हरदीप पुरी ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 की शुरुआत की


>वॉटर प्लस प्रोटोकॉल, स्वच्छ नगर एप और स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 टूलकिट शुरू किए गए


>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त एमएसबीएम एप भी लॉन्च की गई


नई दिल्ली - आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी ने आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित करवाए जाने वाले पांचवें वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 (एसएस 2020)' की आज यहां शुरुआत की। इसके साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 टूलकिट, एसबीएम वॉटर प्लस प्रोटोकॉल एवं टूलकिट, एकीकृत कचरा प्रबंधन एप - स्वच्छ नगर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त एमएसबीएम एप भी शुरू की गईं। पूरे देश में इनके लॉन्च को सब राज्यों और शहरों में देखा जा सके इसके लिए इस कार्यक्रम का वेब पर सीधा प्रसारण किया गयाइस कार्यक्रम में एक विशेष स्वच्छ सर्वेक्षण की थीम वाले गीत का विमोचन किया गया जिसमें कंगना रनौत, गायक कैलाश खेर और मोनाली ठाकुर ने काम किया है। इस लॉन्च के अवसर पर आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा, मिशन के निदेशक और संयुक्त सचिव वी के जिंदल और विभिन्नस् थानीय शहरी निकायों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। इस कार्यक्रम में बोलते हुए श्री पुरी ने कहा, “इससे पहले इस वर्ष हमने स्वच्छता पर सेवा स्तरीय प्रदर्शन की निरंतर निगरानी के साथ शहरों के ज़मीनी प्रदर्शन को बरकरार रखने के उद्देश्य के साथ स्वच्छ सर्वेक्षण लीग 2020 (एसएस लीग 2020) की शुरुआत की थी। आज का आयोजन स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 की शुरुआत करने के लिए है जिसका क्षेत्र सर्वेक्षण जनवरी 2020 में संचालित करवाया जाएगा। यह इस लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि ये हमें साफ, कचरा मुक्त और स्वच्छ 'नए भारत' के अपने वादे को एक बार फिर से पुष्ट करने का अवसर प्रदान करता है, न सिर्फ उन प्राप्तियों को बरकरार रखते हुए जो हमने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत अर्जित की हैं बल्कि हमारे सब शहरों में पूर्ण स्वच्छता की अवधारणा को सं थागत करने की रूपरेखा प्रदान करते हुए”। माननीय मंत्री द्वारा लॉन्च की गई स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 टूलकिट में विस्तृत सर्वेक्षण पद्धति और स्कोर के साथ घटक संकेतक हैं ताकि इस सर्वेक्षण के लिए शहरों को तैयार करने में मदद की जा सके। आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने एसएस 2020 पर अपनी प्रस्तुति के दौरान ज़िक्र किया, “हर साल इस स्वच्छ सर्वेक्षण को नए तरीके से पुनः डिजाइन किया जाता है ताकि बदले हुए व्यवहारों को बनाए रखने पर ध्यान देते हुए यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह प्रक्रिया ज्यादा से ज्यादा मज़बूत होती जाए।” श्री मिश्रा ने उन प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित किया जो एसएस 2019 से एसएस 2020 को अलग बनाते हैं। इसके अलावा निरंतरता और स्थरता पर ध्यान देते हुए एसएस 2020 संकेतकों, त्रैमासिक और वार्षिक दोनों मूल्यांकनों, का प्रमुख ध्यान पूर्ण मल कीचड़ प्रबंधन और अपशिष्ट जल शोधन पर रहा है जिसकी घोषणा इस सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में की थी। इस कार्य के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मंत्रालय ने वॉटर प्लस प्रोटोकॉल और इसके साथ के टूलकिट की शुरुआत की। ओडीएफ, ओडीएफ+ और ओडीएफ++ से आगे बढ़ते हुए वॉटर प्लस प्रोटोकॉल का उद्देश्य शहरों और कस्बों के लिए दिशा निर्देश प्रदान करना है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अनुपचारित अपशिष्ट पानी पर्यावरण में नहीं बहाया जाए जिसके नतीजतन स्वच्छता मूल्य श्रृंखला मेंस् थायित्व कायम होगा। यह जल