आईआईटी स्थापना के हीरक जयंती समारोहों की श्रंखला में ग्रैंड पेरेंट्स डे आयोजित


कानपुर (का० उ० सम्पादन)। 8 नवम्बर, शुक्रवार को आईआईटी कानपुर सभागार में आईआईटी स्थापना के हीरक जयंती समारोह में “दादा- दादी , नाना- नानी दिवस” (ग्रैंड पेरेंट्स डे) कार्यक्रम आयोजित किया गया।  कार्यक्रम का शुभारम्भ  मुख्य अतिथि प्रो अभय करंदीकर (निदेशक , आईआईटी कानपुर) के द्धारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। अतिथियों का स्वागत प्रोफेसर समीर खांडेकर (चेयरमैन, हीरक जयंती समारोह समिति)  के द्वारा किया गया। दादा-दादी नाना-नानी के मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति कैंपस स्कूल , अपॉरटूनिटी स्कूल व् केंद्रीय विद्यालय के बच्चों द्वारा प्रस्तुत किया गया। अपॉरटूनिटी स्कूल के बच्चों के द्धारा समूहगान , प्रश्नोत्तरी तथा नाटिका प्रस्तुत की गई। जिसमें विद्यालय के सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों ने अपनी - अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सभी का दिल जीत लिया। केंद्रीय विद्यालय , आईआईटी कानपुर  द्धारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई जिसके उपरान्त रंगारंग कार्यक्रम में लोक नृत्य पर आधारित  ' कलर्स ऑफ़ इंडिया ' एवं योग नृत्य प्रस्तुत किया गया। कैंपस स्कूल के बच्चों ने समूहगान के द्वारा “पेड़ की कहानी पेड़ की जुबानी” प्रस्तुत करके पेड़ लगाने का सन्देश दिया। कैंपस स्कूल के नन्हे मुन्ने बच्चों ने दादा-दादी और नाना- नानी के लिए मनोरंजन से भरपूर छोटा सा चित्रहार मंच पर प्रस्तुत किया। जिसमें साठ के दशक के झुमका गिरा रे , पान खाये सैयां हमारो पर नृत्य करके उपस्थित लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया  और साथ में खूब तालियां भी बटोरी। दादा - दादी एवं नाना- नानी ने अपनी सक्रीय भागीदारी से कार्यक्रम का आनंद लेते हुए उसे सफल बनाया। केंद्रीय विद्यालय, आईआईटी कानपुर के प्राचार्य आर एन वडालकर  ने आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।


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