पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के मुख्य कैरिज वे पर माह अक्टूबर, 2020 में हल्के वाहनों का यातायात हो सकता है प्रारम्भ

卐 डिफेंस काॅरीडोर का निर्माण कार्य निर्धारित मानक एवं गुणवत्ता के साथ निर्धारित अवधि में पूर्ण कराने हेतु माहवार निर्धारित माइल स्टोन के अनुसार प्रगति लाना अनिवार्य: मुख्य सचिव

 

卐 परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूर्ण कराने में नियमानुसार स्वीकृत धनराशि के अनुसार धन की कोई कमी नहीं: राजेन्द्र कुमार तिवारी

 

卐 गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण हेतु कम से कम 90 प्रतिशत जमीन आगामी 15 जनवरी तक अधिग्रहीत कराकर जनवरी, 2022 तक निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ पूर्ण करायें: राजेन्द्र कुमार तिवारी

 

卐 गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण हेतु लगभग 8164 हेक्टेयर भूमि की होगी आवश्यकता, निर्माण कार्य हेतु सर्वेक्षण का कार्य प्रारम्भ।

 

卐 निर्माणाधीन डिफेन्स काॅरीडोर में आगामी फरवरी तक लगभग 1000 करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट लाने हेतु विभागीय कार्ययोजना के अनुसार कार्यवाहियां प्रारम्भ।



लखनऊ।  उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने निर्देश दिये हैं कि बुन्देलखण्ड, पूर्वांचल, गोरखपुर लिंक एवं गंगा एक्सप्रेस-वे सहित डिफेंस काॅरीडोर का निर्माण कार्य निर्धारित मानक एवं गुणवत्ता के साथ निर्धारित अवधि में पूर्ण कराने हेतु माहवार निर्धारित माइल स्टोन के अनुसार प्रगति लानी होगी। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूर्ण कराने में नियमानुसार स्वीकृत धनराशि के अनुसार धन की कोई कमी नहीं आने पायेगी। उन्होंने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित अवधि में पूर्ण कराने के निर्देश देते हुये कहा कि माह अक्टूबर, 2020 में ट्रायल के तौर पर मुख्य कैरिज वे पर हल्के वाहनों को यातायात प्रारम्भ कराया जाना सुनिश्चित कराया जाये। उन्होंने एक्सप्रेस-वे के निर्माण हेतु 97.15 प्रतिशत भूमि अधिग्रहीत हो जाने के फलस्वरूप अवशेष मात्र 129.9082 हेक्टेयर भूमि को 31 दिसम्बर, 2019 तक नियमानुसार अधिग्रहीत किये जाने की कार्यवाही पूर्ण कराने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव मंगलवार को लोक भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में प्रोजेक्ट माॅनीटरिंग ग्रुप की बैठक कर परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे की समीक्षा करते हुये निर्देश दिये कि आगामी दिसम्बर, 2021 तक एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य पूर्ण कराने हेतु माहवार लक्ष्य निर्धारित कर कार्यों में और अधिक तेजी लायी जाये। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे के निर्माण हेतु पर्यावरण का क्लीयरेंस प्राप्त हो जाने के फलस्वरूप वन विभाग से आवश्यकतानुसार क्लीयरेंस यथाशीघ्र प्राप्त करा लिया जाए। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे हेतु 84.52 प्रतिशत भूमि अधिग्रहीत हो जाने के फलस्वरूप अवशेष मात्र 176.92 हेक्टेयर भूमि को आगामी 31 जनवरी तक अधिग्रहीत किये जाने की कार्यवाही नियमानुसार सुनिश्चित करा ली जाये। राजेन्द्र कुमार तिवारी ने जनपद गोरखपुर, अम्बेडकर नगर, संतकबीर नगर एवं आजमगढ़ से गुजरने वाले गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण हेतु कम से कम 90 प्रतिशत जमीन आगामी 15 जनवरी तक अधिग्रहीत कराने के निर्देश देते हुये कहा कि यथाशीघ्र कार्य प्रारम्भ कराकर आगामी जनवरी, 2022 तक गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराया जाये। मुख्य सचिव ने जनपद मेरठ के गाजियाबाद-मेरठ सेक्शन एन0एच0 58, जनपद मेरठ से प्रारम्भ होकर जनपद प्रयागराज में प्रयागराज बाईपास एन0एच0 02 पर ग्राम खेमानन्दपुर, सोरांव के समीप लगभग 628 कि0मी0 में निर्मित कराये जाने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण हेतु सर्वेक्षण का कार्य यथाशीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिये। बैठक में मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीडा, अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि जनपद मेरठ, अमरोहा, सम्भल, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़ एवं प्रयागराज से गुजरने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण हेतु लगभग 8164 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी। उन्होंने बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य हेतु सर्वेक्षण का कार्य प्रारम्भ करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे संरेखण पर पड़ने वाले ग्रामों को चिन्हित कर अग्रिम कार्यवाहियां नियमानुसार सुनिश्चित करायी जायें। उन्होंने बताया कि निर्माणाधीन डिफेन्स काॅरीडोर में आगामी फरवरी तक लगभग 1000 करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट लाने हेतु विभागीय कार्ययोजना के अनुसार आवश्यक कार्यवाहियां प्राथमिकता से सुनिश्चित करायी जायें। बैठक में औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव नियोजन कुमार कमलेश, प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।


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