोधन में शोधकर्ताओं से कहा कि वे वेक्टर जनित बीमारियों, गैर-संचारी रोगों, कैंसर और तपेदिक जैसी स्वास्थ्य चुनौतियों से बचाव का सुरक्षित और व्यवहार्य समाधान खोजें। 



आयुष मंत्रालय के अपर सचिव प्रमोद कुमार पाठक ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए वर्तमान स्वास्थ्य चुनौतियों पर प्रकाश डाला और सभी से इसके किफायती उपचारों के जरिये यूनानी चिकित्सा की क्षमता का दोहन करने की अपील की। इससे पहले, केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद (सीसीआरयूएम) के महानिदेशक प्रो असीम अली खान ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि एनआरयूएमएसडी को सीसीआरयूएम (सेंट्रल कौंसिल फॉर रिसर्च इन यूनानी मेडिसिन) के तहत केंद्रीय अनुसंधान संस्थान यूनानी चिकित्सा (सीआरआईयूएम) से एक प्रमुख संस्थान में अपग्रेड किया गया है।  


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