मुख्य सचिव ने गाजियाबाद में नगर निगम व पुरानी सब्जी मण्डी का किया औचक निरीक्षण


  • जन शिकायतों का निस्तारण सही न पाए जाने पर 2 कर्मचारियों को किया निलंबित।

  • विकास कार्यक्रमों में प्रपत्रों का सही रखरखाव न पाए जाने पर मुख्य अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के दिये निर्देश।

  • नगर आयुक्त आगामी 1 माह के अंतर्गत विकास कार्यों में सुधार लायें: राजेन्द्र कुमार तिवारी

  • ढेर लगे कूड़े एवं पाॅलीथीन कतई नहीं नजर आनी चाहिये: मुख्य सचिव



लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने नगर निगम गाजियाबाद का औचक निरीक्षण कर जन शिकायतों का निस्तारण सही न पाये जाने पर 02 सम्बन्धित कर्मचारियों को निलम्बित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम गाजियाबाद के विकास कार्यों में गतिशीलता लायी जाये तथा जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं यथाशीघ्र निस्तारण प्रत्येक दशा में सुनिश्चित कराया जाये। उन्होंने आगंतुकों के लिये शिकायत/स्वागत कक्ष में बैठने हेतु टूटा फर्नीचर होने पर निर्देश दिये कि आगंतुकों के बैठने के लिये बेहतर फर्नीचर की व्यवस्था करायी जाये। उन्होंने पुरानी सब्जी मण्डी का निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था मानकों के अनुसार न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुये निर्देश दिये कि  ढेर लगे कूड़े एवं पाॅलीथीन कतई नहीं नजर आनी चाहिये।



उन्होंने 03 शिकायतकर्ताओं से सीधे फोन पर बात कर समस्या का निस्तारण किये जाने की जानकारी लेकर दोषी सेनेटरी इंस्पेक्टर सतीश एवं विद्युत इंस्पेक्टर विशम्भर शर्मा को अपने दायित्वों में लापरवाही बरतने के कारण तत्काल निलम्बित करने के आदेश दिये। राजेन्द्र कुमार तिवारी ने नगर निगम के द्वारा संचालित किए जा रहे विकास कार्यक्रमों की गहनता के साथ समीक्षा के दौरान पाया कि अवस्थापना विकास निधि एवं 14 वें वित्त आयोग के माध्यम से जो विकास कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं उनका रखरखाव पंजिका में अधिकारीगण सही प्रकार से नहीं कर रहे हैं तथा विकास कार्य का संपन्न होने के बाद भुगतान भी निर्धारित समय अवधि के भीतर नहीं पाया गया। उन्होंने गहन समीक्षा के दौरान यह भी पाया कि वर्ष 2019-20 में जो विकास कार्य स्वीकृत हुए हैं उनमें अभी तक कार्य प्रारंभ भी नहीं किया गया है, जिस पर मुख्य सचिव ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। वहीं दूसरी ओर मौके पर उपस्थित नगर आयुक्त दिनेश चंद को आगामी एक माह के भीतर सभी कार्य को ठीक करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि नगर निगम के माध्यम से जो विकास कार्य संपादित किए जा रहे हैं उनका सही रखरखाव सुनिश्चित किया जाए तथा जो कार्य स्वीकृत है उनको निर्धारित समय अवधि के भीतर पूर्ण कराने की कार्रवाई सभी विभागीय अधिकारी सुनिश्चित करायें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री की स्पष्ट मंशा है कि जनता की समस्याओं एवं शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कराते हुए उनका निराकरण करने की कार्रवाई सुनिश्चित करायी जाये। उन्होंने कहा कि नगर निगम में जो शिकायतें दर्ज हो उनका निस्तारण संबंधित विभागीय अधिकारियों के द्वारा तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित किया जाए ताकि सरकार एवं शासन की मंशा का लाभ जनता को प्राप्त हो सके। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अजय शंकर पांडे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह नगर आयुक्त दिनेश चंद तथ्गाा अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।


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