डेफएक्सपो-2020 में अब तक 925 प्रदर्शकों ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया

> मुख्यमंत्री तथा केन्द्रीय रक्षा मंत्री ने डेफएक्सपो-2020 के लिए अब तक की गई तैयारियों की संयुक्त रूप से समीक्षा की।


> देश की सबसे बड़ी डिफेंस एक्सपो होगी, डेफएक्सपो-2020: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ


> उ प्र डिफेंस एण्ड एयरोस्पेस मैनुफैक्चरिंग एण्ड इम्प्लॉयमेण्ट प्रमोशन पॉलिसी-2018 के तहत निवेशकों को आकर्षित किया जा रहा है।


> केन्द्र सरकार नयी प्रोक्योरमेन्ट पॉलिसी से डीआईसी में निवेश को बल मिलेगा: मुख्यमंत्री


> मुख्यमंत्री तथा केन्द्रीय रक्षा मंत्री द्वारा डेफएक्सपो-2020 के सम्बन्ध में एक लघु फिल्म को रिलीज किया गया। 



लखनऊ (का ० उ ० सम्पादन)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बीते रविवार को यहां मुख्यमंत्री आवास पर आगामी 05 से 09 फरवरी, 2020 को लखनऊ में आयोजित की जा रही डेफएक्सपो-2020 के लिए अब तक की गई तैयारियों की संयुक्त रूप से समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने समीक्षा बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश में डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर (डीआईसी) की स्थापना की घोषणा की गई थी। इस प्रकार उन्होंने उत्तर प्रदेश को रक्षा निर्माण गतिविधियों का हब बनाते हुए यहां बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने का अवसर प्रदान किया। उत्तर प्रदेश सरकार इस आयोजन को प्रभावी ढंग से सम्पन्न करने के लिए सभी प्रयास कर रही है। आज उत्तर प्रदेश वैश्विक मंच पर निवेश के उत्कृष्ट गंतव्य के रूप में उभर रहा है। यह देश की सबसे बड़ी डिफेंस एक्सपो होगी, जिसमें सबसे ज्यादा प्रदर्शक और लोग आएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि डेफएक्सपो-2020 को राज्य सरकार निवेश आकर्षित करने तथा इसके माध्यम से प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करने के रूप में ले रही है। डेफएक्सपो-2020 को लखनऊ में आयोजित करने का निर्णय होते ही राज्य सरकार ने इसकी तैयारी शुरू कर दी थी। राज्य सरकार द्वारा आयोजकों को उपलब्ध करायी जाने वाली धनराशि का हिस्सा रिलीज कर दिया गया है। योगी जी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पूर्व में भी बड़े राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय आयोजन सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं, जिनमें लखनऊ में 21-22 फरवरी, 2018 को आयोजित उ प्र इन्वेस्टर्स समिट-2018, वाराणसी में 21-23 जनवरी, 2019 तक 15वां प्रवासी भारतीय दिवस तथा प्रयागराज कुम्भ-2019 शामिल हैं। यह सभी आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए। कुम्भ में लगभग 25 करोड़ लोगों की उपस्थिति रही। यह कुम्भ सुव्यवस्था, स्वच्छता एवं सुरक्षा के लिए जाना जाता है। इसमें कानून-व्यवस्था, यातायात व्यवस्था सहित सभी व्यवस्थाएं उत्कृष्ट रहीं। सभी श्रद्धालु सुरक्षित अपने-अपने गंतव्यों को वापस गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्वेस्टर्स समिट-2018 के उपरान्त राज्य को अब तक लगभग 05 लाख करोड़ के प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से लगभग 02 लाख करोड़ के प्रस्ताव क्रियान्वित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जी द्वारा प्रदेश के लिए डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर की घोषणा के साथ ही राज्य सरकार द्वारा अपनी उ प्र डिफेंस एण्ड एयरोस्पेस मैनुफैक्चरिंग एण्ड इम्प्लॉयमेण्ट प्रमोशन पॉलिसी-2018 का निर्माण किया गया। इसके तहत निवेशकों को निवेश के लिए आकर्षित किया जा रहा है। डीआईसी के तहत प्रदेश में अलीगढ़, झांसी, कानपुर, आगरा और चित्रकूट सहित लखनऊ में 06 मुख्य नोड्स चिन्हित किए गए हैं। इन जनपदों में इकाइयों की स्थापना के लिए लैण्ड बैंक तैयार किया जा रहा हैबुन्देलखण्ड क्षेत्र में इन इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन देने के दृष्टिगत बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे का भी निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि डीआईसी की सफलता के लिए डेफएक्सपो-2020 अत्यन्त महत्वपूर्ण है। डेफएक्सपो-2020 के माध्यम से डीआईसी में लगभग 25 हजार करोड़ रुपए का निवेश सम्भावित है। देश एवं विदेश के निवेशकों ने डीआईसी में निवेश के प्रति रुचि दिखायी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि केन्द्र सरकार द्वारा अपनी नयी प्रोक्योरमेन्ट पॉलिसी शीघ्र ही घोषित की जाएगी, जिससे डीआईसी में निवेश को बल मिलेगा। उन्होंने डेफएक्सपो-2020 के सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को केन्द्रीय रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए सभी कदम उठाने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी ने कहा कि डेफएक्सपो-2020 के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के सभी अधिकारी गम्भीरता से प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह आयोजन यादगार रहेगाउन्होंने कहा कि डिफेंस सेक्टर अत्यन्त महत्वपूर्ण हैउन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भारत रक्षा उत्पादों के निर्माण और निर्यात के लिए हब का काम करेगा, जिसमें उत्तर प्रदेश मुख्य भूमिका निभाएगा। केन्द्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि फरवरी, 2018 में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट की सफलता ने जहां उत्तर प्रदेश की साख को स्थापित किया, वहीं डेफएक्सपो-2020 के सफल आयोजन से उत्तर प्रदेश की छवि और निखरेगी। उत्तर प्रदेश में डीआईसी के तहत 06 नोड्स चिन्हित किए गए हैं और इसके लिए डिफेंस प्लानिंग कमेटी का भी गठन किया जा चुका है। राज्य सरकार द्वारा डीआईसी को थ्रस्ट देने के उद्देश्य से बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे निर्मित किया जा रहा है, जिससे भारत को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने में बहुत मदद मिलेगी। डेफएक्सपो-2020 न केवल निवेशकों के लिए, बल्कि अत्याधुनिक तकनीकों को आकर्षित करने में एक उत्प्रेरक की भूमिका निभाएगी।



