सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने जन्मदिन पर किये रामलला के दर्शन, संतों का मिला आशीर्वाद

> सुब्रमण्यम स्वामी को विराट हिदुस्तान संगम की तमिल नाडु कांचीपुरम शाखा द्वारा विशेष शॉल उढ़ाई गयी।


> अयोध्या में डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में डॉ सुब्रमण्यम स्वामी को छात्रों और शिक्षकों की विशाल सभा इकट्ठी हुई। साथ ही डॉ रोक्साना स्वामी को विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।


> विराट हिंदुस्तान संगम ने नित्य गोपाल दास जी की अध्यक्षता में आयोजित किया अभिनन्दन समारोह।



अयोध्या - श्रीरामजन्मभूमि के प्रति देश के करोड़ों लोगों की आस्था है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि अब था पर सवाल नहीं हो सकता। सेक्युलर होने के बाद भी हमारे संविधान में भी अब था का जिक्र किया गया है। हमें भरोसा है कि राम मंदिर के प्रति हिंदुओं की था को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाएगा। ये बात भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कही। वह शनिवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड यहां मस्जिद के प्रति अ था की बात नहीं करता, वह कहता है ये जमीन हमारी है, हम उसके ठेकेदार हैं। वहीं, सुन्नी वक्फ बोर्ड को छोड़कर देश के सारे मुसलमानों की इच्छा है कि ये जमीन हिंदुओं को राम मंदिर निर्माण के लिए दे दी जाए। पूरा विवाद सिर्फ गर्भगृह की 2.77 एकड़ जमीन को लेकर है, इसके अलावा सरकार द्वारा अधिगृहीत की गई 67.4 एकड़ जमीन पर कोई विवाद नहीं है। ये केंद्र सरकार के पास है वह इस पर जल्द ही मंदिर निर्माण कराने जा रही है। कहा कि ये फैसला पिछली सरकार में हो सकता था लेकिन हमने संयम बरता। अब इस भूमि पर मंदिर निर्माण को लेकर कार्य शुरू कराया जाएगा, बाकी गर्भगृह पर फैसला आने पर मंदिर निर्माण पूर्ण हो जाएगा। जल्द ही यहां भव्य मंदिर का निर्माण होगा, जिससे अयोध्या पूरी दुनिया में आकर्षण का केंद्र बनेगा। कहा कि मुस्लिमों ने भारत में 40 हजार से ज्यादा मंदिर को तोड़ा था, हम तो सिर्फ अयोध्या, मथुरा व काशी मांग रहे हैं। हम इसको लेकर रहेंगे। काशी में शिवलिंग है, औरंगजेब ने अपने फरमान में कहा था कि इसे तोड़कर हिंदुओं को मंदिर बनाने के लिए दे दिया जाए। अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट में मेरी बात सुनी जाएगी, इसमें हम पूजा के अधिकार को लेकर बहस करेंगे। भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी अपना जन्मदिन मनाने रामनगरी में आए हुए हैं, उन्होंने कहा कि वो अपना अगला जन्मदिन भव्य राम मंदिर में मनाएंगे। देश में आर्थिक मंदी को लेकर किए गये सवाल पर सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि अभी देश में आर्थिक मंदी नहीं आई है लेकिन हम इसकी ओर बढ़ रहे हैंवित्त मंत्री निर्मला सीतारमण परिपक्व हैं लेकिन उन्हें अर्थशास्त्र का ज्ञान नहीं है, इसलिए वह इससे निपटने का जरिया खोज नहीं पा रहीं हैं। इस मामले में सरकार अगर उनसे राय मांगेगी तो वह इससे निपटने का उपाय अवश्य बताएंगे। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अर्थशास्त्र के ज्ञाता था लेकिन वो अनपढ़ सोनिया के आगे झुक जाते हैं। भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व मंत्री पी चिदंबरम तिहाड़ जेल में हैं इसके बाद अब सोनिया गांधी व शशि थरूर का नंबर है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुशल प्रशासक हैं उनके प्रहार से पाकिस्तान डरा हुआ हैउनके नेतृत्व में गृह मंत्री अमित शाह ने जिस बहादुरी से संसद से अनुच्छेद 370 को समाप्त कराया वह अत्यंत प्रशंसनीय है। अमित शाह भाजपा के सभी वादे पूरे कर रहे हैं, जल्द ही और कई बड़े फैसले होंगे। अनुच्छेद 370 खत्म होने से कश्मीर में विकास के रास्ते खुलेंगे, इससे वहां आतंकवाद खत्म होगा। पीओके भारत का ही अंग है, वहां रह रहे लोगों में पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश है, वो विद्रोह कर रहे हैंसरकार को चाहिए कि वह पीओके को भारत का हिस्सा बनाने की दिशा में प्रयास करे।



