भविष्य के उद्यमी बनने की युवाओं में अपार संभावनाएं: डॉ दिनेश शर्मा

> उपमुख्यमंत्री ने स्टार्ट - अप कॉक्लेव 2019 में मुख्य अतिथि बन प्रतिभाग किया।


> कानपुर फ्लोरा साइक्लिंग को दिया गया बेस्ट स्टार्टअप का अवॉर्ड।


>उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने स्टार्टअप एक्सप्रेस मोबाइल वैन रवाना की।



लखनऊ: प्रदेश में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार 1000 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड बनाएगी। इस फंड के जरिए प्रदेश में स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसका ऐलान शनिवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित 'स्टार्टअप कॉक्लेव के मौके पर उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने किया। कॉक्लेव में इस क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले स्टार्टअप्स को सम्मानित भी किया गया। प्रदेश के हर हिस्से तक इसके लिए जागरूकता फैले इसके लिए उप मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप एक्सप्रेस मोबाइल वैन भी रवाना की। यह वैन हर मंडल में जाएगी और युवाओं को स्टार्टअप के बारे में बताएगी। डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि आईटी ऐंड इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग ने 5 साल में 5 लाख से ज्यादा नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है। दिनेश शर्मा ने बताया कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर आईटी ऐंड इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की कंपनियां निवेश कर रही हैं। 5 लाख नौकरियों में से एक बड़ी संख्या में नौकरी स्टार्टअप के जरिए आएंगी। इसके अलावा राज्य सरकार एक नई स्टार्टअप नीति भी ला रही है। कार्यक्रम से पहले उप मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप्स को देखा और युवाओं से उनके बारे में जाना। काँक्लेव के दौरान 40 से ज्यादा स्टार्टअप की प्रदर्शनी लगाई गई थी। इसमें अलग-अलग क्षेत्र के स्टार्टअप और इक्यूबेटर शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान इंडिया एंजेल नेटवर्क के सं थापक डॉ सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि नौकरियां न होना देश की बड़ी समस्या है। इस समस्या को दूर करने में स्टार्टअप अहम भूमिका निभा सकते हैं। एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अगले 7 साल में परंपरागत क्षेत्रों की 60 प्रतिशत से ज्यादा नौकरियां खत्म हो जाएंगी। ऐसे में भारत को भी यूएस की तरह स्टार्टअप पर जोर देना होगा, ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके और भारत 5 बिलियन डॉलर इकोनॉमी बन सके। उन्होंने कहा यूपी को स्टार्टअप के क्षेत्र में लीड लेने के लिए केरल, कर्नाटक जैसे राज्यों के मॉडल को अपनाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स अजीत पाल सिंह, अपर मुख्य सचिव, आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक सिन्हा, विशेष सचिव कुमार प्रशांत और ऋषिरेन्द्र कुमार मौजूद थे। कॉक्लेव के दौरान प्रदेश में बेहतर काम करने वाले स्टार्टअप्स को सम्मानित किया। बेस्ट स्टार्टअप का अवॉर्ड कुक सफारी की डायरेक्टर शैंपा सहाय को दिया गया। शेंपा ने हर रेसिपी के लिए एक मसाला डेवलप किया है। इसका इस्तेमाल कर कोई भी व्यक्ति रेस्टोरेंट की तरह भोजन तैयार कर सकता है। उन्हें 2 लाख रुपये का चेक और मोमेंटो दिया गया। इनटैलो सफर नाम के अवॉर्ड को फर्स्ट रनर अप और स्टार्टअप वीटोजेन को सेकंड रनर अप का अवॉर्ड दिया गया। फर्स्ट रनर अप को 1.50 लाख रुपये और सेकंड रनर अप को एक लाख रुपये का चेक दिया गया। इसके अलावा आइडिएशन के क्षेत्र में कानपुर फ्लोरा साइक्लिंग को बेस्ट स्टार्टअप का अवॉर्ड दिया गया। वहीं नीर एग्री वेंचर्स को फर्स्ट और एडवेक्टो लीगल साल्यूशंस को सेकंड रनर अप का पुरस्कार दिया गया। बेस्ट वूमन एंटरप्रेन्योर का अवॉर्ड ट्रैश कैश, बेस्ट सोशल इंपैक्ट का अवॉर्ड देवनागरी और ईडी कैप्टन नाम के स्टार्टअप को दिया गया। वहीं बेस्ट स्टूडेंट का अवॉर्ड सब रूम और वूमन सेफ्टी ऐप बनाने के लिए लाडली ऐप की सं थापक स्निगधा सक्सेना को सम्मानित किया गया।