स्व हेमवती नन्दन बहुगुणा के जन्म शताब्दी वर्ष के आयोजनों में युवा महोत्सव का समापन

> भव्य स्मृतिग्रंथ का विमोचन मा0 राज्यपाल महोदया द्वारा किया गया।


> स्वयं सेवी संगठन की प्रशिक्षित छात्राओं द्वारा सेल्फ डिफेंस का प्रर्दशन किया गया।



लखनऊ। प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवंअविभाजित उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व0 हेमवती नन्दन बहुगुणा के जन्म शताब्दी वर्ष 2019 पर पूरे देश में पिछले एक वर्ष से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है। युवा महोत्सव उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 15 दिसम्बर को सम्पन्न हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश के 25 विश्वविद्यालय एवं व्यवसायिक शिक्षण संस्थानों से लगभग 400 युवा विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे तथा हजारों युवा कार्यक्रम में शामिल हुये।
 युवा महोत्सव के द्वितीय दिन 15 दिसम्बर को प्रातः 11 बजे उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया व समारोह का समापन किया। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड विजय बहुगुणा, रविकिशन, सांसद एवंलोकप्रिय अभिनेता, प्रो0 रीताबहुगुणाजोशी, सांसदप्रयागराज, नगर की प्रथम नागरिक संयुक्ता भाटिया एवं कुलपति, लखनऊ विश्वविद्यालय, शेखर बहुगुणा एवं मंयक जोशी ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ायी। आल इण्डिया हेमवती नन्दन बहुगुणा स्मृति समिति द्वारा बहुगुणा जी के जीवन पर आधारित एक लघु फिल्म दिखायी जायेगी तथा 200 पृष्ठों का एक भव्य स्मृतिग्रंथ का विमोचन मा0 राज्यपाल महोदया द्वारा किया गया। समारोह के समापन के अवसर पर मा0 राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल ने वहां उपस्थित युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि सबसे पहले मैं स्व0 हेमवतीनन्दन बहुगुणा जी को जन्मशताब्दी के अवसर परअपनी श्रद्वांजलीअर्पित करती हूँ, बहुगुणा जी का व्यक्तित्व हम सब के लिए एक आर्दश है। उन्होने छात्र जीवन से ही 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में इलाहाबाद के छात्रों का नेतृत्व किया। जिसके बाद उन्हे जेल भेज दिया गया था।बहुगुणाजी ने केन्द्रीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री के रूप में कई उल्लेखनीय कार्य किये थे। बहुगुणा जी अपने प्रशासनीक एवं संगठनात्क क्षमता के लिए जाने जाते हैं।आज बहुगुणाजी के जन्मशताब्दी वर्ष पर युवा महोत्सव का अयोजन उन्हे सच्ची श्रद्वांजली का प्रतीक है। हम सब जाने है कि आज भारत की 65 प्रतिशतआबादी 35 वर्ष से कम आयु वालों की है। हमारे युवा बहुत प्रतिभाशाली है उनकी प्रतिभा का सही इस्तेमाल देशहित में कैसे किया जाय इस पर विचार करना चाहिए। उनकी उचित शिक्षा कैसे हो यह हमारी जिम्मेदारी है। युवाओं के ऊर्जा एवं क्षमता को सही दिशा देकर राष्ट्र निर्माणके कार्य में लगाना जरूरी है। देश को नई ऊचांई पर ले जाने हेतु युवा पर्याप्त रूप से हमारे देश में है। युवाओं में जोश है, ताकत है, उचित क्षमता है उन्हे सिर्फ सही दिशा, जानकारी एवं उचित अवसर देने की जरूरत है जिससे देश को पूरी दुनिया में एक अलग पहचान मिलेगी।जब हम युवा वर्ग की बात करते है तोहमें यह नही भूलना चाहिए की युवाओं में 50 प्रतिशत आबादी महिलाओं की है। हमें विकसित भारत का निर्माण करने के लिए महिलाओं को भी समान अवसर प्रदान उपलब्ध कराने होंगे। मुझे उम्मीद है कि हम सभी को केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं में ज्यादा से ज्यादा भागीदारी करनी चाहिए। मुझे उम्मीद है कि यहां उपस्थित सभी युवाओंको स्व0 हेमवतीनन्दन बहुगुणा के कृतित्व एवं व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर देशऔरप्रदेश के विकास में आगेआना होगा।



