वर्ष 1960 से मातृभूमि की रक्षा के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए दिखाई दे रहा है सैनिक स्कूल : मुख्यमंत्री

मातृ ऋण और मातृ भूमि के ऋण से कभी उऋण नहीं हुआ जा सकता : योगी आदित्यनाथ


> मुख्यमंत्री ने कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय उ प्र सैनिक स्कूल हीरक जयन्ती वर्ष 2020-21 के उद्घाटन समारोह को सम्बोधित किया।


> मुख्यमंत्री ने सैनिक स्कूल परिसर में पौधारोपण किया।


> मुख्यमंत्री ने हीरक जयन्ती प्रतीक चिन्ह का विमोचन तथा डाक विभाग द्वारा जारी विशेष कवर का अनावरण किया।


> सैनिक स्कूल देश के लिए एक रोल मॉडल बन सके, इसके तहत मुख्यमंत्री स्वयं इसके सभी कार्यों की समीक्षा करेंगे।


राज्य सरकार बालक और बालिकाओं में भेदभाव नहीं करेगी...


मुख्यमंत्री ने कहा सत्ता में आने के उपरान्त राज्य सरकार सैनिक स्कूल के लिए कुछ करना चाहती थी। बालिकाओं को भी प्रवेश देने की व्यवस्था की गई। आज सैनिक स्कूल में बालिकाओं के प्रवेश का तृतीय सत्र चल रहा है।



उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 15 जुलाई 2020 को कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल के हीरक जयन्ती वर्ष 2020-21 के उद्घाटन समारोह को सम्बोधित करते हुए।  (फोटो : मुख्यमंत्री सूचना परिसर)


लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने 15 जुलाई 2020 को कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल के हीरक जयन्ती वर्ष 2020-21 के उद्घाटन समारोह को सम्बोधित करते हुए मातृभूमि के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वाले सभी शहीद सैनिकों को कोटि-कोटि नमन किया। उन्होंने कहा कि इन जवानों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने आपको बलिदान कर दिया। उन्होंने विद्यालय के हीरक जयन्ती कार्यक्रम के शुभारम्भ के अवसर पर स्कूल के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों इत्यादि को बधाई देते हुए पूरे वर्ष चलने वाले सभी कार्यक्रमों के लिए शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल की स्थापना के शिल्पी पूर्व मुख्यमंत्री डॉ सम्पूर्णानन्द जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने ही देश के इस पहले सैनिक स्कूल की आधारशिला वर्ष 1960 में रखी थी। उन्होंने कहा कि आज सैनिक स्कूल मातृभूमि की रक्षा के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश का यह सैनिक स्कूल विभिन्न क्षेत्रों में नए-नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। रक्षा, प्रशासन, चिकित्सा, समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्टतम अधिकारी और अच्छे सैनिक देकर हम सभी को गौरवान्वित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति के जीवन में 60 वर्ष की आयु उसके कार्यकाल की प्रौढ़ावस्था होती है। जो बात किसी व्यक्ति के जीवन में अक्षरशः सही बैठती है, वही बात संस्था के लिए भी अक्षरशः सही बैठती है। उन्होंने कहा कि कई युद्धों में हमारे सैनिकों ने दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर किया था। सैनिकों का पराक्रम देश ने देखा और महसूस किया। कैप्टन मनोज पाण्डेय इस विद्यालय की उसी विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। कारगिल युद्ध के समय जब पाकिस्तान की सेना ने भारत भूमि में घुसने का दुःसाहस किया था और देश पर जबरन एक युद्ध थोपने का कुत्सित प्रयास हुआ था उस समय भी हमारे बहादुर जवानों ने दुश्मन की सेनाओं को भारत भूमि से खदेड़ दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तीकरण पर भी विशेष ध्यान दे रही है। मातृ ऋण और मातृ भूमि के ऋण से कभी उऋण नहीं हुआ जा सकता। इसे सभी को हमेशा चुकाना होगा। सत्ता में आने के उपरान्त राज्य सरकार सैनिक स्कूल के लिए कुछ करना चाहती थी। अतः यहां पर बालिकाओं को भी प्रवेश देने की व्यवस्था की गई। राज्य सरकार बालक और बालिकाओं में भेदभाव नहीं करेगी, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उनके योगदान से सुरक्षा, समृद्धि व लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगी। प्रदेश सरकार बालिका शिक्षा को हर स्तर पर बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि आज सैनिक स्कूल में बालिकाओं के प्रवेश का तृतीय सत्र चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में आने के बाद से उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल के लिए कुछ करने का भाव उनके मन में था। इसी क्रम में इसकी क्षमता के विस्तार की कार्यवाही को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास किया जाना चाहिए कि वर्ष 2021 में जब हीरक जयन्ती का समापन कार्यक्रम आयोजित किया जाए तो उसमें राष्ट्रपति जी को आमंत्रित किया जाए। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित देश की रक्षा सेनाओं में अनेक पदों को सुशोभित करने वाले सैनिकों और अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी उपस्थिति सभी को गौरवान्वित करती है। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल ने देश को अनेक विभूतियां दी हैं। देश की रक्षा के बहुत बड़े अभियान का हिस्सा यह सैनिक स्कूल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी देश के भविष्य को हम कहां ले जाना चाहते हैं, अगर यह तय करना है तो उस देश के युवाओं की भावनाओं को देखकर अन्दाजा लगाया जा सकता है। युवाओं के जीवन में अनुशासन बहुत महत्वपूर्ण है। सैनिक स्कूल इसका सशक्त माध्यम बन सकता है। इसलिए हमें सैनिक स्कूल की श्रृंखला को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल के प्रशासन को कोविड-19 के बावजूद इस कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए बधाई देते हुए कहा कि यद्यपि यह कार्यक्रम उतना भव्य नहीं हो पा रहा है, परन्तु डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अनेक छात्र-छात्राएं इस कार्यक्रम से जुड़े हैं। पूरे वर्ष कौन-कौन से कार्यक्रम होंगे इसकी रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई है। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से सैनिक स्कूल प्रशासन को आश्वस्त करते हुए कहा कि देश के इस पहले सैनिक स्कूल के सर्वांगीण विकास के प्रति किसी प्रकार की कोई कोताही नहीं होगी न ही किसी प्रकार की कोई लापरवाही बरतने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वे स्वयं प्राथमिकता के आधार पर इसके सभी कार्यों की समीक्षा करेंगे, ताकि यह सैनिक स्कूल देश के लिए एक रोल मॉडल बन सके। इसके विकास के लिए जो भी योजनाएं सैनिक स्कूल की ओर से शासन के स्तर पर प्रस्तुत होंगी। प्रदेश सरकार उनमें पूरी मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक स्कूल से निकले पूर्व और वर्तमान सैनिक, प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े हुए अधिकारीगण व समाजसेवी, सभी आत्मिक भाव के साथ इस सैनिक स्कूल से जुड़ें। उन्होंने कहा कि यह हम सबका दायित्व है कि हम सभी एक कड़ी के रूप में जुड़ें, ताकि राष्ट्ररक्षा, समाज सेवा या किसी भी प्रकार की आपदा या विपत्ति का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हो सकें। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने सैनिक स्कूल परिसर पहुंचकर शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने परिसर में पौधारोपण भी किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हीरक जयन्ती प्रतीक चिन्ह का विमोचन भी किया। इस अवसर पर उन्होंने डाक विभाग द्वारा जारी विशेष कवर का अनावरण भी किया। कार्यक्रम के अन्त में मुख्यमंत्री जी को स्कूल प्रशासन की ओर से प्रतीक चिन्ह भी भेंट किया गया। कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने भी सम्बोधित किया। धन्यवाद ज्ञापन राज्यमंत्री माध्यमिक शिक्षा श्रीमती गुलाब देवी द्वारा किया गया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, मण्डलायुक्त लखनऊ मुकेश मेश्राम, सैनिक स्कूल के प्रधानाचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल उदय प्रताप सिंह, उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ले0ज0 रविन्द्र प्रताप साही सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में सैनिक स्कूल के छात्र-छात्राएं, शिक्षक इत्यादि मौजूद थे।


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