राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर कार्गो कनेक्टिविटी सुलभ कराएगा साहिबगंज मल्टी-मोडल टर्मिनल

>मल्टी-मोडल टर्मिनल झारखंड एवं बिहार के उद्योगों को वैश्विक बाजार के लिए खोलेगा और जलमार्गों _के जरिए भारत-नेपाल-बांग्लादेश और उत्तर-पूर्व कार्गो कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।


> प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी झारखंड के साहिबगंज में गंगा पर भारत के दूसरे मल्टी-मोडल टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे।



प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 सितम्बर, 2019 को झारखंड के साहिबगंज में गंगा पर बने भारत के दूसरे मल्टी-मोडल टर्मिनल को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री झारखंड के रांची में आयोजित किये जाने वाले एक कार्यक्रम के दौरान दोतरफा डिजिटल संचार प्रणाली के जरिए अत्याधुनिक टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे। शिपिंग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख मांडविया झारखंड के साहिबगंज में उपर थत रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ही अप्रैल 2017 में आईडब्ल्यू एआई के साहिबगंज मल्टी-मोडल टर्मिनल की आधारशिला रखी थी, जिसका निर्माण लगभग दो वर्षों की रिकॉर्ड अवधि में 290 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। यह जल मार्ग विकास परियोजना (जेएमवीपी) के तहत गंगा नदी पर बनाए जा रहे तीन मल्टी-मोडल टर्मिनलों में से दूसरा टर्मिनल है। इससे पहले नवम्बर, 2018 में प्रधानमंत्री ने वाराणसी में मल्टी-मोडल टर्मिनल (एमएमटी) का उद्घाटन किया था। साहिबगंज थत मल्टी-मोडल टर्मिनल झारखंड एवं बिहार के उद्योगों को वैश्विक बाजार के लिए खोलेगा और इसके साथ ही जलमार्ग के जरिए भारत-नेपाल कार्गो कनेक्टिविटी सुलभ कराएगा। यह राजमहल क्षेत्ररथत स्थानीय खदानों से एनडब्ल्यू-I पर िथत विभिन्न ताप विद्युत संयंत्रों को घरेलू कोयले की दुलाई करने में महतवपर्ण भमिका निभाएगा। इस टर्मिनल के जरिए कोयले के अलावा सटोन चिपस. उर्वरकों, सीमेंट और चीनी की भी ढुलाई किए जाने की आशा है। मल्टी-मोडल टर्मिनल से इस क्षेत्र में लगभग 600 लोगों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार और तकरीबन 3000 लोगों के लिए अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की आशा है। नये मल्टीमोडल टर्मिनल के जरिए साहिबगंज में सड़क-रेल-नदी परिवहन के संयोजन से अंदरूनी इलाकों का यह हिस्सा कोलकाता एवं हल्दिया और उससे भी आगे बंगाल की खाड़ी से जुड़ जाएगा। इसके अलावा साहिबगंज नदी-समुद्र रूट से बांग्लादेश होते हुए पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़ जाएगाउपर्युक्त टर्मिनल की क्षमता 30 लाख टन सालाना है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड के तहत दूसरे चरण में क्षमता विस्तार के लिए 376 करोड़ रुपये निवेश करने के बाद यह क्षमता बढ़कर 54.8 लाख टन सालाना हो जाएगी।



साहिबगंज मल्टी-मोडल टर्मिनल की विशेषताएं:


• राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (गंगा नदी) पर दूसरा मल्टी-मोडल टर्मिनल


• मल्टी-मोडल टर्मिनल के प्रथम चरण की लागत : 290 करोड़ रुपये


• परियोजना आरंभ करने की तिथि : 10 नवम्बर, 2016


• परियोजना पूरी होने की तिथि: सितंबर, 2019


• जेट्टी: लंबाई 270 मीटर x चौड़ाई 25 मीटर, बर्थिंग और लंगर की सुविधा के साथ


• एक मोबाइल हार्बर क्रैन



मल्टी-मोडल टर्मिनलों का निर्माण जल मार्ग विकास परियोजना के तहत किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य 1500-2000 टन तक के वजन के बड़े जहाजों के नौवहन के लिए वाराणसी और हल्दिया के बीच गंगा नदी के फैलाव को विकसित करना है।


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