शक्ति अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण और पुनःउपयोग पर सरकार के केंद्रित ध्यान के मुताबिक है और स्वच्छ जल व स्वच्छता को लेकर सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप है। ये टूलकिट आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा तय किया गया विस्तृत एसबीएम वॉटर प्लस प्रोटोकॉल मुहैया करवाता है, साथ ही इसमें वो घोषणा प्रारूप भी हैं जिन्हें विभिन्न हितधारकों से प्राप्त किया जाना है जो एसबीएम वॉटर प्लस घोषणा एवं प्रमाणन प्रक्रिया के हिस्से के तौर पर वार्डों / कार्य सर्किल (यदि विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में हो तो) और शहरों को जमा करवाना है। एसएस 2020 का संचालन जनवरी 2020 में किया जाएगा। स्वच्छ सर्वेक्षण का प्रमुख ज़ोर हमेशा से ही नागरिकों के जुड़ाव पर रहा है चाहे वो नागरिकों की प्रतिक्रिया के माध्यम से हो या नागरिकों की भागीदारी से जुड़े संकेतक हों। नागरिकों के सीधे जवाबों के माध्यम से स्वच्छता पर शहरों द्वारा जो प्रगति की गई है उसके सत्यापन के माध्यम से इस साल नागरिक केंद्रित ध्यान को बहत अधिक बढ़ा दिया गया है। शहरीस् थानीय निकायों और नागरिकों को एकीकृत कचरा प्रबंधन उपाय मुहैया करवाने पर प्रमुख ध्यान को जारी रखते हुए आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने स्वच्छ नगर मोबाइल एप भी लॉन्च की है। इस एप में कई विशेषताएं हैं जैसे शहरीस् थानीय निकायों द्वारा कचरा संग्रहण को मार्ग व वाहन की निगरानी के जरिए ट्रैक करना, नागरिकों को सूचना देना, उपयोगकर्ता शुल्क को ऑनलाइन जमा करना और एक प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र का होना। इस प्रकार यह एप निगरानी के अभाव, पृथक कचरे के संग्रहण और कचरा वाहनों व कचरा बीनने वालों को ट्रैक करने जैसे प्रभावी कचरा प्रबंधन के रास्ते में आने वाले कई मसलों का उत्तर होगी। इस कार्यक्रम में एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त एमएसबीएम एप को भी प्रारंभ किया गया जो कि एक मोबाइल एप है जिसे राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) ने विकसित किया है जो बैकएंड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रारूप का उपयोग करते हुए अपलोड की गई फोटो में लाभार्थी के चेहरे और टॉयलट सीट को पहचानने में मदद करती है। यह एप व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों (आईएचएचएल) के आवेदकों को न सिर्फ फोटोग्राफ अपलोड करने के बाद एसबीएम-यू के तहत उनके आवेदन की थति को रियल टाइम यानी उसी समय जानने की सुविधा देगी बल्कि उन्हें सही फोटो अपलोड करने में भी मदद करेगी। यह एप संबंधित शहरीस् थानीय निकाय के नोडल अधिकारी को आवेदन के सत्यापन और मंजूरी में भी मदद करेगी जिससे आवेदकों के लिए प्रक्रिया समय को बहुत अधिक कम किया जा सकेगा। इस कार्यक्रम का समापन स्वच्छ सर्वेक्षण थीम गीत से किया गया। जहां पद्मश्री से सम्मानित कैलाश खेर और मोनाली ठाकुर ने 'स्वच्छता अधिकार हैशीर्षक वाले इस गीत में अपनी आवाज़ दी है वहीं राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता अभिनेत्री कंगना रनौत ने इस वीडियो में अभिनय किया है।



उन्होंने एसएस 2020 के प्रमुख केंद्रीय क्षेत्रों पर विस्तार से बात कीः


स्वच्छ सर्वेक्षण 2020:


प्रमुख केंद्रीय क्षेत्र-


1. पृथक-पृथक कचरा जमा करना और प्रोसेसिंग थल तक उसे बनाए रखना


2. गीले कचरे की प्रसंस्करण सुविधाओं की क्षमता का उपयोग करना


3. गंदे पानी की सफाई और पुनः उपयोग करना


4. तीन सिद्धांतों का पालन करनाः घटाना, पुनः उपयोग करना, पुनर्चक्रण


5. ठोस कचरा आधारित वायु प्रदूषण कम करना


6. अनौपचारिक कचरा बीनने वालों की सामाजिकस्थति को ऊपर उठाना


7. जीईएम के माध्यम से प्राप्ति को बढ़ावा देना


8. कार्रवाई में तेजी लाने के लिए अलग से गंगा शहरों का आकलन करना


9. टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी को जोड़ना