मुख्यमंत्री ने टेस्टिंग क्षमता को बढ़ाकर 30 हजार टेस्ट प्रतिदिन किए जाने के दिए निर्देश 

25 हजार से अधिक टेस्ट की टेस्टिंग क्षमता अर्जित किए जाने पर संतोष व्यक्त करते हुए ..


मुख्यमंत्री ने ट्रू नेट मशीनों की समीक्षा की। ट्रू नेट मशीन प्राइवेट हॉस्पिटल में इस्तेमाल हों इसपर मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से आईसीएमआर से अनुरोध करते हुए वहां से अनुमति लेने के निर्देश दिए। यदि ट्रू नेट मशीनों से तत्काल टेस्ट हो जाएगा तो प्राइवेट अस्पतालों में नॉन कोविड ट्रीटमेंट में आसानी होगी। इससे पूरी सुरक्षा मरीजों को और मेडिकल स्टाफ को सुनिश्चित की जा सकेगी।


> ग़ज़िआबाद में एक बड़ी टेस्टिंग लैब स्थापित करने हेतु मुख्यमंत्री ने चिकित्सा विभाग को किया आदेशित।


> मुख्यमंत्री ने 1 लाख 51 हज़ार बेड्स तैयार करने हेतु स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग को बधाई दी।


>> मुख्यमंत्री के टीम 11 को निर्देश :


>> मास्क अथवा फेस कवर का अनिवार्य रूप से उपयोग न करने वालों पर कार्यवाही की जाए।


>> पुलिस द्वारा नियमित पेट्रोलिंग करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी भीड़ न एकत्र होने पाए।


>> मण्डल के सभी जनपदों में दस दिवसीय विशेष अभियान संचालित करते हुए घर-घर जाकर मेडिकल स्क्रीनिंग की जाए।


>> स्क्रीनिंग के उपरान्त जिन्हें उपचारित करने की आवश्यकता हो, उनके उपचार की समुचित व्यवस्था की जाए।


>> प्रमुख स्थानों पर संक्रमण से बचाव के व्यापक प्रबन्ध भी किए जाएं।


>> संक्रमण से सुरक्षा के प्रोटोकॉल का पालन कराते हुए औद्योगिक इकाइयों को पूरी क्षमता से संचालित किया जाए


>> कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से जीरो बजट खेती को प्रोत्साहित किया जाए।



उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 01 जुलाई, 2020 को अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए। (फोटो : मुख्यमंत्री सूचना परिसर)


लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कोविड अस्पतालों में 01 लाख 51 हजार बेड की उपलब्धता तथा प्रतिदिन 25 हजार से अधिक टेस्ट की टेस्टिंग क्षमता अर्जित किए जाने पर संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने टेस्टिंग क्षमता को बढ़ाकर 30 हजार टेस्ट प्रतिदिन किए जाने तथा कोविड चिकित्सालयों की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी बुधवार 1 जुलाई को अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अनलॉक-2 के दौरान भी कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए निरन्तर सावधानी बरतना जरूरी है। इसके दृष्टिगत कोविड-19 प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि लोग मास्क अथवा फेस कवर का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस द्वारा नियमित पेट्रोलिंग करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी भीड़ न एकत्र होने पाए। उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग को प्रभावी रूप से लागू कराए जाने पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने में मेडिकल स्क्रीनिंग की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके दृष्टिगत मेडिकल स्क्रीनिंग टीम द्वारा घर-घर जाकर लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग की जाए। स्क्रीनिंग के उपरान्त जिन्हें उपचारित करने की आवश्यकता हो, उनके उपचार की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने मेडिकल स्क्रीनिंग टीम के डाटा की मॉनिटरिंग करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे कोविड-19 के संक्रमण से निपटने के लिए बेहतर रणनीति तय करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने रैपिड एन्टीजन टेस्ट को बढ़ावा दिए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कि कोरोना के साथ-साथ संचारी रोगों से बचाव का व्यापक प्रचार–प्रसार किया जाए। सभी सरकारी तथा निजी संस्थानों में कोविड हेल्प डेस्क स्थापित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरठ मण्डल पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। मण्डल के सभी जनपदों में दस दिवसीय विशेष अभियान संचालित करते हुए घर-घर जाकर मेडिकल स्क्रीनिंग की जाए। लक्षणों के आधार पर संदिग्ध पाए गए लोगों के उपचार की व्यवस्था की जाए। सभी प्रमुख स्थानों पर संक्रमण से बचाव के व्यापक प्रबन्ध भी किए जाएं। मुख्यमंत्री ने मनरेगा के माध्यम से जल संचयन के कार्य सम्पादित कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संक्रमण से सुरक्षा के प्रोटोकॉल का पालन कराते हुए औद्योगिक इकाइयों को पूरी क्षमता से संचालित किया जाए। टिड्डी दल पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी प्रबन्ध किए जाएं। उन्होंने कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से जीरो बजट खेती को प्रोत्साहित किए जाने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर मुख्य सचिव आर के तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, पुलिस महानिदेशक हितेश सी अवस्थी, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एस पी गोयल, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास तथा पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।