पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बैंकिंग कमेटी (सुरक्षा) की बैठक सम्पन्न

> साइबर क्राइम को रोकने के लिए प्रदेश की सभी 18 रेंज में एक-एक साइबर थाना स्थापित किया जा रहा है: मुख्यमंत्री


> जनपद स्तर पर लीड बैंक के पदाधिकारियों को प्रशासन के साथ नियमित बैठकें करनी चाहिए: मुख्यमंत्री


> प्राइवेट सुरक्षा कर्मियों का पुलिस सत्यापन कराया जाना आवश्यक: मुख्यमंत्री  


> बैंकों की सुरक्षा में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी: अपर मुख्य सचिव गृह


> बैंकिंग संस्थानों में होने वाली घटनाओं में कमी आयी है: डीजीपी, यूपी


> फेक करेंसी के सम्बन्ध में ई0एफ0आई0आर0 दर्ज कराने की सुविधा दी गई है: डीजीपी, यूपी



लखनऊ (का ० उ ० सम्पादन)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संवाद और समन्वय से सभी क्षेत्रों में बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। राज्य व जनपद स्तर पर शासन-प्रशासन और बैंकों के मध्य बेहतर संवाद और समन्वय से बैंकों से सम्बन्धित घटनाओं और दुर्घटनाओं को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सकता है। बैंक से सम्बन्धित अपराध के मामलों में सतर्कता बहुत मायने रखती है। पारस्परिक समन्वय और प्रभावी सतर्कता से बैंकिंग व्यवस्था को फूलप्रूफ बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री योगी ने यह विचार बीते शनिवार को यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत राज्य स्तरीय सुरक्षा कमेटी (बैंकिंग) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए। बैठक में रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि राज्य में सामान्य सुरक्षा के वातावरण में व्यापक सुधार आया है। इसके बावजूद होने वाली घटनाओं की तह में जाने पर विभिन्न संस्थाओं की लापरवाही सामने आती है। यह राज्य स्तरीय बैठक इसीलिए आहूत की गई है कि वह स्वयं बैंकों के पदाधिकारियों से सतर्कता के साथ सुरक्षा सम्बन्धी दायित्वों के निर्वहन की अपील कर सकें और बैंकिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बैठक के तत्काल बाद वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों तथा रेंज के अधिकारियों को बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर निर्देश देंगे। उन्होंने कहा कि समन्वय के माध्यम से पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाइयों में तेजी लायी गयी है तथा विभिन्न जनपदों में नाबालिग बालिकाओं से सम्बन्धित अपराधों में अपराधियों को एक माह से कम समय में सजा दिलाने में सफलता मिली है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर क्राइम बड़ी चुनौती बन गया है। राज्य सरकार द्वारा लखनऊ और नोएडा में 02 साइबर थाने स्थापित किए गए हैं। प्रदेश की सभी 18 रेंज में एक-एक साइबर थाना स्थापित किया जा रहा है। इसके लिए ट्रेनिंग आदि की कार्रवाई संचालित है। उन्होंने कहा कि बैंक अधिकारी भी इस ट्रेनिंग से जुड़ेंगे तो बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने में तकनीक की बड़ी भूमिका है। तकनीक का उपयोग करके प्रयागराज कुम्भ-2019 का बेहतर आयोजन सम्पन्न कराया गया है। कुम्भ में इंटीग्रेटेड कण्ट्रोल एण्ड कमाण्ड सेण्टर की स्थापना की गयी। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का भी उपयोग किया गया। इससे प्रयागराज कुम्भ-2019 ने सुरक्षा, सुव्यवस्था और स्वच्छता का नया मानक स्थापित किया। प्रयागराज कुम्भ में लगभग 25 करोड़ श्रद्धालु सम्मिलित हुए। वह सभी सुरक्षित वापस गए। यह सुरक्षा के उच्च मानदण्डों को प्रदर्शित करता है। यह दर्शाता है कि तकनीक और संस्थाओं के बेहतर समन्वय से बड़ी से बड़ी स्थिति का समाधान किया जा सकता है। बैंक की शाखाओं, करेन्सी चेस्ट, करेन्सी ट्रांजेक्टशन, ए0टी0एम0, ग्राहक सेवा केन्द्रों के सम्बन्ध में भी ऐसी ही सुरक्षा व्यवस्था बनानी होगी।



मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बैंक शाखाओं सहित सभी बैंकिंग प्रतिष्ठानों में उच्च गुणवत्ता के सी0सी0 टी0वी0 कैमरे स्थापित किए जाने चाहिए। साथ ही, डी0वी0आर0 की सुरक्षा के भी प्रबन्ध होने चाहिए। केवल बैंकिंग प्रतिष्ठानों के आसपास ही नहीं, बल्कि संवाद बनाकर आसपास के स्थानों पर भी सी0सी0 टी0वी0 कैमरे स्थापित किए जाने चाहिए, जिससे बैंकिंग प्रतिष्ठानों के आसपास की गतिविधि पर भी नजर रखी जा सके। बैंक अधिकारियों द्वारा सी0सी0 टी0वी0 में दिखने वाली संदेहास्पद गतिविधियों को पुलिस प्रशासन के साथ शेयर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर लीड बैंक के पदाधिकारियों को प्रशासन के साथ नियमित बैठकें करनी चाहिए। प्रदेश में ग्रामीण व नगरीय इलाकों में 18 हजार से अधिक शाखाएं, 21 हजार से अधिक ए0टी0एम0 तथा बड़ी संख्या में ग्राहक सेवा केन्द्र जैसे बैंकिंग प्रतिष्ठान हैं। राज्य पुलिस इन्हें सुरक्षा उपलब्ध करा सकती है। इसके लिए लगातार कदम उठाए गए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस की इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेवा यू0पी0–112 का रूट चार्ट और लोकेशन समय की आवश्यकता को देखते हुए तय किया जाए। बैंक परिसर के अंदर सुरक्षा के लिए प्राइवेट सुरक्षा कर्मियों को योजित करने के साथ ही, तकनीक का प्रयोग किया जाना चाहिए। इन सुरक्षा कर्मियों का पुलिस सत्यापन भी कराया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में बैंकों के ग्राहक सेवा केन्द्र को ग्राम सचिवालय, चौराहों के आसपास, अच्छे प्रतिष्ठानों, जहां सुरक्षा का बेहतर वातावरण हो, स्थापित किया जाना चाहिए। ग्राहक सेवा केन्द्रों से भी अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और अपनी व्यवस्था बनाने के लिए कहा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्राम पंचायतों तक बेहतर इण्टरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए कार्यवाही की जा रही है। बैठक में अपने विचार व्यक्त करते हुए अपर मुख्य सचिव गृह और सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकिंग कमेटी (सुरक्षा) की बैठक सम्पन्न हो रही है। प्रदेश के विकास में बैंकों का बड़ा सहयोग है। राज्य सरकार के सबसे पहले निर्णय, किसानों की कर्जमाफी को बैंकों के सहयोग से प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। पूर्वान्चल एवं बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे में भी बैंकों द्वारा सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैंकों की सुरक्षा में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। राज्य सरकार बैंक शाखाओं, रोकड़, ए0टी0एम0, बैंक कर्मियों की सुरक्षा के प्रति सजग है। इसके लिए समुचित कदम उठाए जा रहे हैं। बैठक में पुलिस महानिदेशक ओ0पी0 सिंह ने राज्य पुलिस द्वारा बैंकों की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों तथा बैंकों द्वारा अपनी सुरक्षा के सम्बन्ध में अपनायी जाने वाली सावधानियों के सम्बन्ध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैंकिंग संस्थानों में होने वाली घटनाओं में कमी आयी है। पुलिस का रिस्पॉन्स प्रोएक्टिव एवं प्रूडेंटिव हुआ है। '112' का रिस्पॉन्स टाइम 23 मिनट से कम करके 10 मिनट किया गया है। पुलिस पेट्रोल में बैंकिंग संस्थानों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसका ऑनलाइन इस्तेमाल कर पेट्रोल गतिविधियां बढ़ायी जा सकती हैं। फेक करेंसी के सम्बन्ध में ई0एफ0आई0आर0 दर्ज कराने की सुविधा दी गई है। पेट्रोल मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि सजग और सतर्क रहकर बैंकिंग संस्थाओं में होने वाली घटनाओं को नियंत्रित किया जा सकता है। इन संस्थानों में अधिकतर घटनाएं बैंक की सुरक्षा में कमी, बिना सुरक्षा के कैश ट्रांजेक्शन, सी0सी0 टी0वी0 की खराबी, स्ट्रॉन्ग रूम नहीं होने के कारण घटित हुई हैं। उन्होंने कहा कि संस्थाओं में सुरक्षा उपकरणों का लगाया जाना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें कार्यशील रखा जाना चाहिए। इसके लिए उनकी नियमित जांच जरूरी है। साथ ही, बैंक कर्मियों को इन उपकरणों के संचालन की भी जानकारी होनी चाहिए। दूर-दराज के बैंकों में भी सुरक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि वर्तमान समय में ए0टी0एम0 और ऑनलाइन फ्रॉड बड़ी चुनौती है। गोल्डेन पीरियड अर्थात 24 घण्टे में घटना की जानकारी होने पर शीघ्र समाधान सम्भव हो जाता है। उन्होंने इन घटनाओं के लिए केन्द्रीकृत व्यवस्था बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था में सी0सी0 टी0वी0 की बेहतर पोजिशनिंग होनी चाहिए, जिससे बाहरी परिदृश्य भी दिखायी दे। डी0वी0आर0 की रिकॉर्डिंग क्लाउड आदि पर सुरक्षित किए जाने की व्यवस्था होनी चाहिए। निजी सुरक्षा गार्ड की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। ये सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अनुपस्थित न रहे तथा इनसे अन्य कोई कार्य न लिया जाए। आर0बी0आई0 के रीजनल डायरेक्टर लक्ष्मीकांत राव ने राज्य पुलिस की तकनीकी पहल की तारीफ की। आर0बी0आई0 के चीफ जनरल मैनेजर आर0के0 मोहंती ने बैंकिंग संस्थानों की सुरक्षा पर मुख्यमंत्री जी की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसका व्यापक प्रभाव होगा। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा की गई पहल को ग्राउण्ड लेवेल तक पहुंचाने के लिए उपस्थित बैंक प्रतिनिधियों से अनुरोध किया। बैठक में सेण्ट्रल सिक्योरिटी सेल के सिक्योरिटी एडवाइजर के0पी0 रघुवंशी सहित अन्य बैंक प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल सहित शासन व पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तथा बैंक प्रतिनिधि उपस्थित थे।


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