अन्य प्रदेशों में आवासित उ प्र के व्यक्तियों को अत्यावश्यक वस्तुओं के साथ वेतन समय से उपलब्ध हो: मुख्य सचिव, उ प्र शासन

卐 शेल्टर होम एवं भोजन वितरण के स्थान, फोन नम्बर इत्यादि की सूचना भी नोडल ऑफिसर्स को उपलब्ध कराने के साथ-साथ ऑनलाइन सार्वजनिक करायें: मुख्य सचिव

卐 जो जहां पर हो, वह वहीं पर रुके, तभी लाॅकडाउन का मकसद सफल होगा: मुख्य सचिव   

卐 मुख्य सचिव ने कोविड-19 के सम्बन्ध में अन्य राज्यों के नामित समस्त नोडल अधिकारियों के साथ बैठक कर दिये निर्देश।


लखनऊ (मुख्य सचिव मीडिया कैम्प)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कोविड-19 के सम्बन्ध में अन्य राज्यों के नामित समस्त नोडल अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि उनके द्वारा स्थापित कण्ट्रोल रूम में 24x7 फोन अवश्य रिसीव हो। प्रभावित व्यक्ति की समस्या का समाधान स्थानीय प्रशासन की मदद से किया जाए और फीडबैक भी प्राप्त किया जाए। कण्ट्रोल रूम में रिसीव काॅल तथा समाधान का विवरण भी रजिस्टर में अंकित किया जाए। उन्होंने शेल्टर होम एवं भोजन वितरण के स्थान, फोन नम्बर इत्यादि की सूचना भी नोडल ऑफिसर्स को उपलब्ध कराने तथा ऑनलाइन सार्वजनिक किए जाने के भी राजस्व विभाग को निर्देश दिये, ताकि फोन आने पर जानकारी दी जा सके। मुख्य सचिव ने यह निर्देश कोविड-19 के सम्बन्ध में अन्य राज्यों के नामित समस्त नोडल अधिकारियों की बैठक कर दिए। अलग-अलग राज्यों हेतु नोडल अधिकारी के रूप में नामित आईएएस एवं आईपीएस आपस में समन्वय रखें और संयुक्त रिपोर्ट उपलब्ध करायें। सीएम हेल्पलाइन 1076 से भी समन्वय रखा जाए। उन्होंने अन्य प्रदेशों में निवासित उत्तर प्रदेश के लोगों तथा उत्तर प्रदेश में निवासित अन्य प्रदेशों के लोगों की सूची भी कल तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। इसके लिये नियोजन एवं सांख्यकीय विभाग का भी सहयोग लिया जा सकता है। राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि फोन काॅल पर घर वापस आने का अनुरोध किये जाने पर उन्हें विनम्रतापूर्वक समझाया जाए कि भारत सरकार के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश का बार्डर सील कर दिया गया है। अतः जो जहां पर हो, वह वहीं पर रुके, तभी लाॅकडाउन का मकसद सफल होगा। यात्रा के अलावा उनकी हर समस्या का समाधान उसी स्थान पर करा दिया जायेगा। उन्हें यह भी बताया जाए कि भारत सरकार के निर्देशानुसार लाॅकडाउन की वजह से काम पर न जाने तथा वर्क फ्राॅम होम की दशा में उनको वेतन और मजदूरी भी दी जायेगी। मकान मालिक द्वारा किराया भी नहीं लिया जायेगा। अन्य राज्यों के उत्तर प्रदेश में निवासित व्यक्तियों की भी हर संभव सहायता की जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि नोडल ऑफिसर्स को दिये गए दायित्वों का निर्वहन बेहतर ढंग से किया जा रहा है। इससे अन्य प्रदेशों में भी एक सकारात्मक संदेश जा रहा है। किसी व्यक्ति को भुखमरी से बचाने पर आत्मसंतुष्टी प्राप्त होती है। अतः सभी अधिकारी इस कार्य में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुये जिम्मेदारी पूर्वक निर्वहन करें। नोडल ऑफिसर्स यह भी सुनिश्चित करायें कि अन्य प्रदेशों में आवासित उ प्र के व्यक्तियों को अत्यावश्यक वस्तुयें, दवाई एवं वेतन समय से उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यों की वीडियो एवं फोटोग्राफ्स सूचना विभाग को उपलब्ध करा दी जाये, ताकि मीडिया में प्रसारित करायी जा सके। सभी नोडल ऑफिसर्स ने नामित प्रदेशों में उत्तर प्रदेश के निवासियों की स्थिति की विस्तृत जानकारी दी।

Popular posts from this blog

उ0प्र0 सरकारी सेवक (पदोन्नति द्वारा भर्ती के लिए मानदण्ड) (चतुर्थ संशोधन) नियमावली-2019 के प्रख्यापन को मंजूरी

उ प्र सहकारी संग्रह निधि और अमीन तथा अन्य कर्मचारी सेवा (चतुर्थ संशोधन) नियमावली, 2020 प्रख्यापित

कोतवाली में मादा बंदर ने जन्मा बच्चा