मुख्यमंत्री ने कानपुर में कोविड-19 के दृष्टिगत जिलाधिकारी को सहयोग प्रदान करने हेतु विशेष सचिव स्तर के 2 अधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए 

मुख्यमंत्री के टीम 11 को निर्देश :


> जिन निजी मेडिकल कॉलेजों में कोविड चिकित्सालय स्थापित किए गए हैं, वहां की व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा एक नियंत्रक अधिकारी नामित किया जाए।


> एल-2 व एल-3 कोविड अस्पतालों में आईसीयू बेड्स की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


> सभी अस्पतालों में फायर सेफ्टी के सभी मानक पूरे हों।


> बाढ़ प्रभावित व जलमग्न इलाकों में लोगों को समय से राहत पहुंचाई जाए।


> सभी जनपदों में खाद व कृषि से जुड़ी अन्य सामग्री की उपलब्धता बनी रहे।



उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 10 अगस्त 2020 को अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए।  (फोटो : ए एन आई)


लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने समस्त कोविड अस्पतालों में गुणवत्तापरक चिकित्सा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि आवश्यकतानुसार इन अस्पतालों में अतिरिक्त चिकित्साकर्मियों की तैनाती की जाए। उन्होंने सभी जनपदों में कोविड-19 के दृष्टिगत एल-2 व एल-3 कोविड अस्पतालों में बेड्स की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि इन अस्पतालों में आईसीयू बेड्स की भी पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री योगी सोमवार 11 अगस्त 2020 को अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन निजी मेडिकल कॉलेजों में कोविड चिकित्सालय स्थापित किए गए हैं, वहां की व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा एक नियंत्रक अधिकारी नामित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद कानपुर नगर तथा लखनऊ में कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने तथा चिकित्सा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के कार्यों में सम्बन्धित जिलाधिकारी को सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से दोनों जनपदों में विशेष सचिव स्तर के 2 - 2 अधिकारी तैनात किए जाएं। इसके अलावा जनपद वाराणसी, प्रयागराज, बरेली, गोरखपुर तथा बहराइच में भी सम्बन्धित जिलाधिकारी को सहयोग प्रदान करने के लिए विशेष सचिव स्तर का 1 अधिकारी तैनात किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए सभी प्रयास जारी रखे जाएं। कोरोना वायरस से लोगों को सुरक्षित रखने के लिए जनता को निरन्तर जागरुक किया जाए। टीवी, रेडियो, समाचार पत्रों, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, पोस्टर बैनर आदि के माध्यम से लोगों को जानकारी प्रदान की जाए। मास्क के अनिवार्य उपयोग, दो गज की दूरी बनाए रखने के सम्बन्ध में आमजन को लगातार जागरुक किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी अस्पतालों में फायर सेफ्टी के सभी मानक पूरे हों। इसके साथ ही, अस्पतालों में अन्य सुविधाएं भी तय मानकों के अनुरूप हों। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बाढ़ प्रभावित व जलमग्न इलाकों में लोगों को समय से राहत पहुंचाई जाए। बाढ़ प्रभावित इलाकों में आवश्यकतानुसार शरणालय स्थल भी तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि सभी जनपदों में खाद व कृषि से जुड़ी अन्य सामग्री की उपलब्धता बनी रहे। इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, स्वास्थ्य राज्य मंत्री अतुल गर्ग, मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, पुलिस महानिदेशक हितेश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ रजनीश दुबे, अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास तथा पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री  संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव पशुपालन भुवनेश कुमार, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।