सीएम योगी ने चिकित्सा सेतु मोबाइल एप का शुभारम्भ कर किया लोकार्पण

> मुख्यमंत्री ने जताया विश्वास, कोरोना चेन को तोड़ने में सफल होगी चिकित्सा सेतु एप।



लखनऊ (मुख्यमंत्री सूचना परिसर)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार 19 मई को अपने सरकारी आवास पर फ्रंट लाइन कोरोना वारियर्स जैसे डॉक्टर, पैरा मेडिकल, नर्स, वार्ड बॉय, सफाईकर्मी, पुलिस समेत अन्य को मेडिकल इन्फेक्शन से बचाने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा निर्मित चिकित्सा सेतु मोबाइल एप का शुभारम्भ कर लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा सेतु एप के शुभारम्भ के लिए मैं चिकित्सा शिक्षा विभाग, चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, यहां उपस्थित समस्त अधिकारीगण, केजीएमयू , एसजीपीजीआई एवं आरएमएल इंस्टीट्यूट्स के डायरेक्टर व कुलपतिगण को हृदय से बधाई देता हूं। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कोरोना एक वैश्विक महामारी है। पूरी दुनिया में इस महामारी के कारण पौने तीन लाख से अधिक लोगों की मृत्यु हुई है और 40 लाख से अधिक लोग अब तक इस संक्रमण के शिकार हुए हैं। ट्रेनिंग पर फोकस करते हुए एक बड़े उद्देश्य की प्राप्ति के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने यह कार्य प्रारंभ किया है। जागरूकता के माध्यम से हम इस प्रकार की वायरस जनित बीमारियों पर प्रभावी अंकुश लगा सकते हैं। पिछले दो-ढाई महीनों के दौरान हम लोग इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि कोरोना जैसे वायरस की कोई दवा नहीं, इसका एक ही बचाव है - सावधानी और सतर्कता। भारत में भी तमाम सावधानी और सतर्कता के बावजूद संक्रमण की संख्या 1 लाख पार कर चुकी है और मरने वालों की संख्या 3,000 तक पहुंच गई है। इस बीमारी से सतर्कता व जागरूकता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस बीमारी की कोई दवा या वैक्सीन नहीं बनी है। पूरी दुनिया से जो आंकड़े आ रहे हैं उनमें 40% से अधिक मामले ऐसे होते हैं जिनमें इंफेक्शन का कारण मेडिकल इंफेक्शन है। इसी दृष्टि से चिकित्सा सेतु एप के माध्यम से हमने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेनिंग का एक ऐसा माध्यम दे दिया है जिसके माध्यम से किसी भी व्यक्ति को एप में दिखाए गए निर्देशों का पालन कर कोरोना जैसी महामारी पर अंकुश लगाने व उस पर नियंत्रण करने में सफलता प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्वाभाविक रूप से कोविड 19 संक्रमण से पहले स्वयं बचते हुए, फिर दूसरों को इससे बचने के लिए प्रेरित करना यह इसका आधार बन सकता है। इसी दृष्टि से चिकित्सा सेतु एप बहुत महत्वपूर्ण एप है। एक अदृश्य शत्रु के खिलाफ पूर्ण सतर्कता व सावधानी के साथ ट्रेनिंग प्रक्रिया को पूरे पारदर्शी तरीके से लागू करने में ही हम सब इस पर विजय प्राप्त कर सकते हैं। कोरोना की चेन को तोड़ने में जिन योद्धाओं को बड़ी भूमिका का निर्वहन करना है, जब वे स्वयं संक्रमित होकर जहां-तहां क्वारंटाइन या आइसोलेशन के लिए चले जाएंगे तो शेष लड़ाई बाधित होगी। हमारे चिकित्सक, पैरामेडिक्स, नर्सिंग स्टाफ, वाॅर्ड बॉय, स्वच्छता में लगे हुए कर्मी, सुरक्षा में लगे हुए कर्मी- सभी कोरोना वाॅरियर्स के रूप में काम कर रहे हैं। इन सबको हर हाल में सुरक्षित रखना है क्योंकि यह हमारी फ्रंटलाइन हैं। इसके साथ ही, पीपीई किट व एन 95 मास्क की कमी थी, ट्रिपल लेयर मास्क के लिए भी हम लोगों को हाथ फैलाने पड़ते थे। परंतु आज देश व प्रदेश में भी इसकी पर्याप्त उपलब्धता है और हमने इसमें आत्मनिर्भरता भी हासिल की है। जब हम लोगों ने कोरोना के खिलाफ अपनी लड़ाई आरम्भ की थी तब हमारे पास सैनिटाइजर की कमी थी। चिकित्सा सेतु एप को व्यावहारिक बनाने के साथ ही इसे किसी भी प्रकार के साइबर अटैक से भी बचाने का प्रयास करें। इसका कहीं भी दुरुपयोग न होने पाए इसके बारे में भी हमें पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए। तनिक भी असावधानी हम सबको बहुत बड़ी कीमत चुकाने के लिए मजबूर कर सकती है। इसलिए इस सेवा में कहीं भी असावधानी के लिए स्थान नहीं हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने पहले भी कहा है कि चिकित्सा व्यवस्था को हम दो महत्वपूर्ण बिंदुओं पर केंद्रित करते हैं पहला मैक्रो मैनेजमेंट और दूसरा माइक्रो मैनेजमेंट। प्रदेश में हमारे हर जनपद में कोविड एल-1 व एल-2 के अस्पताल हैं। हमने वहां ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध करवाई है। ट्रेनिंग की उचित व्यवस्था की है। इस सबके बावजूद ट्रेनिंग का पार्ट बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। जैसे भी हो कोरोना चेन को हर हाल में, हर स्थिति में तोड़ना है और इसके लिए अपने आपको तैयार करना होगा। मुझे विश्वास है कि चिकित्सा सेतु एप इस भूमिका का निर्वहन करने में सफल होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अक्सर देखते हैं कि थोड़ी सी लापरवाही के कारण पूरी टीम को क्वारंटाइन होने के लिए मजबूर होना पड़ता है, हम इसके बारे में सतर्कता बरतें।


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