महिला और बाल विकास मंत्री बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत राज्यों और जिलों को आज करेंगी सम्मानित

>एचएमआईएस के अनुसार जन्म के समय लिंग अनुपात सुधारने में कामयाब हुए जिलों और राज्यों को सम्मानित करेंगी स्मृति ईरानी।


> केन्द्रीय महिला और बाल विकास मंत्री निम्न को जन्म के समय लिंग अनुपात में लगातार सुधार के लिए करेंगी सम्मानित -


क) 5 राज्यों के प्रधान सचिवों /आयुक्तों


ख) 9 राज्यों के 10 जिलों के जिला मजिस्ट्रेटों/ उपायुक्तों



केन्द्रीय महिला और बाल विकास तथा वस्त्र मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी उन जिलों और राज्यों को सम्मानित करेंगी जिन्होंने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (बीबीबीपी) को सफलतापूर्वक लागू किया है। सम्मान और पुरस्कार समारोह आज नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर राज्य मंत्री देबाश्री चौधरी सम्मानित अतिथि होंगी। कार्यक्रम का उद्देश्य उन राज्यों और जिलों को सम्मानित करना है जो स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों की स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) के अनुसार जन्म के समय लिंग अनुपात सुधारने में कामयाब हुए हैं और जिन्होंने जागरूकता पैदा करने और आगे बढ़ने में उत्कृष्ट कार्य किया है। इस अवसर पर केन्द्रीय महिला और बाल विकास मंत्री 5 राज्यों के प्रधान सचिवों /आयुक्तों और 9 राज्यों के 10 जिलों के जिला मजिस्ट्रेटों/ उपायुक्तों को जन्म के समय लिंग अनुपात में लगातार सुधार के लिए सम्मानित करेंगी। 8 जिलों के 10 अतिरिक्त जिलों के जिला मजिस्ट्रेटों/ उपायुक्तों को भी जागरूकता बढ़ाने और आगे बढ़ने के लिए सम्मानित किया जाएगा। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत राज्यों जिलों द्वारा किए गए नवोन्मेष पर एक स्लाइड शो भी होगा जिसके बाद विजेता राज्यों और जिलों द्वारा किए गए नवोन्मेष कार्यों के बारे में एक लघु वीडियो भी दिखाया जाएगा। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत 22 जनवरी, 2015 में हुई थी। अब यह 640 जिलों में लागू हैं और इन सभी जिलों को मीडिया अभियान में शामिल किया गया है। इन जिलों में से 405 बहुक्षेत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल है जिसमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के लिए डीएम/डीसी को सीधे केन्द्र प्रायोजित योजना के तहत 100 प्रतिशत सहायता दी जाती है। वर्ष 2014-15 और 2018-19 की अवधि के लिए जन्म के समय लिंग अनुपात की राज्य / संघ शासित प्रदेशवार नवीनतम रिपोर्टों में कहा गया है कि लिंग अनुपात बढ़कर 918 से 931 हो गया है जो राष्ट्रीय स्तर पर सुधार की प्रवृत्ति को दर्शाता है।


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