एसआईआईसी आईआईटी कानपुर ने किया फार्मर हाट का आयोजन

> फार्मर हाट में अर्बन टोकरी पहल से किसान और ग्राहक सीधे जुड़ सकेंगे।

> किसानों और ग्राहकों के मध्य एक ऑनलाइन आदान प्रदान का माध्यम है अर्बन टोकरी।


कानपुर (का ० उ ० सम्पादन)। अर्बन टोकरी, एसआईआईसी आईआईटी कानपुर में इन्क्यूबेटेड कंपनी अग्निस वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड की एक पहल है जिसमें 'फार्म टू फोर्क मॉडल' को सत्यापित करने की कोशिश करी गयी है। आईआईटी की हाइपरलोकल मार्किट ने 'फार्म टू फोर्क मॉडल तैयार किया है जोकि ऐसा मॉडल है जिसमें खेत से ताज़ी सब्जियां और अनाज सीधे आपके घर पर डिलीवर किये जायेंगे। उन्नत भारत अभियान, आईआईटी कानपुर के तहत 5 गांवो को स्मार्ट गाँव बनाने हेतु गोद लिया गया है। इस मॉडल के जरिए लोकल किसानों को सीधा और सरल मार्केट उपलब्ध कराने की कोशिश है। अभी तक 50 से ज्यादा किसानों को और 100 से ज़्यादा प्रोडक्ट जो कि सब्जियां, मसाले, अनाज, तेल आदि (गार्डन फ्रेश और आर्गेनिक दोनों) को अर्बन टोकरी पहल से जोड़ा गया है। फार्मर हाट लगाकर इस कड़ी की शुरुवात आईआईटी कानपुर में करी गयी, इससे किसानों से डायरेक्ट कनेक्ट किया जा सकता है।  23 से 24 नवम्बर के लिए ही यह 2 दिवसीय मेला आयोजित किया गया है। 500 से अधिक लोगों ने फार्मर्स हाट के अंतर्गत अर्बन टोकरी पहल का अवलोकन किया और यहाँ से ताज़ी सब्जियां खरीदीं।


नागेंद्र नाथ सिन्हा (आईएएस) , आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र और मौजूदा समय में एनएचएआई प्रमुख ने इस हाट का उदघाटन करके मेले का शुभारम्भ किया। अर्बन टोकरी किसानों और ग्राहकों के मध्य एक ऑनलाइन आदान प्रदान का माध्यम है। कंपनी इसके लिए एक ऐप्प 'अर्बन टोकरी ऐप्प' को भी लॉन्च कर रही है ताकि लोग इसकी सुविधा का लुफ्त उठा सकें। आईआईटी कानपुर में सफलता अर्जित करने के बाद इस प्लान को कानपुर शहर में शुरू किया जाएगा।

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