भगवान श्रीकृष्ण का धरा पर अवतरण सत्य और न्याय स्थापना के लिए हुआ: योगी

> जिस आयोजन को श्रद्धा के साथ मनाया जाता है, वहां पर अराजकता का कोई स्थान नहीं होता: योगी आदित्यनाथ


>अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कुम्भ की ब्राण्डिंग से भारत की बढ़ी साख



लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आज यहां रिजर्व पुलिस लाइन्स में आयोजित 'श्रीकृष्ण जन्मोत्सव' में सम्मिलित हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम की शुरुआत पुलिस मॉडर्न स्कूल, पुलिस लाइन्स के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वन्दना से हुई। इसके पश्चात् मथुरा-वृन्दावन से आए कलाकारों द्वारा मयूर नृत्य का प्रस्तुतिकरण किया गया। इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत में पर्यों और त्योहारों की समृद्ध परम्परा है आज से 5000 वर्ष पूर्व भगवान श्रीकृष्ण अवतरित हुए थे। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के अवतारों की उच्च परम्परा है भगवान श्रीकृष्ण का अवतार पूर्ण अवतार माना जाता है। उन्होंने कहा कि पर्व एवं त्योहार, हर्षोल्लास, उमंग, एकता और समरसता के प्रतीक हैं। इन्हें मनाने में जाति, मत, मजहब का कोई बंधन नहीं है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपार श्रद्धा से ही ऐसे आयोजन सम्भव हैं उन्होंने कहा कि पूर्व में पुलिस लाइन तथा प्रदेश के थानों इत्यादि में होने वाले इन आयोजनों को बन्द कर दिया गया था, परन्तु वर्ष 2017 में वर्तमान सरकार के सत्ता में आने के बाद से इन आयोजनों को पुनः चालू किया गया। उन्होंने कहा कि जिस आयोजन को श्रद्धा के साथ मनाया जाता है, वहां पर अराजकता का कोई स्थान नहीं होता है। आज के इस आयोजन से यह बात सिद्ध होती है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अयोध्या में दीपोत्सव, मथुरा में रंगोत्सव जैसे कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किये जा चुके हैं। इस वर्ष प्रयागराज कुम्भ-2019 का भी सफल आयोजन किया जा चुका है, जिससे अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कुम्भ की ब्राण्डिंग हुई और भारत की साख बढ़ी। राज्य सरकार ने हजारों वर्ष से चली आ रही कुम्भ आयोजन की परम्परा का सफलतापूर्वक निर्वाह किया। इस वर्ष जनवरी माह में वाराणसी में प्रवासी भारतीय दिवस का भी सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। राज्य सरकार के अथक प्रयासों से और सभी के सहयोग से यह आयोजन सुरक्षित वातावरण में सफलतापूर्वक सम्भव हुए हैं। मुख्यमंत्री जी ने पुलिस मॉडर्न स्कूल द्वारा दी गयी प्रस्तुति की सराहना करते हुए उनके लिए 51,000 रुपये के पुरस्कार की घोषणा की उन्होंने कहा कि रचनात्मकता स्वस्थ समाज का लक्षण है भगवान श्रीकृष्ण का धरा पर अवतरण सत्य और न्याय स्थापना के लिए हुआ था। न्याय वही है, जिसमें पीड़ित को संतोष मिले उन्होंने कहा कि जब भी पृथ्वी पर आवश्यकता होगी तो भगवान श्रीकृष्ण फिर अवतरित होंगे। भगवान श्रीकृष्ण ने मथुरा में अपने राजपाट को छोड़कर गुजरात के द्वारिका को धर्म की स्थापना के लिए चुना। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ0 दिनेश शर्मा, अन्य मंत्रिगण, न्यायमूर्ति राजेन्द्र कुमार, मुख्य सचिव डॉ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, पुलिस महानिदेशक ओ0पी0 सिंह सहित शासन-प्रशासन तथा पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।