नरेन्द्र मोदी जी ने आंबेडकर जी के सपनों को धरातल पर लाने का कार्य किया है: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

> केन्द्र सरकार ने देश-विदेश में बाबा साहब आंबेडकर से जुड़े 05 स्थलों को 'पंच-तीर्थ' के रूप में किया है स्थापित। 



लखनऊ (का ० उ ० सम्पादन)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबा साहब डॉ बी0आर0 आंबेडकर का जीवन हम सभी के लिए प्रेरक है। उन्होंने विषम परिस्थितियों में न केवल उच्चतम शिक्षा हासिल की, बल्कि लोगों को न्याय दिलाने के लिए भी आगे आए। उनका मानना था कि सामाजिक व आर्थिक विषमता को दूर कर ही सच्ची स्वाधीनता पायी जा सकती है। इसके लिए उन्होंने शिक्षा को प्रमुख हथियार माना। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय संविधान डॉ आंबेडकर जी की जीवन साधना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते शुक्रवार को यहां भारतरत्न बोधिसत्व बाबा साहब डॉ भीमराव आंबेडकर महासभा में बाबा साहब डॉ बी0आर0 आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के पश्चात अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम बाबा साहब डॉ बी0आर0 आंबेडकर महासभा को भव्य स्मारक के रूप में बनाने के लिए कार्ययोजना बनाए। योगी जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आंबेडकर जी के सपनों को धरातल पर लाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री जी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के विशेष प्रावधानों को संविधान से हटाकर आंबेडकर जी के प्रति सम्मान प्रकट किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2015 में 26 नवम्बर को संविधान दिवस मनाए जाने की घोषणा की थी। इस वर्ष '26 नवम्बर' संविधान दिवस के अवसर पर राज्य विधान मण्डल का विशेष सत्र आयोजित किया गया था, जिसमें भारतीय संविधान पर चर्चा की गई।



योगी जी ने कहा कि डॉ0 आंबेडकर को सम्मान दिलाने में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का महत्वपूर्ण योगदान है। जहां एक ओर प्रधानमंत्री जी बाबा साहब डॉ0 आंबेडकर से जुड़े स्थलों को विकसित कर उनके दर्शन से वर्तमान एवं भावी पीढ़ी को जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर डॉ आंबेडकर की सोच के अनुरूप विकास कार्यों को भी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी जिन गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा प्राप्त नहीं था और इन गांवों के लोगों को वोट देने का भी अधिकार नहीं था, उन्हें हमारी सरकार ने यह अधिकार प्रदान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बाबा साहब के चित्र को सभी सरकारी कार्यालयों में लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केन्द्र सरकार ने देश-विदेश में बाबा साहब डॉ आंबेडकर से जुड़े 05 स्थलों को 'पंच-तीर्थ' के रूप में स्थापित किया है। इनमें मध्य प्रदेश स्थित उनका जन्म स्थान महू छावनी तथा लंदन का वह घर, जहां ब्रिटेन में रहते हुए उन्होंने अपनी पढ़ाई की, सम्मिलित हैं। साथ ही, नागपुर में दीक्षा भूमि, दिल्ली स्थित महापरिनिर्वाण स्थल तथा मुम्बई में चैत्य-भूमि भी शामिल है'पंच-तीर्थ स्थलों के माध्यम से लोगों को बाबा साहब डॉ0 आंबेडकर की दृष्टि एवं विचारों को जानने एवं समझने का अवसर प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गरीबों, दलितों व वंचितों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। पूर्ववर्ती सरकारों ने अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप देने में काफी शिथिलता बरती थी। वहीं हमारी सरकार ने कार्यभार ग्रहण करते ही अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के वंचित लोगों को स्कॉलरशिप देने का काम किया। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से वर्तमान सरकार सामाजिक व आर्थिक भेदभाव को दूर करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसके दृष्टिगत प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 28 लाख लोगों को आवास उपलब्ध कराये गये हैं। 02 करोड़ 61 लाख शौचालय, 01 करोड़ 16 लाख घरों में विद्युत कनेक्शन तथा 01 करोड़ 46 लाख परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन देने का काम किया गया है। 07 करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में स्टैण्डअप योजना के तहत हर बैंक शाखा एक अनुसूचित जाति व जन जाति तथा एक महिला को स्वावलम्बी बनाने की दिशा में कार्य कर रही हैआवश्यकता है कि उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाए। विधान परिषद सदस्य श्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि बाबा साहब डॉ0 बी0 आर0 आंबेडकर बेहद प्रतिभाशाली एवं अनोखे व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने आजीवन वंचितों तथा शोषितों के लिए संघर्ष किया। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी तथा अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।