 महोत्सव में युवाओं को सम्बोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड विजय बहुगुणा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार प्रकट किया कि मा0 प्रधानमंत्री जी ने बहुगुणाजी की स्मृति में एक डाक टिकट जारी कर बहुगुणा जी के जन्म शताब्दी वर्ष का प्रारम्भ किया। उन्होने कहा कि बहुगुणा जी जब चुनाव लड़ते थे तो मैं उनका प्रबंधन देखता था और उनका ये मानना है कि कोई ऐसी समस्या नही है जिसका समाधान न हो सके। उन्होने ही चुनाव आयोग कोउसकी शक्ति का सर्वप्रथम एहसास कराया था। एक बार जब बहुगुणा जी उप चुनाव लड़ रहे थे तो उनको हाराने के लिए हरियाणा से पुलिस बुलाई गयी थी जिसमें 100 प्रतिशत वोट पड़े थे तो हम सभी ने चुनाव आयोग से कहा कि इस चुनाव में काफी धांधली हुयी है जिस से चुनाव आयोग सहमत हुआ और देश के इतिहास में पहली बारचुनाव रद् कर दुबारा चुनाव कराया गया जिसमें बहुगुणा जी भारी बहुमत से जीते। बहुगुणा जी का मानना था कि यदि आपके कलम में ताकत है तो उसका प्रयोग लोगो को आराम पहुंचाने एवं उनकी मदद करने में किया जाना चाहिए।



 लोकसभा सांसद एवं लोकप्रिय अभिनेता रविकिशन ने युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि मैं यहा युवा महौल में हूँ यहांअनगिनत रविकिशन बैठेेहुए है सार्वजनिक जीवन मेंआप सभी बहुत आगे जायेंगे ऐसी मैं आशा करता हूँ। बहुगुणा जी बहुआयामी व्यक्त्तिव के धनीव्यक्तिथे। उन्होने युवा अवस्था में जो कार्य कर दिये वो हीअपनेआप में विरले थें। हम सभी को उनके जीवन को अपना आर्दश बनाना चाहिए। बहुगुणा जी की स्मृतिग्रन्थ को हम सभी को पढ़ना चाहिए जिससे हम सभी उनके जीवन एवं जीवन के मूल्यों कोअच्छे से समझ सके एवं उस पर चल सके। युवा महोत्सव को सम्बोधित करते हुए प्रो0 रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि बहुगुणा जी जब मुख्यमंत्री बने तो वहां के मेघावी युवाओं को चिह्नित करते थे जिससे उनको सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का पूर्ण लाभ मिले। बहुगुणाजी हमेशा यही प्रयास करते थे कि कोई भी इंसान चाहे वो पुरूष हो या महिला, गरीब हो य विकलांग कोई भी योग्य व्यक्ति पीछे नही होना चाहिए। इस अवसर पर “मिशनफाइटबैक” सोसाइटी द्वारा बहुगुणा जी के स्मृति में महिला हास्टल के लिए एक सैनेट्री नैपकिन मशीन तथा इनसिनिरेटर भेंट की गयी, जिसे महिला छात्रावासों में लगाया जायेगा। महोत्सव में स्वयं सेवी संगठन “मिशन फाइटबैक” द्वारा प्रशिक्षित 25 लखनऊ की छात्राओं द्वारा सेल्फ डिफेंस का प्रर्दशन किया गया। इस अवसर पर माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर दिनेश कुमार, प्रो0 अनूप कुमार भारतीय, डा0 राकेश द्विवेदी, डा0 अजय आर्या, डा0 राहुल पाण्डेय, डा0 नीरज जैन, डा0 संजीव गौतम को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्नन देकर सम्मानित किया।