36 साल बाद पदक जीतने वाले पहले पुरुष भारतीय खिलाड़ी बनेंगे प्रणीत

> पहला गेम आसानी से हारने के बाद सिंधू ने की ज़बरदस्त वापसी ।


> प्रणीत के सामने अब सेमीफाइनल में विश्व के नंबर एक खिलाड़ी केंतो मोमोता की होगी कड़ी चुनौती ।


> सायना टूर्नामेंट से बाहर, साइना के पति और बैडमिंटन खिलाड़ी पारुपल्ली कश्यप, जो विश्व चैंपियनशिप में साइना की कोचिंग कर रहे हैं, अंपायरिंग के स्तर के बारे में अपनी नाराजगी व्यक्त करने वाले पहले व्यक्ति थे ।



बासेल  - गत उपविजेता भारत की पीवी सिंधू ने शानदार वापसी करते हुए दूसरी सीड ताइपे की ताई जू यिंग को शुक्रवार को मैराथन संघर्ष में 12-21, 23-21, 21-19 से हराकर विश्व बैडमिंटन प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में प्रवेश करने के साथ ही अपना पांचवां पदक पक्का कर लिया जबकि बी साई प्रणीत ने पुरुष एकल के सेमीफाइनल में जगह बनाकर इस टूर्नामेंट में अपना पहला पदक पक्का कर लिया। 16वीं सीड प्रणीत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चौथी सीड इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी को लगातार गेमों में 51 मिनट में 24-22, 21-14 से हराकर सेमीफाइनल में पहुंचते ही इतिहास बना दिया। प्रणीत के लिए टूर्नामेंट में पदक पक्का हो गया है और वह विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के इतिहास में महान प्रकाश पादुकोण के 1983 में कांस्य पदक जीतने के 36 साल बाद इस प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले पहले पुरुष भारतीय खिलाड़ी बनेंगे। पांचवीं सीड सिंधू ने विश्व की दूसरे नंबर की खिलाड़ी जू यिंग से यह मुकाबला एक घंटे 11 मिनट में जीता। सिंधू ने इस तरह लगातार तीसरे साल और कुल पांचवीं बार विश्व चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में जगह बनायी। भारतीय खिलाडी 2017 और 2018 में रजत पदक तथा 2013 और 2014 में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। पिछले आठ महीने से एक अदद खिताब की तलाश में लगी सिंधू के लिए सेमीफाइनल में पहुंचना एक बड़ी खुशी है। सिंधू ने पिछले साल के आखिर में वर्ल्ड टूर फाइनल्स में खिताब जीता था और वह उसके बाद अपने पहले खिताब की तलाश में हैं। उन्होंने लगातार तीसरे साल विश्व चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में जगह बनाकर पदक की हैट्रिक भी पूरी कर ली है। सिंधू के लिए यह मुकाबला रोमांचक उतार-चढ़ाव से भरपूर रहा। सिंधू ने पहला गेम आसानी से हारने के बाद जिस तरह वापसी की वह निश्चित रुप से काबिले तारीफ हैइस जीत के साथ सिंधू का जू यिंग के खिलाफ 5-11 का करियर रिकॉर्ड हो गया है। सिंधू ने वर्ल्ड टूर फाइनल्स में भी जू यिंग को हराया था और उससे पहले तक सिंधू ने ताइपे की खिलाड़ी से लगातार छह मुकाबले गंवाए थे। सिंधू ने पहला गेम आसानी से गंवा दिया। जू यिंग ने 10-3 की बढ़त बनाने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा और पहला गेम आसानी से 21-12 से जीत लिया। दूसरे गेम में धड़कनें रोक देने वाला मुकाबला हुआ। सिंधू ने 15-13, 18-16 और 20-18 की बढ़त बना ली। लेकिन जू यिंग ने 20-20 पर बराबरी कर ली। मुकाबला फिर 21-21 से बराबर हुआ लेकिन सिंधू ने लगातार दो अंक लेकर 23-21 से यह गेम जीत लिया। निर्णायक गेम में जू यिंग ने 4-1 की बढ़त बनायी। उन्होंने फिर अपनी बड़त को 9-5 और 13-10 पहुंचा दिया। सिंधू ने इस गेम में लगातार तीन अंक लेकर 15-14 की बढ़त बनायी और जू यिंग पर दवाब बना दिया। मुकाबला बेहद कड़ा होता जा रहा था और दोनों खिलाड़ी एक-एक अंक के लिए जूझ रही थीं। जू यिंग ने 17-15 की बढ़त बनायी तो सिंधू ने 17-17 से स्कोर बराबर किया। सिंधू ने 19-17 की बढ़त बनायी तो जू यिंग ने स्कोर 19-19 कर दिया। इस मौके पर सिंधू ने अपना तमाम कौशल झोंकते हुए लगातार दो अंक लिए और 21-19 से गेम तथा मैच समाप्त कर सेमीफाइनल में थान बना लिया। सिंधू के जीतने की खुशी को दोगुना किया प्रणीत ने, जिन्होंने हैरतअंगेज प्रदर्शन करते हुए क्रिस्टी को 51 मिनट में 24-22, 21-14 से हराया। विश्व रैंकिंग में 19वें रैंकिंग के खिलाड़ी प्रणीत ने इस जीत से क्रिस्टी के खिलाफ अपना करियर रिकॉर्ड दो-दो कर लिया है। प्रणीत ने इससे पहले क्रिस्टी को 2017 के थाइलैंड ओपन में हराया था। प्रणीत ने पहले गेम में 22-22 की बराबरी हो जाने के बाद लगातार दो अंक लेकर 24-22 से यह गेम समाप्त किया। दूसरे गेम में क्रिस्टी ने पूरी तरह हथियार डाल दिए और प्रणीत ने मनमाने अंदाज में अंक बटोरते हुए 21-14 पर यह गेम समाप्त कर भारतीय बैडमिंटन में नया इतिहास बना दिया। लेकिन प्रणीत के सामने अब सेमीफाइनल में विश्न के नंबर एक खिलाडी जापान के केंतो मोमोता की कडी चनौती होगी। सिंध और प्रणीत के मैच जीतते ही भारतीय खेमा खुशी से उछल पड़ा और सायना नेहवाल के कल हारने की निराशा पीछे छूट गयी। आठवीं सीड सायना ने डेनमार्क की मिया ब्लीचफेल्ट को हराने के कई मौके गंवाए और उन्हें हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो जाना पड़ा। सायना ने पहला गेम जीत लिया था और दूसरे गेम में उनके पास तीन बार मैच अंक थे लेकिन सायना ने तीनों मौके गंवा दिया। ब्लीचफेल्ट ने यह मुकाबला एक घंटे 12 मिनट में 15-21, 27-25, 21-12 से जीतकर अंतिम आठ में स्थान बना लिया।