सूचना और प्रसारण सचिव ने एनएफएआई का 2020 का कैलेंडर लांच किया

> कैलेंडर में भारतीय सिनेमा में संगीत वाद्य यंत्रों को दिखाया गया है।



नई दिल्ली (का ० उ ० सम्पादन)। सूचना और प्रसारण सचिव अमित खरे ने बीते गुरूवार को गोवा में 50वें भारत अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में एनएफएआई का 2020 का कैलेंडर लांच किया। उन्होंने कहा कि एनएफएआई का कैलेंडर सभी फिल्म प्रेमियों के लिए संग्रह करने योग सामग्री बनने जा रही है। इस कैलेंडर में भारतीय सिनेमा में उपयोग किए गए संगीतमय वाद्य यंत्रों को दिखाया गया है। इसमें अभिलेख से प्राप्त कुछ दुर्लभ चित्र हैं। कैलेंडर में 24 चित्र शामिल किए गए हैं, जिनमें भारत की विभिन्न भाषाओं की फिल्मों में अभिनेताओं द्वारा उपयोग किए गए यंत्रों का संकलन है। इस अवसर पर जाने-माने फिल्मकार सुभाष घई, शाजी करूण, राहुल रवेल, फेडरेशन ऑफ फिल्म सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष किरण सांताराम, गोवा के मुख्य सचिव परिमल राय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अपर सचिव अतुल तिवारी, ब्यूरो ऑफ आउटरिच कॉम्युनिकेशन के महानिदेशक सतेन्द्र प्रकाश तथा एनएफएआई के निदेशक प्रकाश मकदुम उपस्थित थे। एनएफएआई के 2020 के कैलेंडर में भारतीय सिनेमा में उपयोग किए गए भारतीय संगीत वाद्य यंत्रों के खजाने का संकलन है। कैलेंडर में राजकपूर को तम्बुरा बजाते (वाल्मीकि, 1946), जयश्री गडकर को वीणा बजाते हुए (सीता मैया, 1964), विष्णुपंत पगनीस को इकतारा बजाते हुए (नरसी भगत, 1940), टी एल देशपांडे को टेनोर बैंजो बजाते हुए (गोलाचा गणपति, 1953) शिवाजी गणेशन को नादस्वरम बजाते हुए (थिलाना मोहनबल, 1968), नेरा लट्टुरामा पोडुबल को इद्दिका बजाते हुए (थम्पू, 1978), राजकुमार को शहनाई बजाते हुए (सनधी अपन्ना, 1977), कल्पना को वायलीन बजाते हुए (गेजेपुजे, 1970) और किशोर कुमार को हार्मोनियम बजाते हुए (शाबाश डैडी, 1978) दिखाया गया है। कैलेंडर पर एक क्यूआर  कोड दिया गया है, जिसे स्कैन करने पर चित्र और संबंधित फिल्म की जानकारी मिल सकती है। कैलेंडर, दीवार और टेबल के लिए उपलब्ध है और इसे www.nfai.gov.in पर ऑनलाइन बुकिंग के जरिए खरीदा जा सकता है।