अपने जन्मदिन पर किये रामलला का दर्शन -


भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने रविवार को अपना 80वां जन्मदिन अयोध्या में मनाया। वह सुबह रामलला व हनुमान गढ़ी का दर्शन कर प्रमोद वन स्थित कांची कामकोटि मंदिर में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए। दोपहर दो बजे मानस भवन अयोध्या में विराट हिंदुस्तान संगम संस्था द्वारा उनका अभिनंदन किया गया, जिसकी अध्यक्षता राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास थे। विश्व हिंदू परिषद् दिल्ली के दिनेश जी इस अवसर पर बोले कि सुब्रमण्यम जी विधि के स्वामी हैं, उनके समक्ष जो भी विषय आया भले ही वह उनका विषय न रहा हो उन्होंने गहराई से अध्ययन करके समाधान निकाला। देश में विपरीत रूप से काम करने वाली शक्तियां स्वामी जी से घबराती हैं। राम जन्म भूमि के विषय में शीघ्र सुनवाई हो इसके पीछे भी सुब्रमण्यम जी का हाथ है। दिनेश ने कहा, इनके ही पत्र से कोर्ट ने पुनः संज्ञान लिया है। यह विषय शीघ्र ही निर्णायकर स्थिति में आएगा ऐसा हम विश्वास करते हैं। विश्व हिदू परिषद् ऐसा विश्वास करता है की तथ्यों के आधार पर निर्णय हिन्दू समाज के अनुकूल ही आएगा। जब राम सेतु तोडा जाने लगा, वहाँ मशीने पहंच गई तब विश्व हिंदू परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष अशोक सिंघल ने सुब्रमण्यम जी को राम सेतु बचाने का दायित्व सौपा, तब सुप्रीम कोर्ट में सुब्रमण्यम जी अपील दाखिल करके आये। 29 दिसंबर 2007 को संत समाज, कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन पर ही सुप्रीम कोर्ट को स्टे लगाना पड़ा। दिनेश जी बोले कि, विश्व हिदू परिषद् ने भारत सरकार के संस्कृति विभाग को पत्र लिखा है की राम सेतु को वैश्विक धरोहर घोषित किया जाए। उल्लेखनीय है की संस्कृति विभाग भारत की अमूल्य धरोहर का संरक्षण व पालन पोषण करता है। सुब्रमण्यम जी स्वस्थ रहे और ऐसे ही सक्रिय रह कर कार्य करते रहे यही आशा करूँगा। इस मौके पर उनके साथ विराट हिंदुस्तान संस्था के महामंत्री जगदीश सेठी, अरविंद चतुर्वेदी, अध्यक्ष वरुण वीर, अधिवक्ता त्रिलोकी नाथ पांडेय, शक्ति सिंह, पूर्व विधायक पवन पांडेय, विश्व हिंदू परिषद दिल्ली से पधारे दिनेश जी, राम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष नित्य गोपाल दास, श्री राम कृष्ण दास, ब्रह्म कुंड गुरुद्वारा के ज्ञानी चरणजीत सिंह, महंत सियाराम तिलक, महंत सतीश जी, जगतगुरु राम दिनेशाचार्य, महंत सिद्ध शरण रंग महल के राम प्रकाश दास, राम वल्लभ पंत, श्री राम चरण दास कबीर मठ,श्री राम कुमार दास जी हनुमान गढ़ी, महंत कन्हैया दास सनकादिक आश्रम, राम चंद्र दास निष्काम सेवा ट्रस्ट, डॉ राम विलास वेदांती पूर्व सांसद, राजेंद्र सिंह पंकज विश्व हिंदू परिषद् दिल्ली, महंत अजय शास्त्री, विधायक राम चरित्र यादव आदि उपस्थित थे।



डॉ स्वामी ने रविवार को अपने जन्मदिन के शुभ अवसर पर प्रमोद वन थत कांची मठ में श्रीमती रोक्साना के साथ हवन किया।