पंकज आडवाणी ने जीता विश्व बिलियर्ड्स खिताब, ने थ्वे ओ को 6-2 से हराया


नयी दिल्ली - भारत के दिग्गज खिलाड़ी पंकज आडवाणी ने म्यांमार के ने श्वे ओ को रविवार को म्यांमार के मांडले में आईबीएसएफ विश्व बिलियर्ड्स प्रतियोगिता के फाइनल में 6-2 से हराकर खिताब जीत लिया। आडवाणी का यह 22वां विश्व खिताब है। आडवाणी का पिछले साल भी ओ से मुकाबला हुआ था और उन्होंने ओ को पराजित कर खिताब जीता था। ओ का इस हार के साथ अपना पहला विश्व खिताब जीतने का सपना टूट गया। आडवाणी ने यह मुकाबला 150(145)-4, 151(89)-66, 150(127)-50(50), 7-150(63,62), 151(50)-69(50), 150(150)-0, 133(64)150(105), 150(74)-75(63) से जीता। अपने 22वें विश्व खिताब पर आडवाणी ने कहा, "हर बार जब भी मैंने विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लिया है मेरे दिमाग में एक बात स्पष्ट रहती है कि मेरा मनोबल ऊंचा रहे। यह खिताब इस बात का सबूत है कि मेरे अंदर खिताब की भूख लगातार बनी हुई है।” बिलियर्ड्स के छोटे फॉर्मेट 150-अप में आडवाणी कागतार चौथे वर्ष विश्व स्तर पर विजेता रहे हैं। अपनी उपलब्धि पर आडवाणी ने कहा, “यह ऐसा फॉर्मेट है जिसमें मुकाबला बहुत नजदीकी होता है और इसके बारे में कोई भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। ऐसे फॉर्मेट में लगातार चार वर्ष खिताब जीतना और पिछले पांच वर्षों में पांच बार खिताब जीतना वाकई ख़ास है।” बिलियर्ड्स में भारत के सबसे सफल खिलाड़ी आडवाणी ने ब्रिटेन में कुछ समय गुजारने के बाद 2014 से फिर से देश के लिए खेलना शुरू किया और उसके बाद से हर वर्ष बिलियर्ड्स या स्नूकर या फिर दोनों में एक विश्व खिताब जरूर जीता। आडवाणी और ओ के बीच लगातार दूसरे वर्ष फ़ाइनल खेला गया और इस खेल के मास्टर आडवाणी ने 6-2 की स्कोरलाइन से मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा बना दिया। आडवाणी ने मुकाबले में शानदार शुरुआत की और 145, 89 और 127 के ब्रेक लगाते हुए 3-0 की बढ़त बना ली। ओ ने हालांकि फिर 63 और 62 के ब्रेक लगाए लेकिन आडवाणी की श्रेष्ठ असहाय बने रह गएआडवाणी ने अगले दो फ्रेम जीत लिए जिसमें 150 का ब्रेक भी शामिल था। ओ ने अपना एकमात्र शतकीय ब्रेक जब लगाया तब तक मुकाबला उनके हाथ से निकल चुका था। भारतीय खिलाड़ी ने फिर 74 का ब्रेक लगाते हुए मैच समाप्त कर दिया और एक और विश्व खिताब अपनी झोली में डाल लिया। ओ को लगातार दूसरे वर्ष रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय खिलाड़ी ने इस तरह साबित किया कि प्रदर्शन में निरंतरता रखने वाले वह भारत के सबसे सफल एथलीट हैं। वह 2003 से विश्व स्तर पर लगातार यह काम करते आ रहे हैं। क्यू स्पोर्ट्स में उनके पास किसी अन्य खिलाड़ी से ज्यादा विश्व खिताब हैं और वह निर्विवाद रूप से क्यू स्पोर्ट्स के लीजेंड बन गए हैं। अपना 22वां विश्व खिताब जीतने के बाद आडवाणी अब आईबीएसएफ विश्व सिक्स-रेड स्नूकर और वर्ल्ड टीम स्नूकर चैंपियनशिप का रूख करेंगे। सिक्स-रेड स्नूकर इस खेल का छोटा प्रारूप है जबकि वर्ल्ड टीम स्नूकर चैंपियनशिप इस खेल का पूरा 15-रेड प्रारूप है। बिलियर्ड्स में भारत के सबसे सफल खिलाड़ी आडवाणी ने ब्रिटेन में कुछ समय गुजारने के बाद 2014 से फिर से देश के लिए खेलना शुरू किया और उसके बाद से हर वर्ष बिलियर्ड्स या स्नूकर या फिर दोनों में एक विश्व खिताब जरूर जीता। बिलियर्ड्स के छोटे फॉर्मेट 150-अप में आडवाणी कागतार चौथे वर्ष विश्व स्तर पर विजेता रहे हैं। अपनी उपलब्धि पर आडवाणी ने कहा, “यह ऐसा फॉर्मेट है जिसमें मुकाबला बहुत नजदीकी होता है और इसके बारे में कोई भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। ऐसे फॉर्मेट में लगातार चार वर्ष खिताब जीतना और पिछले पांच वर्षों में पांच बार खिताब जीतना वाकई ख़ास है।” आडवाणी और ओ के बीच लगातार दूसरे वर्ष फ़ाइनल खेला गया और इस खेल के मास्टर आडवाणी ने 6-2 की स्कोरलाइन से मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा बना दिया। आडवाणी ने मुकाबले में शानदार शुरुआत की और 145, 89 और 127 के ब्रेक लगाते हुए 3-0 की बढ़त बना ली। ओ ने हालांकि फिर 63 और 62 के ब्रेक लगाए लेकिन आडवाणी की श्रेष्ठता के आगे वह असहाय बने रह गए। आडवाणी ने अगले दो फ्रेम जीत लिए जिसमें 150 का ब्रेक भी शामिल थाओ ने अपना एकमात्र शतकीय ब्रेक जब लगाया तब तक मुकाबला उनके हाथ से निकल चुका थाभारतीय खिलाड़ी ने फिर 74 का ब्रेक लगाते हुए मैच समाप्त कर दिया और एक और विश्व खिताब अपनी झोली में डाल लिया। ओ को लगातार दूसरे वर्ष रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय खिलाड़ी ने इस तरह साबित किया कि प्रदर्शन में निरंतरता रखने वाले वह भारत के सबसे सफल एथलीट हैं। वह 2003 से विश्व स्तर पर लगातार यह काम करते आ रहे हैं। क्यू स्पोर्ट्स में उनके पास किसी अन्य खिलाड़ी से ज्यादा विश्व खिताब हैं और वह निर्विवाद रूपसे क्यू स्पोर्ट्स के लीजेंड बन गए हैं। अपने 22वें विश्व खिताब पर आडवाणी ने कहा, "हर बार जब भी मैंने विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लिया है मेरे दिमाग में एक बात स्पष्ट रहती है कि मेरा मनोबल ऊंचा रहे। यह खिताब इस बात का सबूत है कि मेरे अंदर खिताब की भूख लगातार बनी हुई है।" अपना 22वां विश्व खिताब जीतने के बाद आडवाणी अब आईबीएसएफ विश्व सिक्स-रेड स्नूकर और वर्ल्ड टीम स्नूकर चैंपियनशिप का रूख करेंगे। सिक्स-रेड स्नूकर इस खेल का छोटा प्रारूप है जबकि वर्ल्ड टीम स्नूकर चैंपियनशिप इस खेल का पूरा 15रेड प्रारूप है।