सीएए जन जागरण अभियान के अंतर्गत विचार गोष्ठी का आयोजन संपन्न

> लम्हों ने खता की थी और सदियों की सज़ा पाई थी: सुरेश कुमार खन्ना


> भ्रामक प्रचार को समाप्त करने के लिए सीएए को जन-जन तक पहुँचाना होगा: अरुण पाठक


> गोविन्द नगर विधान सभा का माहौल ख़राब नहीं होने देंगे: सुरेन्द्र मैथानी



कानपुर (का ० उ ० सम्पादन)। भाजपा कानपुर नगर उत्तर के लाजपत नगर मण्डल में सीएए जन जागरण अभियान के अंतर्गत विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अभियान में गोष्ठी में मुख्य वक्तव्य देने उत्तर प्रदेश सरकार के संसदीय कार्य मंत्री एवं कई बार के विधायक सुरेश कुमार खन्ना मुख्य अतिथि थे। लाजपत नगर मण्डल एवं गोविन्द नगर विधान सभा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने मंत्री सुरेश खन्ना का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस अवसर पर बोलते हुए सर्व प्रथम कानपुर स्नातक खंड के अध्यक्ष एवं एमएलसी अरुण पाठक ने कहा कि जिन लोगों को सीएए और सीएबी के बीच फ़र्क़ नहीं पता वो इस भ्रम में शामिल होकर विरोध कर रहे। उन्होंने कहा कि रही बात एनआरसी की तो अभी तक न तो लोक सभा और न तो राज्य सभा में ये बिल आया तक नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर ही असम में एनआरसी लागू किया गया। एनपीआर पर बोलते हुए अरुण पाठक ने कहा कि इसे भाजपा नहीं लागू कर रही, इसे 2010 में कांग्रेस ले कर आयी थी। 2015 - 2016 वर्ष में जिनका वीसा समाप्त हो गया था उन्हें मोदी सरकार ने रहने दिया। इस पर विपक्षियों ने कोई बवाल नहीं किया, फिर आज जब नागरिकता देने की बात हो रही तो ये विपक्ष क्यों विरोध कर रहा। उन्होंने कहा कि वोट बैंक साधने के क्रम में इन्होने संविधान बचाओ भ्रम फैलाकर विरोध जताया। अल्पसंख्यकों को न्याय मिल पाय इसलिए इस एक्ट को लाया गया है। अरुण पाठक ने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता कम से कम 50 लोगों को जागरूक करें, मण्डल स्तर पर। 


गोविन्द नगर विधान सभा के सदस्य विधायक सुरेन्द्र मैथानी ने कहा कि क्या वो लोग चिन्हित नहीं होने चाहिए जिन्होंने गणेश शंकर विद्यार्थी के शहर कानपुर में माहौल ख़राब किया? उन्होंने कहा कि क्या इन लोगों की कोई सामाजिक जिम्मेदारी नहीं है। सीएए पर हम घर-घर जाकर जन मानस को जागरूक करेंगे। मैथानी ने कहा कि कानपुर की जनता ये जानना चाहती है कि संविधान के अनुकूल उठाया गया कदम का विरोध क्यों? सुरेन्द्र मैथानी ने प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी की एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की प्रशंसा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार में अराजकता की कोई जगह नहीं, गोविन्द नगर विधान सभा का माहौल ख़राब नहीं होने देंगे।


