डी एम ने ग्राम चौपाल लगाकर जन कल्याणकारी योजनाओं का किया सत्यापन

> आधार कैंप लगवाने के निर्देश।


> शौचालय / आवास निर्माण का कार्य प्रधान द्वारा नहीं कराया जाएगा।


> पुराने जर्जर लोक निर्माण विभाग की बिल्डिंग में अस्थायी गौशाला बनाकर सभी गौवंश शिफ्ट कराने के निर्देश।


> वृद्धावस्था पेंशन / मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में अच्छे कार्य के चलते ए डी ओ समाज कल्याण को प्रशस्ति पत्र देने के निर्देश।



फर्रुखाबाद (का ० उ ० सम्पादन)।  जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह ने ग्राम मदनपुर का स्थलीय निरीक्षण व ग्राम चौपाल लगाकर जनता से सीधे संवाद कर योजनाओं का सत्यापन किया। सर्वप्रथम जिलाधिकारी ने ग्राम मदनपुर का स्थलीय भ्रमण कर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। नाली निर्माण में गुणवत्ता पूर्ण कार्य कराने के निर्देश खंड विकास अधिकारी को दिए। इस दौरान जिलाधिकारी ने शौचालय / आवास निर्माण कार्यों का भी जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय मोहम्मदाबाद परिसर में जर्जर बिल्डिंग को नीलाम कराकर ध्वस्त कराने के निर्देश दिए। चौपाल में ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि ग्राम में 3 घंटे बिजली आती है। रोस्टर के अनुसार विद्युत् आपूर्ति नहीं दी जा रही है। जिलाधिकारी ने 3 दिन के लिए लेखपाल की ड्यूटी लगाकर वास्तविक स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए। रोस्टर के अनुसार ही विद्युत् आपूर्ति देना सुनिश्चित किया जाए।  हैंडपंप खराब होने की सूचना न देने पर जिला पंचायत राज अधिकारी पर नाराज़गी जताई और चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। डी एम ने निर्देशित करते हुए कहा कि शौचालय / आवास निर्माण का कार्य स्वयं लाभार्थी करवाएंगे।  शौचालय / आवास निर्माण का कार्य प्रधान द्वारा नहीं कराया जाएगा।  अन्यथा की दशा में कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। ग्राम रोज़गार सेवक द्वारा जॉबकार्ड न बनाये जाने की शिकायत की गई। उप जिलाधिकारी सदर को स्वयं ग्राम में कैंप लगाकर इच्छुक श्रमिकों के जॉबकार्ड बनवाने के निर्देश दिए।  जिलाधिकारी ने निर्देशित करते हुए कहा कि देखा जाता है कि ग्राम प्रधान जिस ग्राम के निवासी होते हैं उसी ग्राम में विकास कार्य कराते हुए अतिरिक्त ग्रामों में कोई विकास कार्य नहीं कराया जाता है। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसा बिलकुल नहीं होना चाहिए अन्यथा की दशा में जिला पंचायत राज अधिकारी एवं प्रधान दोनों पर दंडात्मक कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। ग्राम प्रधान सभी मजरों में विकास कार्यों को कराना सुनिश्चित करें। कोई भी मनमाना कार्य नहीं कराया जाय। एन आर एल एम के समूहों को सक्रीय कराएं। ऐसे कार्य कराएं जिससे उन्हें अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सके। वृद्धावस्था पेंशन / मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में अच्छा कार्य देखकर डी एम ने जताई ख़ुशी एवं ए डी ओ समाज कल्याण को प्रशस्ति पत्र देने के निर्देश दिए।  



डी एम ने खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी स्कूलों में ष्षौचालय अवश्य होने चाहिए , शौचालय में तौलिया उपलब्ध हो और लड़कियों के लिए अलग शौचालय निर्माण सुनिश्चित किया जाय। जिला पूर्ती अधिकारी को अंत्योदय कार्ड धारकों को 100 प्रतिशत राशन वितरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी को अंत्योदय कार्ड धारक भूख से मरा तोह ग्राम प्रधान एवं पूर्ती विभाग पर तत्काल कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। डी एम ने आधार कैंप लगवाने के निर्देश दिए।  आंगनबाड़ी केंद्रों पर जो बच्चे आ रहे हैं उन्ही को रजिस्टर में दर्ज किया जाय। पुष्टाहार वितरण में अनियमितता मिलने पर तत्काल एफ आई आर दर्ज कराने की कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जे एस वाई / प्रधानमन्त्री मात्र वंदना योजना के अंतर्गत ससमय भुगतान करने के निर्देश दिए। आशा द्वारा पैसे लेने की शिकायत प्राप्त हुई।  जिलाधिकारी ने लिखित में शिकायत दर्ज कराने को कहा। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि इस प्रकार की शिकायत संज्ञान में आने पर तत्काल आशा को कार्यमुक्त करने की कार्यवाही की जाय। ग्रामीणों ने जान चौपाल में आवारा गौवंश की समस्या से अवगत कराया। उन्होंने बताया की आवारा गौवंश फसल को बहुत नुक्सान पहुँचा रहे। डी एम ने मदनपुर के आगे कई वर्षों पुराने जर्जर लोक निर्माण विभाग की बिल्डिंग में अस्थायी गौशाला बनाकर सभी गौवंश शिफ्ट कराने के निर्देश जिला पशु चिकित्सा अधिकारी को दिए। उन्होंने किसानों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक किसान गौवंश के उचित भरण पोषण के लिए 1 कुंतल भूसा अवश्य उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। डी एम ने गोपाल योजना के अंतर्गत गौवंश लेने हेतु लोगों को जागरूक किया।



उन्होंने बताया कि पशुपालक गौवंश को लेना चाहते हैं उन्हें एक माह में प्रति पशु रु 900 धनराशि दी जायेगी। जनचौपाल में उप जिलाधिकारी सदर ने बताया कि ग्राम 22 वर्षों से चकबंदी में था। उसके पश्चात धारा 6  हो गया। प्रधान को प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए , ताकि पुनः चकबंदी कराई जा सके। इस अवसर पर विधायक भोजपुर, जिला विकास अधिकारी , उप जिलाधिकारी सदर, जिला वन अधिकारी, जिला पंचायत अधिकारी, जिला पूर्ती अधिकारी, उप निदेशक कृषि प्रसार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, ग्राम प्रधान  व अन्य उपस्थित थे।    


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