एन0सी0आर0बी0 2017 के अपराध आंकड़ें तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत कर रहा विपक्षः सिद्धार्थ नाथ सिंह


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता, सिद्धार्थ नाथ सिंह ने मंगलवार को यहां कहा कि विपक्ष द्वारा एन0सी0आर0बी0 2017 के अपराध आंकड़ें जनता के मध्य जिस प्रकार से प्रस्तुत किये जा रहे हैं, वह तोड़-मरोड़ कर दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष, विषेष तौर पर श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा एवं श्री अखिलेष यादव बिना समुचित अध्ययन किये राजनैतिक रोटियां सेंकने का प्रयास कर रहे हैं। श्री सिंह ने कहा कि एन0सी0आर0बी0 के आंकड़ों को समझने के लिये जनसंख्या के आधार पर अनुपात निकाला जाना चाहिए। श्री सिंह ने कहा कि जिन प्रदेषों कि जनसंख्या अधिक है वहाॅ पर अपराध भी अधिक घटित व पंजीकृत होते है। अपराध की स्थिति समझने के लिए क्राइम रेट एक अच्छा एवं विष्वसनीय संकेतक है। एन0सी0आर0बी0 के मुताबिक क्राइम रेट को प्रति एक लाख जनसंख्या के सापेक्ष अपराधों की संख्या के रूप में परिभाषित अपराध दर (क्राइम रेट) एक सार्वभौमिक वास्तविक संकेतक है। यह राज्य के आकार और जनसंख्या में वृद्धि के प्रभाव को संतुलित करता है अर्थात जिस प्रदेष में जनसंख्या अधिक होगी, वहां अपराध की संख्या भी अधिक होगी। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि इस प्रकार क्राइम रेट, ही अपराधों की सही स्थिति समझने के लिए वास्तविक संकेतक है। अपराध दर प्रदेष की प्रति लाख जनसंख्या के आधार पर निकाली जाती है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में महिलाओं की स्थिति काफी सुदृढ़ हुई है। वर्तमान समय में प्रदेष की महिलाएं स्वयं को पूर्व की अपेक्षा अधिक सुरक्षित महसूस कर रही है।


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