उत्तर प्रदेश कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने कानपुर भाजपा के पदाधिकारियों का अभिवादन कर कहा कि कुछ लम्हों ने खता की थी और सदियों की सज़ा पाई थी। उन्होंने कहा कि ये कानून बरसों से इस बात की प्रतीक्षा कर रहा था कि कब ऐसी सरकार बनेगी जो ठोस कदम उठा सके। कुछ विपक्षी ये भ्रम फैला रहे थे कि अगर धारा 370 से छेड़छाड़ करी तोह खून की धाराएं बहेगी, लेकिन प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी और गृह मंत्री अमित शाह के शासन में ऐसा कर पाना संभव नहीं है। कैबिनेट मंत्री ने नेहरू लियाक़त समझौते की बात कहते हुए कहा कि आज़ादी के बाद 1950 में ये समझौता हुआ था उस वक़्त पाकिस्तान में
25 प्रतिशत हिन्दू था और भारत में 10 प्रतिशत मुसलमान आज स्थिति सबको पता है कि भारत में अल्पसंख्यक बढे और पाकिस्तान में अल्पसंख्यक घटे आखिर ऐसा कैसे हुआ? अल्पसंख्यकों के साथ दुर्व्यवहार करके उन्हें जबरन धर्म परिवर्तन कराकर उनका उत्पीड़न किया गया। जिसमें सिर्फ हिन्दू ही प्रताड़ित क्यों हुआ? मुसलमान कही पर भी प्रताड़ित नहीं हुआ। आज पाकिस्तान में 25 प्रतिशत से 3.7 प्रतिशत हिन्दू रह गया, न जाने कितनी पूनम मरियम बन गईं। सुरेश खन्ना ने आगे कहा कि जो लोग पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यक थे उनका उत्पीड़न किया गया और अब वो पीड़ित हिन्दुस्तान की और देख रहा है। संविधान के हनन पर कैबिनेट मंत्री बोले कि आर्टिकल 29 और 30 में अल्पसंख्यक अपने स्वयं के शिक्षण संस्थान बना सकते हैं, ये प्रावधान है।  फिर संविधान का हनन कैसे माना जाए ! उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यकों से सौतेले व्यवहार के चलते 8 अक्टूबर 1950 को तत्कालीन पाकिस्तान के क़ानून मंत्री जोगिन्दरनाथ मण्डल ने इस्तीफा दे दिया था। नेहरू लियाक़त समझौते का पालन भारत ने किया लेकिन पाकिस्तान ने नहीं किया। 12 दिसंबर को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद लगभग 21 लाख पीड़ितों को नागरिकता दे दी गई। जिसमें 566 मुसलामानों को भी नागरिकता मिली। आर्टिकल 14 के सामान व्यवहार के प्रावधान के चलते ही मोदी सरकार ने इन मुसलामानों को नागरिकता दी। सुरेश खन्ना ने कहा कि घुसपैठिये हमारी सरकार को स्वीकार नहीं हैं। जहाँ अफ़ग़ानिस्तान में 2 लाख हिन्दू थे आज 500 ही सिर्फ रह गए, बांग्लादेश में 10 लाख हिन्दू थे, आखिर वे सब कहाँ गए! कौन जवाब देगा! मुसलामानों को नागरिकता देने का प्रावधान इसलिए नहीं है क्योंकि मुसलमान पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफ़ग़ानिस्तान में बहुसंख्यक है और उनका कोई उत्पीड़न नहीं हो रहा। अंत में सुरेश खन्ना ने कहा कि हम भारतवासियों को आज गर्व महसूस होता है कि मोदी सरकार और प्रदेश में योगी सरकार ने यहाँ के आम जन को सर ऊँचा करके जीना सिखाया। इस विरोध के चलते 19 बेगुनाहों की जानें गईं, बिना मुद्दे के अपना वोट बैंक बचाने वाला विपक्ष ही है जिन्होंने प्रदेश को आग में झोंकने का प्रयास किया। विपक्षियों को अपने अस्तित्व पर संकट दिखाई पद रहा है जिसके चलते ये सब कार्य ककिये जा रहे हैं। इनके नापाक मंसूबों को हम कभी सफल नहीं होने देंगे। इन सभी अराजक तत्वों को बेनकाब करना जरूरी है। मोदी जी इस देश के लिए वरदान हैं। ये कहते हुए सुरेश खन्ना ने नारों के शोर के बीच अपनी वाणी को विराम दिया और पास ही में एक परिवार के आवास पर जाकर सीएए जागरूकता पत्रक वितरित कर अभियान को आगे बढ़ाया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष उत्तर सुनील बजाज, जिलाध्यक्ष दक्षिण डॉ वीणा आर्या पटेल, एमएलसी अरुण पाठक, विधायक सुरेन्द्र मैथानी, जिलाध्यक्ष ग्रामीण समेत लाजपत नगर मंडल के कार्यकर्ता उपस्थित थे।   


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