भण्डारित स्थलों से उपखनिजों के परिवहन हेतु इलेक्ट्रानिक जनित ई-फार्म-सी के प्रचलन को प्रभावी बनाया जाये


लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, उत्तर प्रदेश डाॅ रोशन जैकब ने पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से मुद्रित प्रपत्र फार्म-सी में कागजों के प्रयोग को कम करने, प्रपत्र-सी के निर्गमन की प्रक्रिया को सरल बनाने, पर्यवेक्षण की सुगमता, अभिलेखों के इलेक्ट्रानिक रख-रखाव एवं प्रपत्र-सी के दुरूपयोग की संभावना के दृष्टिगत 01 जुलाई 2020 से प्रदेश में भंडारित स्थल से उपखनिजों का परिवहन इलेक्ट्रानिक जनित ई फार्म-सी द्वारा किया गया है। डाॅ जैकब ने बताया कि प्रदेश में 105 स्थानों पर 8,44,469 घन मी बालू, 166 स्थानों पर 15,09,722 घन मी मोरम व 92 स्थानों पर 3,65,000 घन मी आरबीएम भण्डारित किया गया है। इस प्रकार कुल मिलाकर 363 स्थानों पर 27,19,191 घन मी उक्त उपखनिजों का भण्डारण किया गया है। डाॅ जैकब ने बताया कि उत्तर प्रदेश में भण्डारित स्थल से उपखनिजों के परिवहन ई प्रपत्र-सी के माध्यम से किये जाने के प्राविधान किये गये हैं। उन्होंने इलेक्ट्रानिक जनित फार्म-सी के प्रचलन को प्रभावी करने के लिये अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के बारे में जिलाधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश देते हुये कहा है कि वह भण्डारित स्थल से उपखनिजों का परिवहन ई-प्रपत्र-सी के माध्यम से कराया जाना सुनिश्चित करें।


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