मेदान्ता की विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं अब लखनऊ में

> मुख्यमंत्री ने 'मेदांता लखनऊ का शुभारम्भ किया।


> मुख्यमंत्री ने मेदांता लखनऊ का विस्तृत निरीक्षण किया और चिकित्सकीय सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।


> यह संस्थान लखनऊ और उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए एक उपलब्ध: योगी आदित्यनाथ


> हम अपने हर कार्य में मरीजों के प्रति करूणा और प्रतिबद्धता का भाव रखते हैं: डाॅ नरेश त्रेहन



लखनऊ (का० उ० सम्पादन)। बीते मंगलवार की संध्या विशिष्ट थी और इतिहास के पन्नों में अंकित हो गई। ये अवसर था मेदांता अवध हॉस्पिटल के शुभारम्भ का। मेदांता अवध हॉस्पिटल सुशांत गोल्फ सिटी के सेक्टर ए - पॉकेट 1 में निर्मित किया गया है। यह नवनिर्मित भव्य हॉस्पिटल आधुनिक हॉस्पिटलों की एक मिसाल है। मरीज़ों की देखभाल एवं उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए  मेदान्ता ने मंगलवार, 5 नवंबर को  लखनऊ अस्पताल का लाॅन्च किया। नैतिक एवं पारदर्शी चिकित्सा प्रथाओं पर आधारित अस्पताल उत्कृष्ट एवं विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। मेदान्ता लखनऊ 1000 बैड्स से युक्त मल्टी सुपर स्पेशलटी अस्पताल है। इसमें 34 आॅपरेशन थिएटर, 250 से अधिक क्रिटिकल केयर बैड और चिकित्सकीय देखभाल, शिक्षा एवं अनुसंधान सेवाओं की व्यापक रेंज उपलब्ध है। अस्पताल चिकित्सकीय विशेषज्ञता, आधुनिक टेक्नोलाॅजी, अत्याधुनिक बुनियादी सुविधाओं के साथ समेकित एवं व्यापक सूचना प्रणाली का संयोजन है। मेदान्ता विभिन्न क्षेत्रोंः कार्डियोलोजी एवं कार्डियक सर्जरी, न्यूरोलोजी, गैस्ट्रोएंट्रोलोजी, यूरोलोजी, आॅर्थोपेडिक्स, रेडियोलोजी, ट्रांसफ्यूज़न मेडिसिन, पल्मोनरी मेडिसिन, मेडिकल ओंकोलोजी, इंटरनल मेडिसिन और एंडोक्राइनोलोजी आदि में बहु-आयामी दृष्टिकोण के साथ आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। आधुनिक एवं पारम्परिक चिकित्सा रूपों के संयोजन के साथ मेदान्ता सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक प्रथाओं के द्वारा मरीज़ों को सेवाएं प्रदान करेगा। अस्पताल से लगभग 25000 लोगों को रोज़गार मिलेगा। 



डाॅ नरेश त्रेहन, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, मेदान्ता ने कहा, मेदान्ता अस्पताल, लखनऊ, शहर में एवं आस-पास के क्षेत्रों में विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराएगा। अत्याधुनिक तकनीक और चिकित्सा जगत के कुछ उत्कृष्ट नामों के साथ अस्पताल आधुनिक चिकित्सा प्रणाली में आधुनिक समाधानों से मरीज़ों को लाभान्वित करेगा। मरीज़ों को सर्वश्रेष्ठ सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए हम बेहद पर्सनलाइज़्ड एवं कस्टमाइज़्ड उपचार उपलब्ध कराते हैं। हम अपने हर कार्य में मरीजों के प्रति करूणा और प्रतिबद्धता का भाव रखते हैं। मुझे खुशी है हम लखनऊ को अपनी सेवा प्रदान करने जा रहे हैं। मेरा मानना है कि स्वास्थ्य सेवाओं की अवधारणा प्रासंगिक होनी चाहिए, इसके विभिन्न पहलुओं के बीच आपसी तालमेल होना चाहिए। हमारी इच्छा है कि हम बीमारियों का बोझ कम करने में मदद करे। हम बीमारियों को रोकने और मरीज़ों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। यह मेरे अपने शहर लखनऊ के लिए हमारी ओर से सम्मान और स्नेह का भाव है। डॉ त्रेहन ने कहा कि हॉस्पिटल में डायलेसिस के मरीजों के लिए गेट से ही सुगम सुविधा दी गयी है। उन्होंने कहा कि हम अपनी केयर में एक छोटे बैक्टीरिया से उत्पन्न होने वाली बीमारी की भी रिस्क नहीं लेते, सर्जन और पेशेंट के मध्य हाइजीन का विशेष ध्यान रखा जाना हमारा कल्चर है तभी आज देश में ही नहीं दुनिया की सबसे बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधा का दावा हम करते हैं। जैसा की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में मेदांता के सीएमडी डॉ नरेश त्रेहन ने कहा था कि इस हॉस्पिटल फैसिलिटी का शुभारम्भ इसी वर्ष कर दिया जाएगा तो वे अपने कृत्य पर खरे उतरे और 5 नवंबर को हॉस्पिटल का शुभारम्भ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कर कमलों द्वारा पूर्ण हुआ।



