पाकिस्तान के पैसे पर जो काम हुआ है, वह अब कांग्रेस कर रही है: नरेन्द्र मोदी

> जेएमएम ने झारखंड की पहचान के साथ पिछड़ा शब्द जोड़ दिया: नरेन्द्र मोदी


> कांग्रेस और उसके साथी, बरसों से शासन करने के बावजूद झारखण्ड 20 जिलों में बुनियादी सुविधाएं तक नहीं पहुंचा पाए: नरेन्द्र मोदी


> झारखंड के आदिवासी बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए हर ब्लॉक में एकलव्य मॉडल स्कूल बनाने का संकल्प भाजपा ने लिया है: नरेन्द्र मोदी



दुमका (का ० उ ० सम्पादन)।  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने बीते रविवार को दुमका में एक मेगा रैली को संबोधित करते हुए झारखंड में प्रचार अभियान को गति दी है। कांग्रेस और झामुमो पर आरोप लगाते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'झारखंड के विकास के लिए उनके पास कोई रोडमैप नहीं है और न ही उन्होंने अतीत में कुछ किया है। लेकिन हम आपकी समस्याओं को समझते हैं और उन्हें हल करने की दिशा में काम करते हैं। विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, जिन लोगों पर झारखंड के लोगों ने भरोसा किया था, उन्होंने सिर्फ अपने भले के लिए काम किया है। उन लोगों को आपके द्वारा दंडित किया जाना था, लेकिन वे अभी भी सुधरे नहीं है। वे सिर्फ अपना खजाना भर रहे हैं। मोदी ने रैली को सम्बोधित करते हुए कहा कि, आपने समाचारों में देखा होगा कि देश की संसद ने अभी नागरिकता कानून से जुड़ा एक महत्त्वपूर्ण बदलाव किया है। देश का भला करने की, देश के लोगों का भला करने की इन लोगों से उम्मीद नहीं बची है। ये सिर्फ और सिर्फ अपने परिवार के बारे में सोचते हैं। कल्पना कीजिए, अगर बाबा तिलका मांझी सिर्फ अपना हित ही सोचते तो क्या समाज के लिए इतना कुछ कर पाते? अगर सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो, सिर्फ अपना लाभ ही देखते तो क्या अंग्रेजों का मुकाबला कर पाते। ये तमाम सेनानी, ये तमाम शहीद, परिवार हित से ऊपर उठकर, समाज के हित में, राष्ट्र के हित में खड़े हुए। भाजपा ऐसे ही संस्कारों को धारण करती है, उनको सम्मान देती है। संथाली भाषा और साहित्य देश के प्राचीनतम ज्ञान के संसाधनों में से एक है। ज्ञान का ऐसा अद्भुत खजाना यहां छुपा है, जिस पर रिसर्च ज़रूरी है। पहले सरकारी योजनाएं और कार्यक्रम सिर्फ कागज़ों तक सिमट कर रह जाते थे क्योंकि सरकार और जनता के बीच बहुत बड़ी खाई थी। ये खाई राजनीति की थी, अफसरशाही की थी, भ्रष्टाचार की थी, असंवेदनशीलता की थी। आपका ये सेवक इस खाई को पाटने में निरंतर जुटा है और इसमें अभूतपूर्व सफलता भी मिली है। हमारे देश की संसद ने नागरिकता कानून से जुड़ा एक महत्वपूर्ण बदलाव किया। इस बदलााव के कारण पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से जो वहां कम संख्या में थे, जो अलग धर्म का पालन करते थे, इसलिए वहां उन पर जुल्म हुए, उनका वहां जीना मुश्किल हो गया। ये तीन देशों से हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन, बौद्ध उनको वहां से अपना गांव, घर, परिवार सबकुछ छोड़कर भारत में भाग कर यहां शरणार्थी की जिंदगी जीने के लिए मजबूर होना पड़ा। उनके जीवन को सुधारने के लिए, इन गरीबों को सम्मान मिले इसलिए भारत की दोनों सदनों में भारी बहुमत से इन गरीबों के लिए नागरिकता का निर्णय किया। 2014 से पहले यहां जो मुख्यमंत्री थे, वो 30-35 हज़ार घरों के निर्माण का दावा करते थे और उसको ही बहुत बड़ी उपलब्धि बताते थे। अब हम इस संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं कि देश के हर गरीब के पास अपना पक्का घर हो। आपके खेतों और घरों में पानी पहुंचाने के लिए पहले की सरकारों ने कभी गंभीरता से काम ही नहीं किया। जेएमएम और कांग्रेस का तो ध्यान ही इस बात पर रहा कि सिंचाई विभाग के बजट में किस नेता, किस पार्टी का अधिक हिस्सा रहेगा। झारखंड के लोगों के लिए, अपने आदिवासी भाइयों-बहनों के जीवन को आसान बनाने के लिए, भाजपा के ये प्रयास हमारी नीयत औऱ हमारे सेवाभाव के सबूत हैं। यही सेवाभाव, आपके जल, जंगल और जमीन के अधिकार को सुरक्षित करने की गारंटी देता है। भाजपा की सरकार आपको पूछे बगैर, आपकी अनुमति के बगैर कोई भी कदम नहीं उठा सकती।



