डॉ हर्षवर्धन ने मिशन इनोवेशन के समक्ष मौजूद चुनौतियों पर आयोजित बैठक का उद्घाटन किया


  • नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की उपलब्धता कम नहीं है, वे प्रमुख ऊर्जा स्रोतों का हिस्सा बन चुके हैं –हर्षवर्धन

  • भारत का 2022 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 175 गीगावॉट करने का लक्ष्‍य।



नई दिल्ली (का ० उ ० सम्पादन)। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने सोमवार को मिशन इनोवेशन (एमआई) के समक्ष मौजूद चुनौतियों पर आयोजित  'फेस टू फेस' बैठक का उद्घाटन किया। बैठक का उद्देश्य एमआई द्वारा की जाने वाली आपूर्ति तथा 2020 तक इसकी योजनाओं का जायजा लेना है। इसके अलावा इसका एक अन्य प्रमुख उद्देश्य स्‍वच्‍छ ऊर्जा नवाचार में प्रमुख अंतर क्षेत्रों की पहचान करना और एमआई को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए 2020 से परे इसका समाधान करना है। डॉ हर्षवर्धन ने इस अवसर पर कहा कि नवाचार मिशन का नाम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिया गया है। 21 नवंबर, 2015 को पेरिस में कोप की बैठक के अवसर पर इसे जारी किया गया था। उन्होंने इस बात पर खुशी जाहिर की कि मौजूदा समय के एमआई में 24 सदस्य देश और यूरोपीय आयोग शामिल है। उन्होंने कहा कि इन देशों की सरकारों ने अगले पांच वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा अनुसंधान और विकास कार्यों के लिए वित्तीय मदद दोगुना करने के साथ ही इसमें अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारत स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास कार्यों के माध्यम से जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के ठोस प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों कमी नहीं रह गई है, बल्कि वे प्रमुख ऊर्जा स्रोतों का एक अहम हिस्सा बन चुके हैं। पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा दोनों की ही दृष्टि से इनका काफी महत्व है। उन्होंने कहा कि भारत में गैर जीवाश ईंधन की हिस्सेदारी बढ़ाई जाएगी और 2022 तक देश के नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को 175 गीगावॉट से कहीं ज्यादा करने और उसके आगे इसे 450 गीगावॉट तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। 



डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि कई देशों में सौर ऊर्जा के क्षेत्रों में पिछले पांच वर्षों के दौरान हासिल की गई भारत की उपलब्धियों का अनुसरण करने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि देश में पेट्रोल और डीजल मे जैव ईंधन की मात्रा बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने इस अवसर पर दुनिया की सबसे बड़े स्वच्छ रसोई गैस ईंधन कार्यक्रम उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत अब तक 150 मिलियन गैस कनेक्शन जारी किये जा चुके हैं। उन्होंने सौभाग्य योजना, सोलर स्टडी लैंप योजना, एलईडी बल्ब, माइक्रो सोलर डोम-सूर्य ज्योति, अटल नवाचार मिशन और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई पहलों पर भी प्रकाश डाला। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों के जरिये स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए अभिनव समाधानों के वास्ते वैज्ञानिक समझ और लीक से हटकर कुछ नया तलाशने की आवश्यकता होती है। ऐसी समझ और सोच समाज से ही कहीं निकल आती है। उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय ने बड़े निवेश के साथ सौर ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, उन्नत जैव ईंधन और ऊर्जा भंडारण के लिए कई राष्ट्रीय, द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोगात्मक अऩुसंधान कार्यक्रम शुरू किये हैं। बैठक में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण-डीबीटी की सचिव डॉ रेणू स्वरूप, नवाचार मिशन की संचालन समिति के अध्यक्ष डॉ जॉन लॉगहेड, एनालिसिस एंड ज्वाइंट रिसर्च इनोवेशन ग्रुप के अध्यक्ष डॉ डीन हसलिप सहित नवाचार मिशन के सदस्य देशों और एजेंसियों के वरिष्ठ प्रतिनिधि  भी उपस्थित थे। इस अवसर पर डॉ हर्षवर्धन ने टिकाऊ जैव ईंधन और जैव ऊर्जा पर एक रिपोर्ट भी जारी की। उन्होंने मिशन इनोवेशन में अभिनव योगदान के लिए पांच लोगों को पुरस्कृत भी किया। भारत, फ्रांस और अमेरिका के अग्रणी प्रयासों के कारण 30 नवंबर, 2015 को मिशन नवाचार की घोषणा उस समय की गई थी जब जलवायु परिवर्तन से निपटने के महत्वाकांक्षी प्रयास के लिए विश्व नेता पेरिस में एकत्र हुए थे। मिशन इनोवेशन (एमआई) 24 देशों और यूरोपीय संघ की एक वैश्विक पहल है जो वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा नवाचार में अप्रत्याशी तेजी लाने के लिए है।


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