आईआईएमसी ने अपना 56वां स्थापना दिवस मनाया

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप केंद्र और राज्य विश्वविद्यालयों के साथ परामर्श करके पत्रकारिता और जनसंचार को संशोधित करने का बीड़ा उठाए आईआईएमसी : चेयरमैन, आईआईएमसी



सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा-2020 के तहत मंत्रालय से संंबंधित संस्थाओं को स्वच्छता के लिए सम्मानित किया जिसमें पहला स्थान आईआईएमसी को प्राप्त हुआ। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव श्री अमित खरे ने आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो संजय द्विवेदी को यह सम्मान प्रदान किया।  (फोटो : ट्विटर)

नई दिल्ली (पी आई बी)। भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) ने सोमवार 17 अगस्त 2020 को अपना 56वां स्थापना दिवस मनाया। देश भर में इसके क्षेत्रीय केंद्रों और दिल्ली स्थित मुख्यालय में ऑनलाइन कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की गई। आईआईएमसी के चेयरमैन और भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में सचिव अमित खरे द्वारा स्थापना दिवस व्याख्यान दिया गया। श्री खरे ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) - दर्शन और मार्गदर्शक सिद्धांत, और देश में संचार शिक्षा के लिए इसके क्या मायने हैं इस विषय पर बात की। एनईपी को देखते हुए श्री खरे ने आईआईएमसी को प्रोत्साहित किया कि वो केंद्र और राज्य विश्वविद्यालयों के साथ परामर्श करके पत्रकारिता और जनसंचार को संशोधित करने का बीड़ा उठाए। इसके अलावा उन्होंने पत्रकारिता और जनसंचार के उभरते क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी-संचालित शिक्षा और ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के निर्माण और राष्ट्रीय शैक्षिक मंचों के लिए सामग्री तैयार करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने मीडिया छात्रों के उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण पर जोर दिया जिससे एक बेहतर विश्व दृष्टिकोण विकसित हो। श्री खरे ने सुझाव दिया कि आईआईएमसी को अनुसंधान और प्रशिक्षण के लिए आईसीएसएसआर, जेएनयू जैसे प्रमुख संस्थानों के साथ सहयोग करना चाहिए। इस कार्यक्रम की शुरुआत आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो संजय द्विवेदी के स्वागत भाषण के साथ की गई और इसका समापन एडीजी के सतीश नंबूदरीपाद के धन्यवाद के साथ हुआ।


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