ट्रेनों के पटरी से उतरने की घटनाओं से बचने के लिए भारतीय रेलवे द्वारा उठाए गए कदम


पटरी से उतरने की घटनाओं से बचने और रेलवे पटरियों की सुरक्षा में सुधार के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं  : -
    1- 2018-19 के दौरान, 4181 किमी ट्रैक नवीनीकरण किया गया था। चालू वर्ष यानी 2019-20 के लिए, अक्टूबर, 2019 तक 2643 किलोमीटर ट्रैक नवीनीकरण किया गया है।
    2- सुरक्षा में सुधार के लिए, आधुनिक ट्रैक संरचना जिसमें  प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट स्लीपर (पीएससी , 60 किग्रा, 90 या उच्चतर परम तन्य शक्ति (यूटीएस) रेल शामिल है, पीएससी स्लीपरों पर फैनशेप्ड लेआउट टर्नआउट, गर्डर पुलों पर स्टील चैनल स्लीपर्स का उपयोग प्राथमिक ट्रैक नवीनीकरण करते समय किया जाता है।
    3- ट्रैक में एलुमिनो थर्मिट जोड़ों की संख्या को कम करने के लिए स्टील प्लांट में 260मीटर  / 130मीटर  लंबाई के लंबे रेल पैनल बनाए जा रहे हैं।
    4- भारतीय रेलवे के सभी महत्वपूर्ण मार्गों के लिए थिक वेब स्विच (टीडब्लूएस ) का प्रावधान करने की योजना है। टीडब्लूएस के प्रावधान में तेजी लाने के लिए, जोनल रेलवे में थिक वेब स्विच की खरीद विकेंद्रीकृत की गई है।
    5- सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वेल्ड / रेल फ्रैक्चर को देखने के लिए वर्ष के ठंडे महीनों में रात के सबसे ठंडे हिस्से के दौरान रेलवे पटरियों की कोल्ड वेदर पेट्रोलिंग की जाती है।
    6- अल्ट्रासोनिक फॉल्ट डिटेक्शन (यूएसएफडी) रेल का परीक्षण दोषों का पता लगाने और दोषपूर्ण रेल को समय पर हटाने के लिए किया जाता है। यूएसएफडी वाहन परीक्षण प्रणाली को उत्तर रेलवे पर सफलतापूर्वक लागू किया गया है।
    7- कीमैन और पट्रोलमैन को जीपीएस ट्रैकर्स मुहैया कराए जा रहे हैं ताकि उनके मूवमेंट पर नजर रखी जा सके और उनके द्वारा देखी गई किसी भी असुरक्षित स्थिति की सूचना तुरंत दी जा सके।
    8- मानवीय त्रुटियों को कम करने के लिए ट्रैक रखरखाव का मशीनीकरण किया जा रहा है।
    9- डेटाबेस और डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के विकास और रखरखाव की आवश्यकता को तय करने और आदानों को बेहतर बनाने के लिए भारतीय रेलवे पर ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम शुरू किया गया है।
    10- सुरक्षित अभ्यासों के पालन के लिए कर्मचारियों की निगरानी और शिक्षित करने के लिए नियमित अंतराल पर सुरक्षा अभियान और निरीक्षण किए जाते हैं।

पिछले तीन वर्षों के दौरान अर्थात् 2016-17 से 2018-19 के दौरान और स्थायी मार्ग और कार्यों के मरम्मत और रखरखाव पर कुल व्यय नीचे दिए गए हैं (1 अप्रैल, 2019 से 31 अक्टूबर, 2019 तक):


























Year



Total expenditure on Repairs & Maintenance of Permanent Way & Works (₹ in crores)



2016-17



12244.36



2017-18



13499.96



2018-19



14558.75



2019-20


(Upto 31st October, 2019)



9768.25



रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।


Popular posts from this blog

गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना का डीपीआर  तैयार : सीईओ, यूपीडा 

उ प्र सहकारी संग्रह निधि और अमीन तथा अन्य कर्मचारी सेवा (चतुर्थ संशोधन) नियमावली, 2020 प्रख्यापित

जनपद के समस्त विद्यालय कार्य योजना बनाकर जीपीडीपी में अपलोड करते हुए डिमांड भेजें: विजय किरन आनंद