मुख्यमंत्री योगी ने परिसर का शुभारम्भ रिबन काटकर व बटन द्वारा शिलापट अनावरण कर किया। मुख्यमंत्री जी ने मंत्रोच्चारण व विधिवत पूजा अर्चना की और इस परिसर की सफलता की कामना की। डॉ नरेश त्रेहन ने मुख्यमंत्री को मेदांता हेल्थकेयर की आधुनिक हॉस्पिटल सेवाओं का अवलोकन कराया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मेदांता लखनऊ का संचालन स्वास्थ्य के क्षेत्र में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए सहायक होगा। उन्होंने कहा कि लखनऊ में पहले से ही एस0जी0पी0जी0आई0, डॉ0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, के0जी0एम0यू0 जैसे चिकित्सीय संस्थान मौजूद हैं। मेदांता लखनऊ के संचालन से चिकित्सा क्षेत्र में जनसंख्या के बढ़ते दबाव को कम किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह संस्थान लखनऊ और उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए एक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान उत्तर प्रदेश के साथ-साथ बिहार और नेपाल के तराई वाले क्षेत्रों के निवासियों के लिए भी लाभकारी होगा। पूर्व में स्तरीय और उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधाओं के लिए लोगों को दिल्ली व अन्य स्थानों का रुख करना पड़ता था। उन्होंने किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज के छात्र रहे मेदांता के संस्थापक पद्भ भूषण डॉ0 नरेश त्रेहन को 'मेदांता लखनऊ' के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लखनऊ में इस संस्थान की स्थापना से उन्होंने गुरू ऋण से उऋण होने का पुनीत कार्य किया है। यह उनके लखनऊ के प्रति विशेष अनुराग का भी द्योतक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 01 हजार 500 करोड़ रुपए के निवेश से इस संस्थान में लगभग 6000 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। ऐसे संस्थानों की प्रदेश और देश में जरूरत है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में सुपर स्पेशियलिटी उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना एक चुनौती है, जिसे मेदांता ने स्वीकार किया है। मेदांता ने चिकित्सा जगत में विशेष उपलब्धियां हासिल करते हुए नए मानक तय किए हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में वर्तमान में व्यापक परिवर्तन दिखायी दे रहा है। वर्ष 2016 तक प्रदेश में मात्र 12 मेडिकल कॉलेज थे। लेकिन वर्तमान में 15 नए मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है, जिसमें से 07 में एम0बी0बी0एस0 के छात्र-छात्राओं को प्रवेश भी मिल चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 06 करोड़ निर्धन लोगों को लाभान्वित करते हुए प्रतिवर्ष 05 लाख रुपए तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। इस योजना में छूटे हुए 56 लाख लोगों को राज्य सरकार द्वारा लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि व्यवसायीकरण के इस युग में मेदांता लखनऊ स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और चिकित्सा व्यवस्था के प्रति विश्वास बनाए रखने में सफल सिद्ध होगा। साथ ही, नागरिकों को उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ0 दिनेश शर्मा, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, जल शक्ति मंत्री डॉ0 महेन्द्र सिंह, महिला कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाती सिंह सहित अन्य मंत्रिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित थे।


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