3 महीने के लिए बिजनेस और वर्कर्स के लिए ईपीएफ का योगदान घटा- 6750 करोड़ रुपए लिक्विडिटी सपोर्ट


कारोबारियों को अगली तिमाही में उत्पादन में तेजी लाने के लिए समर्थन की आवश्यकता है। कर्मचारियों को अधिक वेतन लेने और भविष्य निधि देय राशि के भुगतान में नियोक्ताओं को राहत देने के लिए यह आवश्यक है, इसलिए, नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का वैधानिक पीएफ योगदान अगले 3 महीनों के लिए ईपीएफओ द्वारा कवर किए गए सभी प्रतिष्ठानों के लिए मौजूदा 12% से 10% तक कम हो जाएगा। नियोक्ता के रूप में सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज और राज्य पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग हालांकि 12% योगदान देना जारी रखेंगे। यह योजना उन श्रमिकों के लिए लागू होगी जो पीएम गरीब कल्याण पैकेज और इसके विस्तार के तहत 24% ईपीएफ सहायता के लिए पात्र नहीं हैं। इससे ईपीएफओ के तहत आने वाले लगभग 6.5 लाख प्रतिष्ठानों और लगभग 4.3 करोड़ ऐसे कर्मचारियों को राहत मिलेगी। इससे नियोक्ताओं और कर्मचारियों को 3 महीने में 6750 करोड़ रुपये की तरलता भी मिलेगी।


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