सुमित नागल ने ब्यूनस आयर्स टूर्नामेंट प्रतियोगिता जीत कर रचा इतिहास

> सुमित नागल बने ब्यूनस आयर्स एटीपी चैलेंजर खिताब जीतने वाले पहले एशियाई खिलाड़ी।



नयी दिल्ली। भारत के उभरते टेनिस स्टार सुमित नागल ने अर्जेंटीना में ब्यूनस आयर्स एटीपी चैलेंजर क्ले कोर्ट टूर्नामेंट जीत कर इतिहास रच दिया है और इसके साथ ही वह विश्व रैंकिंग में अपनी सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग पर पहुंच गए हैं। नागल ने फाइनल में विश्व के 166वें नंबर के खिलाड़ी अर्जेंटीना के फेकुंडोबैगनिस को लगातार सेटों में 6-4, 6-2 से हराया। भारतीय खिलाड़ी ने एक घंटे 37 मिनट में यह मुकाबला जीता। नागल ने इससे पहले सेमीफाइनल में वर्ल्ड नंबर-108 ब्राजील के थियागो मोंटेरो को 6-0, 6-1 से हराया था। इस खिताब के साथ ही सुमित ने एटीपी विश्व रैंकिंग में 26 थान की छलांग लगाकर अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 135वें थान पर पहुंच गए। 22 साल के नागल पिछले महीने यूएस ओपन में 20 ग्रैंड सलेम खिताबों के बादशाह स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर से पहले राउंड में पहला सेट जीतने के बाद चर्चा में आये थे। नागल के इस फाइनल मैच के दौरान अर्जेंटीना में भारत के राजदूत दिनेश भाटिया और काफी संख्या में भारतीय दर्शक भी मौजूद थे। नागल दक्षिण अमेरिकी जमीन पर क्ले सपोर्ट पर खिताब जीतने वाले भारतीय बन गए हैं। केंद्रीय खेलमंत्री किरेन रिजिजू ने सुमित नागल को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है। नागल के छोटे से करियर की यह दूसरी बड़ी सफलता है। उन्होंने इससे पहले 2017 में बेंगलुरु चैलेंजर्स इवेंट भी अपने नाम किया था। यह इस सत्र में किसी भारतीय का पहला एटीपी चैलेंजर टाइटल है। नागल ब्यूनस आयर्स एटीपी चैलेंजर खिताब जीतने वाले पहले एशियाई खिलाड़ी भी बने हैं। सुमित को हाल में बांजा लूका चैलेंजर्स के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार उन्होंने कोई गलती नहीं की और ब्यूनस आयर्स एटीपी चैलेंजर्स खिताब जीतकर ही दम लिया। इस जीत के बाद सुमित एटीपी की ओर से जारी ताजा रैंकिंग में 159वें नंबर से 135वें नंबर पर पहुंच गएअपनी खिताबी जीत के बाद नागल ने कहा, "मैं यहां अकेले आया था। मेरे साथ मेरे कोच (सासा नेंनसेल) और ट्रेनर (मिलोस गागेलिक) भी नहीं थे। कोच के बिना खेलना मुश्किल होता है। लेकिन अब यहां ट्रॉफी उठाना मेरे लिए वाकई शानदार है और मुझे खुद पर गर्व है। अब मुझे अगले सप्ताह ब्राजील जाना है। जहां एक और चैलेंजर टूर्नामेंट खेलना है। इसलिए मेरे पास इस जीत का जश्न मनाने का समय नहीं है। मुझे अभी भी काफी मेहनत करने की जरूरत है, ताकि मैं अपने प्रदर्शन में और सुधार कर सकू।"


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