बैठक के दौरान केन्द्रीय अधिकारियों की टीम ने डेफएक्सपो-2020 की तैयारियों के सम्बन्ध में विस्तार से प्रस्तुतीकरण किया। राज्य सरकार की ओर से अपर मुख्य सचिव गृह, सूचना एवं यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी ने इस आयोजन के सम्बन्ध में की जा रही तैयारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री तथा केन्द्रीय रक्षा मंत्री द्वारा डेफएक्सपो-2020 के सम्बन्ध में एक लघु फिल्म को रिलीज भी किया गया। इस अवसर पर राज्य सरकार की ओर से औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव नियोजन कुमार कमलेश, अपर मुख्य सचिव सचिवालय प्रशासन महेश कुमार गुप्ता, अपर मुख्य सचिव वाणिज्य कर एवं सूचना प्रौद्योगिकी आलोक सिन्हा, पुलिस महानिदेशक ओ0पी0 सिंह, प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। केन्द्रीय अधिकारियों में रक्षा सचिव डॉ अजय कुमार, विशेष सचिव (रक्षा उत्पादन) बरुण मित्रा, संयुक्त सचिव चन्द्राकर भारती सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। ज्ञातव्य है कि 05 फरवरी से 09 फरवरी, 2020 के मध्य केन्द्रीय रक्षा मंत्रालय के सहयोग से लखनऊ में आयोजित की जा रही डेफएक्सपो-2020 में अब तक 925 प्रदर्शकों ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है। इस आयोजन में 70 राष्ट्रों की भागीदारी सम्भावित है। यह देश की अब तक की सबसे बड़ी रक्षा प्रदर्शनी होगी, जो 42 हजार वर्गमीटर के क्षेत्रफल में आयोजित की जाएगी। इस एक्सपो का मुख्य विषय 'भारत : उभरता हुआ विनिर्माण हब' है। प्रदर्शनी का उप मुख्य विषय 'डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ डिफेंस' है, जो भविष्य की युद्धक अवधारणाओं पर आधारित है। डेफएक्सपो-2020 के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी www.defenceexpo.gov.in पर उपलब्ध है। डेफएक्सपो-2020 के दौरान नई प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग से एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र के लिए विनिर्माण पर भी ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। इस रक्षा प्रदर्शनी के दौरान प्रदर्शकों द्वारा उत्पादों एवं प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सेवाओं, रक्षा, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और उद्योग द्वारा सजीव प्रदर्शन भी किया जाएगा, जो जल, थल, नभ एवं होमलैंड की आंतरिक सुरक्षा प्रणालियों पर आधारित होगासार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के माध्यम से 'इण्डिया पवेलियन' एक विशेष आयोजन होगा, जिसमें लघु, मध्यम और सूक्ष्म उद्यम और इनोवेशन इको-सिस्टम शामिल होंगे। डेफएक्सपो-2020 का आयोजन 'मेक इन इण्डिया' के तहत किया जा रहा है।


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