मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सिफ्सा की 32वीं शासी निकाय की बैठक संपन्न

卐 प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को जन-सामान्य तक पहुँचाने हेतु नये अभिनव कार्यक्रम बनाकर शीघ्र ही क्रियान्वयन सुनिश्चित कराया जाए: मुख्य सचिव 

 

卐 प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित कराने के लिये सार्थक प्रयास सुनिश्चित किये जायें: मुख्य सचिव  

 

卐 वित्तीय वर्ष 2019-20 के विभिन्न कार्यक्रमों हेतु रुपये 65 करोड़ 64 लाख 69 हजार का बजट अनुमोदित। 

 


लखनऊ (का ० उ ० सम्पादन)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को जन - सामान्य तक पहुंचाने हेतु नये अभिनव कार्यक्रम बनाकर शीघ्र ही उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि सिफ्सा परिवार नियोजन के क्षेत्र में नये अभिनव कार्यक्रमों के लिये ही जानी जाती है। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के कार्यों के प्रभाव देखने के लिए समय-समय पर थर्ड पार्टी द्वारा मूल्यांकन सर्वेक्षण भी कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित परियोजना प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित कराने के लिये सार्थक प्रयास सुनिश्चित किये जायें। मुख्य सचिव बीते बुधवार को लोक भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में सिफ्सा की 32वीं शासी निकाय (गवर्निंग बाॅडी) बैठक की अध्यक्षता कर आवश्यक निर्देश दे रहे थे। बैठक में सिफ्सा द्वारा वर्ष 2018-19 में किये गये कार्यों की समीक्षा की गयी तथा वित्तीय वर्ष 2019-20 के विभिन्न कार्यक्रमों हेतु रुपये 65 करोड़ 64 लाख 69 हजार का बजट को अनुमोदन प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त महत्वाकांक्षी जनपदों में चलायी जा रही परियोजना ई-पीएचसी परियोजना पर भी सकारात्मक चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि इस योजना के अन्तर्गत 10 जनपदों में एक दूरस्थ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का चयन किया गया है, जिसमें पीपीपी मोड पर निःशुल्क ओपीडी, दवाई तथा 21 प्रकार की डायग्नोस्टिक जाँचें उपलब्ध करायी जा रही हैं।  बैठक में प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण देवेश चतुर्वेदी, अधिशासी निदेशक सिफ्सा पंकज कुमार सहित सम्बन्धित विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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