डेल स्टेन ने टेस्ट क्रिकेट को कहा अलविदा

 



जोहानसबर्ग - दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में से एक दक्षिण अफ्रीका के डेल स्टेन ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की सोमवार को घोषणा कर दी। हालांकि वह क्रिकेट के एकदिवसीय और टूटी-20 प्रारूप में खेलते रहेंगे। 36 साल के स्टेन के संन्यास लेने के साथ ही तेज गेंदबाजी के एक युग का समापन हो गया। स्टेन ने अपने शानदार करियर में 93 टेस्ट मैचों में 439 विकेट लिए। वह दक्षिण अफ्रीका की ओर से टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। उन्होंने इस वर्ष ही पूर्व गेंदबाज शॉन पोलक का रिकार्ड तोड़ा थास्टेन हाल के वर्षों में लगातार चोटों से परेशान रहे। चोट की वजह से वह आईपीएल-2019 भी पूरा नहीं खेल सके थे और उन्हें विश्व कप से पहले हटना भी पड़ा था। गेंद को 140 किमी से भी ज्यादा की रफ्तार से विकेट के दोनों ओर स्विंग कराने में माहिर स्टेन बल्लेबाजों के लिए किसी दहशत से कम नहीं थे। स्टेन ने 125 वनडे और 44 टी-20 मैच भी खेले हैं और वह इस प्रारूप में खेलना जारी रखेंगे। उन्होंने वनडे में 196 और टी-20 क्रिकेट में 61 विकेट लिए हैं। स्टेन ने टेस्ट से अपने संन्यास की घोषणा करते हुए कहा, मैं आज उस खेल को अलविदा कह रहा हूं, जिसे सबसे ज्यादा चाहता हूं। मेरी नजर में टेस्ट क्रिकेट इस खेल का सबसे बेहतरीन फॉर्मेट है। यह मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से आपकी परीक्षा लेता है। यह सोचना हीडराने वाला है कि अब मैं टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलूंगा। लेकिन इससे भी ज्यादा डरावना यह हो सकता था कि मैं किसी भी फॉर्मेट में नहीं खेल सकें। इसलिए मैंने यह तय किया कि मैं वनडे और टी-20 क्रिकेट खेलता रहूंगा।” तेज गेंदबाज ने कहा, “मैं उन सभी को शुक्रिया कहना चाहता हूं जिन्होंने मेरे क्रिकेट करियर में किसी भी तरह की भूमिका निभाई। मैं अब दक्षिण अफ्रीका के लिए आगे खेलना चाहता हूं। इसलिए सबका शुक्रिया।” स्टेन ने अपना टेस्ट करियर 17 दिसम्बर 2004 को पोर्ट एलिजाबेथ में इंग्लैंड के खिलाफ शुरू किया था और उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट फरवरी 2019 को पोर्ट एलिजाबेथ में ही श्रीलंका के खिलाफ खेला था। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी), भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने स्टेन को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। “डेल बेशक क्रिकेट के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में से एक है। जब उन्होंने 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया और अपने कप्तान माइकल वॉन को एक शानदार गेंदबाज़ी के साथ आउट किया, वह विश्व क्रिकेट में सबसे तेज़ गेंदबाज़ों में से एक रहे हैं। "- थबांग ग्रेग मोरो (मुख्य कार्यकारी, दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट संघ)।'