एसआईआईसी आईआईटी कानपुर ने टीआईडीई 2.0 कार्यक्रम के अंतर्गत हैक एंड रिबूट हैकाथॉन वेबिनार आयोजित किया

> हैकाथन का मुख्य उद्देश्य कोविड-19 के पश्चात आने वाली चुनौतियों का तकनीकी रूप से समाधान करना है।


> प्रो संदीप शुक्ला ने हार्डवेयर की आपूर्ति श्रृंखला को सक्रिय करने पर जोर दिया।


> एनटीटी डाटा और एसआईआईसी आईआईटी कानपुर की भागीदारी से हम अत्यंत गर्वान्वित : डॉ मणीन्द्र अग्रवाल, संचालन निदेशक, सी3आई हब आईआईटी कानपुर


> प्रतियोगिता में भाग लेने की अंतिम तिथि 12 सितंबर है।


 


डिजिटल अवसंरचना, जिस पर दुनिया भर के व्यवसायों ने लंबे समय तक भरोसा किया है और डिजिटल उपकरण जो दूर से कनेक्ट करने के लिए उपयोग किए जाते हैं, साइबर हमलों के लिए सबसे महत्वपूर्ण और प्रवण बन गए हैं।


 


हैकाथॉन के नतीजे 10 अक्टूबर को बताए जाएंगे जिसमें :


> सफल प्रतिभागियों को 1 करोड़ तक कि इन्क्यूबेशन सहायता मिलेगी।


> प्रोटोटाइप बनाने के लिये 10 लाख की मदद।


> टीम के दो साथियों को 25 - 25 हज़ार की फ़ेलोशिप सहायता।


> अंतिम वर्ष के छात्र - छात्राओं को एसआईआईसी की इंक्यूबेटेड कम्पनियों के साथ इंटर्नशिप करने का अवसर आदि प्रदान किया जायेगा।



कानपुर (इन्फो सेल, आईआईटी कानपुर)। स्टार्टअप इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी), आईआईटी कानपुर द्वारा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समर्थित टीआईडीई 2.0 कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर की सबसे बड़ी डिजिटल हैकाथन हैक एंड रिबूट का आयोजन किया जा रहा है। इस हैकाथन का मुख्य उद्देश्य कोविड-19 के पश्चात आने वाली चुनौतियों का तकनीकी रूप से समाधान करना है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, साइबर सुरक्षा एवं वित्तीय समावेशन क्षेत्रों के लिए स्वदेशी समाधान बनाने पर बल दिया जा रहा है।  प्रतिभागियों को सहयोग प्रदान करने हेतु आयोजित की जा रही वेबिनार श्रृंखला में 7 सितंबर को साइबर सुरक्षा पर चर्चा हुई। वेबिनार का सी3आई हब आईआईटी कानपुर के संचालन निदेशक पद्मश्री डॉ मणीन्द्र अग्रवाल ने किया। प्रतिभागियों के साथ विचार विमर्श करते हुए वेबिनार में एनटीटी डाटा के सीनियर वाईस प्रेसिडेंट डॉ हर्ष विनायक ने कहा कि साइबर सुरक्षा हेतु सदैव संशय में रहें और किसी भी तकनीकी यंत्र पर विश्वास ना करें। उन्होंने बताया कि एनटीटी डाटा ने एसआईआईसी के साथ भागीदारी का लगभग एक वर्ष पूरा किया है और इस भागीदारी से वह अत्यंत गर्वान्वित हैं। प्रो संदीप शुक्ला ने प्रतिभागियों से भारतीय सेमीकंडक्टर उद्योगों से सम्बन्धित जरूरतों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा और हार्डवेयर की आपूर्ति श्रृंखला को सक्रिय करने पर जोर दिया। इसी चर्चा मंं प्रो देबदीप मुखोपाध्याय ने अंतरराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा इमेजिंग आधारित तकनीक पर विचार प्रस्तुत किये। तत्पश्चात डॉ मणीन्द्र अग्रवाल ने प्रतिभागियों को इस हैकाथन में बढ़-चढ़कर भाग लेने को कहा। तीन चरणों में आयोजित हो रही इस हैकाथॉन के नतीजे 10 अक्टूबर को बताए जाएंगे। सफल प्रतिभागियों को 1 करोड़ तक कि इन्क्यूबेशन सहायता मिलेगी। इस सहायता के अंतर्गत आविष्कार हेतु एसआईआईसी में इंक्यूबेट होने का अवसर, प्रोटोटाइप बनाने के लिये 10 लाख की मदद, टीम के दो साथियों को 25 - 25 हज़ार की फ़ेलोशिप सहायता, अंतिम वर्ष के छात्र - छात्राओं को एसआईआईसी की इंक्यूबेटेड कम्पनियों के साथ इंटर्नशिप करने का अवसर आदि प्रदान किया जायेगा। प्रतियोगिता में भाग लेने की अंतिम तिथि 12 सितंबर है। अधिक जानकारी हेतु कृपया इस वेबलिंक पर जाएं - https://siicincubator.com/hackandreboot/