जनहित, जनभावना और आपकी इच्छा ही हमारे लिए सर्वोपरि है। जेएमएम लंबे समय से कांग्रेस की सहयोगी रही है। दिल्ली में भी, बिहार में भी और फिर झारखंड में भी सरकारों में हिस्सा रही है। इतने वर्षों में इन्होंने झारखंड की पहचान के साथ पिछड़ा शब्द जोड़ दिया। इन्होंने आप पर खर्च होने वाले पैसे को लूटा और आप को पाई-पाई के लिए मोहताज रखा। दुमका सहित झारखंड के 20 जिले ऐसे हैं जहां कांग्रेस और उसके साथी, बरसों से शासन के बावजूद बुनियादी सुविधाएं तक नहीं पहुंचा पाए। ये भाजपा की ही सरकार है, जिसने झारखंड के इन 20 जिलों को पिछड़े के बजाय आकांक्षी घोषित किया। जेएमएम , कांग्रेस और वामपंथियों के लिए आपका विकास, आदिवासी क्षेत्रों का विकास कभी प्राथमिकता नहीं रहा है। यही कारण है कि आजादी के अनेक दशकों तक सड़क से अगर वंचित रहे हैं तो वो आदिवासी क्षेत्र रहे हैं। बिजली की सुविधा से वंचित रहे हैं तो आदिवासी क्षेत्रों के लोग रहे हैं। सिंचाई की सुविधा से वंचित रहे हैं तो आदिवासी इलाके के किसान रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओँ के अभाव में जीने के लिए मजबूर रहे हैं तो आदिवासी क्षेत्र के परिवार रहे हैं। पढ़ाई-लिखाई से वंचित रहे हैं तो आदिवासी क्षेत्रों के बच्चे रहे हैं। झारखंड के आदिवासी बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के लिए ज्यादा दूर तक ना जाना पड़े, इसके लिए हर ब्लॉक में एकलव्य मॉडल स्कूल बनाने का संकल्प भी भाजपा का ही है। झारखंड में आईआईटी, एम्स जैसे उच्च शिक्षा के, इंजीनियरिंग और डॉक्टरी की पढ़ाई के संस्थान खुलें, ये काम भी भाजपा ने किया है। जिस झारखंड को जेएमएम और कांग्रेस ने पिछड़ेपन का प्रतीक बनाया, उसी झारखंड को हम बदलते भारत की नई पहचान से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। बीते 5 वर्षों में देश की सबसे बड़ी और करोड़ों लोगों का जीवन बदलने वाली योजनाओं की शुरुआत यहीं से हुई है। जेएमएम और कांग्रेस के शासन में विकास को लेकर जो लापरवाही बरती गई, उसने यहां के जनजातीय समुदाय का बहुत नुकसान किया है। भाजपा झारखंड को, यहां के आदिवासी समुदाय को इसी से बाहर निकालने का प्रयास कर रही है। भाजपा हिंसा के रास्ते पर निकले युवाओं को सही रास्ते पर लाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुझे खुशी है कि भाजपा के विकास कार्यों के बाद, बहुत से युवा अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं, अपने परिवारों के बीच वापस आ रहे हैं।