प्रदेश में 01 अगस्त, 2020 को एक दिन में कुल 1,14,822 टेस्ट किए गए

> प्रदेश में सर्विलांस की कार्यवाही के तहत 7,64,82,797 लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग की गयी है।


> ई-संजीवनी के माध्यम से 578 लोगों को टेलीमेडिसिन सेवाएं उपलब्ध करायी गयीं।


> बाढ़ के सम्बन्ध में वर्तमान में किसी प्रकार की चिन्ताजनक परिस्थिति परिलक्षित नहीं है।


> बाढ़ प्रभावित जनपदों में 96 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गये हैं।


लखनऊ (सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग)। राज्य में कोविड-19 के संक्रमण के नियन्त्रण व उपचार के लिए टेस्टिंग का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है। प्रदेश में कल, 01 अगस्त, 2020 को एक दिन में कुल 1,14,822 टेस्ट किए गए। यह टेस्ट आरटीपीसीआर, ट्रू नेट मशीनों तथा रैपिड एण्टीजन टेस्ट के माध्यम से किए गए। राज्य में अब तक कोविड-19 के कुल 25,33,631 टेस्ट किए जा चुके हैं। यह जानकारी देते हुए रविवार 2 अगस्त 2020 को यहां एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में विगत 24 घण्टे में कोविड-19 के 3,953 नए मामले आए हैं। साथ ही, कोविड-19 के उपचार के बाद संक्रमण से मुक्त हो चुके 1,861 व्यक्तियों को डिस्चार्च किया गया है। उन्होंने बताया कि पूल टेस्ट के अन्तर्गत 3,460 पूल की जांच की गयी। इसमें 3,175 पूल 05-05 सैम्पल के तथा 285 पूल 10-10 सैम्पल के थे। प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में कोविड-19 के 38,023 मामले एक्टिव हैं। इनमें से 11,046 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। 1,255 मरीजों का प्राइवेट अस्पताल तथा 120 मरीजों का एल-1 सेमीपेड फैसल्टी में इलाज किया जा रहा है। शेष मरीजों को एल-1, एल-2 तथा एल-3 के कोविड डेडीकेटेड अस्पतालों में उपचार हो रहा है। अब तक 53,168 मरीजों का पूरी तरह से उपचार किया जा चुका है। प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में सर्विलांस की कार्यवाही के अन्तर्गत 2,10,447 टीम के द्वारा 1,51,19,410 घरों का सर्वेक्षण किया गया। इसके तहत 7,64,82,797 लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग की गयी है। उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु एप के माध्यम से 6,42,560 कॉल के माध्यम से लोगों से सम्पर्क किया गया है। 01 अगस्त, 2020 को 'ई-संजीवनी' के माध्यम से 578 लोगों को टेलीमेडिसिन सेवाएं उपलब्ध करायी गयीं। अब तक 15,344 व्यक्ति टेलीमेडिसिन सेवाओं द्वारा लाभान्वित हुए हैं। प्रवक्ता ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 14 जनपदों बाराबंकी, अयोध्या, कुशीनगर, गोरखपुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, आजमगढ़, गोण्डा, बस्ती, मऊ, संतकबीर नगर, सीतापुर, सिद्धार्थनगर तथा बलरामपुर के 455 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें से 98 गांव मैरुण्ड हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ के सम्बन्ध में वर्तमान में किसी प्रकार की चिन्ताजनक परिस्थिति परिलक्षित नहीं है। प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने बाढ़ राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को फसल क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को तत्काल कृषि निवेश अनुदान दिए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में जनता को बाढ़ से बचाव के सम्बन्ध में जागरूक किया जाए तथा लाउडहेलर / माइक से एलर्ट किया जाए। मुख्यमंत्री जी ने राज्य स्तर पर स्थापित एकीकृत आपदा नियन्त्रण केन्द्र का 24 घण्टे संचालन किए जाने तथा जनपद स्तर पर स्थापित कन्ट्रोल रूम के माध्यम से बाढ़ की स्थिति की निरन्तर समीक्षा किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। प्रवक्ता ने कहा कि बाढ़ प्रभावित जनपदों में 96 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गये हैं। विगत 24 घण्टों में 15,550 फूड पैकेट बांटे गए हैं। अब तक कुल 23,150 फूड पैकेट तथा कुल 6,996 खाद्यान्न किट वितरित की गयी हैं। बीते 24 घण्टे में 20,390 मीटर तिरपाल सहित अब तक कुल 50,991 मीटर तिरपाल वितरित किया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वितरित की जा रही खाद्यान्न किट में 10 किलोग्राम आटा, 10 किलोग्राम चावल, 10 किलोग्राम आलू, 05 किलोग्राम लाई, 02 किलोग्राम भुना चना, 02 किलोग्राम अरहर की दाल, 500 ग्राम नमक, 250 ग्राम हल्दी, 250 ग्राम मिर्च, 250 ग्राम धनिया, 05 लीटर केरोसीन, 01 पैकेट मोमबत्ती, 01 पैकेट माचिस, 10 पैकेट बिस्किट, 01 लीटर रिफाइण्ड तेल, 100 टैबलेट क्लोरीन एवं 02 नहाने के साबुन दिए जा रहे हैं। प्रवक्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 653 बाढ़ चौकियां स्थापित की गयी हैं तथा बाढ़ से राहत एवं बचाव के लिए 835 नावें उपयोग में लाई जा रही हैंविगत 24 घण्टों में 02 पशु शिविर स्थापित किए गये हैं। अब तक कुल 23 पशु शिविर बनाए गये हैं। बीते 24 घण्टे में 975 पशुओं के टीकाकरण के साथ ही अब तक कुल 3,66,856 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि बाढ़ प्रभावित जनपदों में सर्च एवं रेस्क्यू के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा पीएसी की कुल 16 टीमें लगाई गयी हैं। इसके अलावा, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 188 मेडिकल टीमें भी कार्य कर रही हैं।


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