देश की आजादी का केन्द्र बिन्दु रहा है बुन्देलखण्ड क्षेत्र: योगी आदित्यनाथ 

> जो किसान या व्यक्ति चार निराश्रित गोवंशों को पालने को तैयार हों, उन्हें चिन्हित करके प्रति गाय 900 रुपए प्रतिमाह सीधे उनके खाते में उपलब्ध कराई जाए।


>पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कामतानाथ परिक्रमा पथ, लक्ष्मण पहाड़ी रोप-वे, रामघाट, वाल्मीकि आश्रम आदि तीर्थ क्षेत्रों का किया जाएगा विकास।


>दिव्यांगजन लाभार्थियों को ट्राईसाइकिल, व्हील चेयर व अन्य उपकरण तथा स्कूली बच्चों को स्कूल बैग आदि वितरित किए।



मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने जनपद चित्रकूट में राम मंदिर में पूजा अर्चना की ।


 चित्रकूट - उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को जनपद चित्रकूट में 181 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इनमें 171 करोड़ रुपए की योजनाओं का लोकार्पण तथा 10 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कृषि, उद्यान, पशुपालन, बेसिक शिक्षा, आजीविका मिशन, ओ0डी0ओ0पी0, 'मेरी छत मेरा पानी', इलाहाबाद बैंक, बाल विकास, वन, पर्यटन, स्वास्थ्य विभागों द्वारा लगायी गई प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री  ने बाल विकास विभाग द्वारा संचालित अन्न प्राशन योजना का बच्चों को खीर खिलाकर शुभारम्भ किया। उन्होंने दिव्यांगजन लाभार्थियों को ट्राईसाइकिल, व्हील चेयर व अन्य आवश्यक उपकरण वितरित किए। इसके अलावा उन्होंने स्कूली बच्चों को स्कूल बैग आदि भी वितरित किए। उन्होंने चित्रकूट इण्टर कॉलेज कर्वी के प्रांगण में वृक्षारोपण  किया। उन्होंने जल शक्ति अभियान के अन्तर्गत 'मेरी छत, मेरा पानी' व बेसिक शिक्षा विभाग की 'ज्ञान मंदाकिनी' विवरण पुस्तिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री  ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण व शहरी, मुख्यमंत्री आवास योजना, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड, उद्यान विभाग, दैवीय आपदा, कुम्हारी कला, बेसिक शिक्षा, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना व पिछड़ा वर्ग शादी अनुदान योजना के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र व प्रमाण-पत्र का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने चित्रकूट इण्टर कॉलेज कर्वी में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि चित्रकूट की धरती पवित्र है और धर्म का प्रमुख केन्द्र रही है। हजारों वर्ष पूर्व भगवान श्रीराम ने अपने वनवास के 14 वर्ष का सर्वाधिक समय यहां पर व्यतीत किया। चित्रकूट की ऐसी पावन धरती पर निवास करने वाले लोगों से संवाद स्थापित करने के लिए वे आज यहां उपस्थित हुए हैं। इस प्राचीन इतिहास के हम वंशज हैं। चित्रकुटवासी सौभाग्यशाली हैं, जिन्होंने इस तपोस्थली में जन्म लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा पर्यावरण के संरक्षण हेतु 'प्लास्टिक मुक्त भारत' अभियान चलाया जा रहा है। सरकार द्वारा कुम्हारी कला योजना संचालित की गई हैं। इसके तहत अब चक्के की जगह इलेक्ट्रॉनिक मशीनों द्वारा मिट्टी के बर्तन बनाए जाएंगे, जिससे इस कार्य से जुड़े लोगों की आय में चार गुनी वृद्धि होगी। पहले मिट्टी के बर्तनों को कोई नहीं लेता था, लेकिन अब आयोजनों में मिट्टी के बर्तनों की मांग बढ़ेगी। कुम्हारी कला के लोगों को हर गांव में तालाबों के पट्टे दिए जाएंगे, ताकि वह मिट्टी निकाल कर बर्तन बना सकें। साथ ही, जब बरसात का जल इकट्ठा हो जाएगा, तो उसका भी उपयोग किया जा सकेगा। कुम्हारी कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार द्वारा माटी कला बोर्ड का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री  ने कहा कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिए पहले की सरकारें चिन्तित नहीं थीं, किन्तु प्रदेश सरकार ने इस क्षेत्र के विकास हेतु कई योजनाएं चलायी हैं। इस कड़ी में आगामी 02 माह में प्रधानमंत्री जी द्वारा बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया जाएगा। इसके निर्माण से चित्रकूट से दिल्ली की यात्रा 5 घण्टे में तय की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पर्यटन के क्षेत्र में चित्रकूट की पहचान स्थापित करने के लिए विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। यहां पर वायुमार्ग, सड़क मार्ग व ट्रेन मार्ग के कार्य किए जा रहे हैं। बुन्देलखण्ड में प्राकृतिक सौन्दर्य प्रचुरता से मौजूद है। यहां के हर गांव के घर-घर में पानी पहुंचे, इसके लिए सरकार द्वारा 09 हजार करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इससे चेकडैम, नहर व तालाब आदि के कार्य किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र विकास से वंचित रहता था। बुन्देलखण्ड के विकास हेतु डिफेंस कॉरीडोर का निर्माण किया जा रहा है। यहां फैक्ट्रियां स्थापित की जाएंगी, जिससे नौजवानों व बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा और उनके पलायन को रोका जा सकेगा। बुन्देलखण्ड हमारी बहुत पुरानी परम्परा की धरती है, जो देश की आजादी का केन्द्र बिन्दु भी रहा है। मुख्यमंत्री  ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने सत्ता में आते ही अवैध बूचड़खाने बन्द कराए। गायों की सुरक्षा हेतु गांवों में पशु आश्रय गृह खोले जा रहे हैं, जिससे फसलों को नुकसान से भी बचाया जा सकेगा। उन्होंने जिलाधिकारी व मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि जो किसान या व्यक्ति चार निराश्रित गोवंशों को पालने को तैयार हों, उन्हें चिन्हित करके प्रति गाय 900 रुपए प्रतिमाह सीधे उनके खाते में उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने तथा यहां सड़कों के निर्माण, गोवंश आदि पर भी ध्यान दिया जाए। इसके लिए बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड के साथ मंत्री, सांसद व विधायक बैठक करें। राज्य सरकार द्वारा दूध की क्षमता बढ़ाने के लिए गो संवर्द्धन के लिए नये सिरे से कार्यवाही की जा रही है। इसके तहत दुधारू गायों के पालन का कार्य किया जाएगा। प्रत्येक जनपद में पशु आरोग्य मेले का आयोजन किया जा रहा है।



मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पूर्व में महिलाओं को तीन तलाक द्वारा अनेक प्रकार से प्रताड़ित किया जाता था। इस कुप्रथा को समाप्त कर कानून बनाया गया है, जिसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अब महिला-पुरुष में कोई भेदभाव व अन्याय नहीं होगा। 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री जी व गृहमंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद-370 को समाप्त कर डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी, बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर व सरदार बल्लभ भाई पटेल के सपनों को साकार किया है। कश्मीर से आतंकवाद को समाप्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुन्देलखण्ड के सभी किसानों को किसान सम्मान निधि के तहत 6 हजार रुपए दिए जाने का कार्य किया जा रहा है। प्रयागराज की तरह चित्रकूट की भी सूरत बदली जाएगी। इसके लिए कार्य योजना बनायी जा रही हैं। जनजाति समुदाय के लोगों को केन्द्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं से शत-प्रतिशत आच्छादित किया जा रहा है। हर एक गरीब परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन, आयुष्मान व मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के गोल्डन कार्ड देकर उनके जीवन को सुरक्षित किया जा रहा है। कायाकल्प योजना के माध्यम से कॉन्वेण्ट स्कूलों की तरह प्रत्येक प्राथमिक व उच्च विद्यालयों को विकसित किया जा रहा है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कामतानाथ परिक्रमा पथ, लक्ष्मण पहाड़ी रोप-वे, रामघाट, वाल्मीकि आश्रम आदि तीर्थ क्षेत्रों का विकास व सौन्दर्याकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के साथ पूरे भारत के लोगों को जुड़ना चाहिए, ताकि विकास व सुशासन के लक्ष्य को पूर्ण किया जा सके। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री डॉ0 महेन्द्र सिंह, नागरिक उड्डयन मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता 'नन्दी', लोक निर्माण राज्यमंत्री चन्द्रिका प्रसाद उपाध्याय सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।



मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगायी गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया।



जल शक्ति अभियान के अन्तर्गत 'मेरी छत, मेरा पानी' व बेसिक शिक्षा विभाग की 'ज्ञान मंदाकिनी' विवरण पुस्तिका का विमोचन।


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