गंगा जी के तटवर्ती क्षेत्रों में किसानों को अपने खेतों की मेड़ों पर फलदार वृक्ष लगाने के लिए निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे

पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री ने किया ऐलान


> मुख्यमंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई दी।


> विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर बेल का पौधा लगाया।


> नोवल कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी प्रकृति के आवश्यकता से अधिक दोहन के प्रति चेतावनी है : योगी आदित्यनाथ


> राज्य सरकार के प्रयास से प्रदेश में वनाच्छादन के साथ-साथ लोगों में प्रकृति एवं पर्यावरण की रक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है : मुख्यमंत्री



विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बेल का पौधा लगाते मा मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी।  (फोटो : मुख्यमंत्री सूचना परिसर)


लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार 5 जून को अपने सरकारी आवास पर पौधरोपण किया। उन्होंने अपने आवासीय परिसर में बेल का पौधा लगाया। इस अवसर पर आम, रुद्राक्ष व सहजन के पौधे भी रोपे गये। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश वासियों को विश्व पर्यावरण दिवस की बधाई देते हुए कहा कि प्रकृति व पर्यावरण का संरक्षण करके ही जीवन की रक्षा की जा सकती है और मानव सहित प्रत्येक जीव के लिए सुखद और आनन्ददायक भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है। नोवल कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी प्रकृति के आवश्यकता से अधिक दोहन के प्रति चेतावनी है। उन्होंने विश्वास जताया कि विश्व पर्यावरण दिवस सभी को पर्यावरण संरक्षण तथा प्रकृति के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए प्रेरित करेगा। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में जैविक खेती प्रोत्साहित करने के लिए कार्ययोजना बनायी गयी है। नमामि गंगे परियोजना के माध्यम से गंगा जी की अविरलता एवं निर्मलता के सम्बन्ध में किये गये कार्यों के सकारात्मक परिणाम मिले हैं। उन्होंने कहा कि गंगा जी के तटवर्ती क्षेत्रों में व्यापक वृक्षारोपण अभियान के अन्तर्गत, किसानों को अपने खेतों की मेड़ों पर फलदार वृक्ष लगाने के लिए निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। किसी किसान द्वारा अपने पूरे खेत में केमिकल, फर्टिलाइजर और पेस्टिसाइड का प्रयोग किये बगैर वृक्षारोपण करने पर प्रतिवर्ष, माहवार प्रति एकड़ सब्सिडी शासन स्तर से देने की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष पूरे प्रदेश में 30 करोड़ से अधिक वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा है। यह वृक्षारोपण कार्यक्रम वन विभाग के माध्यम किया जाएगा। इसके साथ ही 01 से 07 जुलाई, 2020 तक वन महोत्सव का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। किसी तिथि को सभी राजकीय विभागों के समन्वित प्रयास से एक ही दिन में फलदार, छायादार, इमारती लकड़ियों से सम्बन्धित 25 करोड़ वृक्षारोपण के लक्ष्य के साथ कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार ने विगत 3 वर्ष के दौरान प्रकृति व पर्यावरण की सुरक्षा व संरक्षण के लिए उल्लेखनीय कार्य किया है। वृक्षारोपण कार्यक्रम के अन्तर्गत रोपित पौधों को जियो टैग करने के साथ ही, उनके संरक्षण के प्रभावी उपाय किये गये हैं। राज्य सरकार के प्रयास से प्रदेश में वनाच्छादन के साथ-साथ लोगों में प्रकृति एवं पर्यावरण की रक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है। इस अवसर पर वन मंत्री दारा सिंह चौहान, जल शक्ति मंत्री डॉ महेन्द्र सिंह, जल शक्ति राज्य मंत्री बलदेव ओलख, विधान परिषद सदस्य स्वतंत्रदेव सिंह, मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।